मां बेटी ने उपलब्धियों से बनाया यूनिक रिकॉर्ड : स्टार रिकॉर्ड बुक ऑफ इंटरनेशनल में पाया महत्वपूर्ण स्थान : लॉकडाउन में हासिल की बड़ी उपलब्धि , गणमान्य लोगों ने दी बधाई

राकेश छोकर / नई दिल्ली
दृढ़ संकल्प, इच्छा शक्ति, मजबूत इरादों से निश्चित ही असम्भव भी संभव हो जाया करते हैं।वहीं संस्कारों का प्रभाव भी भावी पीढ़ी पर साफ़तौर पर देखा जा सकता हैं।जी हाँ, अपने बुलंद इरादों की तस्वीरे गढ़ती रही ,प्रमुख पर्यावरणविद डॉ संजीव कुमारी किसी परिचय की मोहताज नहीं।उन्होंने एक बार फिर यूनिक रिकॉर्ड बनाकर अपनी काबलियत के झंडे गाड़ दिये हैं।उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए, उनकी आठ वर्षीया बेटी ने भी यूनिक रिकॉर्ड बनाते हुए, अपनी विशिष्ट योग्यता का परिचय दिया है।
हरियाणा से जनपद पानीपत निवासी प्रमुख पर्यावरणविद डॉ संजीव कुमारी ने वैश्विक आपदा से उपजे हालातों के बाद लॉक डाउन पीरियड में समय का सदुपयोग करते हुए इंटरनेशनल स्तर पर 50 से अधिक इंस्टिट्यूट एवं ऑर्गेनाइजेशन से विशिष्ट सम्मान पत्र पाये हैं।इसमें डब्लू. एच. ओ. ,यू. एन. ओ. ,यूनिवर्सिटीज आदि शामिल हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, तभी उनके इस यूनिक रिकॉर्ड को स्टार बुक ऑफ इंटरनेशनल में दर्ज किया गया है। इससे पूर्व भी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनकी पुस्तक पर्यावरण सतसई ” झड़ते पत्ते” रिकॉर्ड के रूप में शामिल हो चुकी है।राजकीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित हो चुकी है। उनकी इस उपलब्धि से देशभर में खुशी की लहर है।
यही नहीं उन्हीं के नक्शे कदम को अपनाते हुए उनकी 8 वर्षीय पुत्री बेबी सानवी ने भी लॉकडाउन पीरियड में सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए 40 से अधिक विशिष्ट सम्मान पत्र हासिल कर यूनिक रिकॉर्ड दर्ज कराया है। उनका यह रिकॉर्ड भी स्टार रिकॉर्ड बुक ऑफ इंटरनेशनल में दर्ज किया गया है ।बेबी सानवी की अल्पायु में मिली इस उपलब्धि से लोग चकित हैं।माँ, बेटी द्वारा यूनिक रिकॉर्ड बनाये जाने पर गणमान्य जनों ने उन्हें बधाई प्रेषित की है।

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