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उगता भारत न्यूज़

देश के 10 सबसे गंदे शहरों में से 6 जिले अकेले बिहार के , हिंदू महासभा नेता योगी जय नाथ बोले : लालू हों या नीतीश ये दोनों ही बिहार का दुर्भाग्य हैं

पटना । बिहार में सुशासन बाबू के नाम से विख्यात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दावों की पोल खुलती जा रही है । अब पता चला है कि देश के सबसे गंदे 10 शहरों में से 6 जिले अकेले बिहार के हैं। इस तथ्य की जानकारी मिलने पर बिहार के लोगों में भी भारी रोष है । इस प्रकार के सर्वेक्षण के तथ्यों की जानकारी मिलने पर बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। नीतीश कुमार के विरोधी और खासतौर से लालू प्रसाद यादव को उन पर हमला बोलने का एक बहुत ही अच्छा मुद्दा मिल गया है।

भारत में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के ताजा नतीजों के अनुसार पिछले 4 वर्ष से निरंतर सबसे अधिक स्वच्छ शहर के रूप में स्थान पाने वाला मध्यप्रदेश का इंदौर इस बार भी अपना सम्मान पूर्ण स्थान बचाने में सफल रहा है। वहीं बिहार के जिलों की बदहाली इस बार भी सर्वेक्षण में सामने आ गई। राज्य के छह जिले देश के 10 सबसे गंदे शहरों की लिस्ट में रखे गए हैं। अब इसे लेकर बिहार के राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोला है। इनमें सबसे आगे रहे हैं मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव।
वैसे ही लालू प्रसाद यादव एक ऐसे राजनीतिज्ञ हैं जो अपने विरोधी पर सदा हावी रहने का प्रयास करते हैं उन्हें मुद्दा मिले या ना मिले बिना मुद्दा के भी वह अपने विरोधी को कई बार गिरने का सफल प्रयास करते हुए दिखाई देते हैं।
बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 लाख से कम आबादी वाले सबसे गंदे जिलों में बिहार के छह जिले रखे गए हैं। इनमें गया, बक्सर, भागलपुर, परसा बाजार, बिहारशरीफ और सहरसा शामिल हैं। लालू ने शुक्रवार को ट्वीट कर एक फोटो शेयर कर बिहार के गंदे जिलों की लिस्ट साझा की। ट्वीट में उन्होंने सीएम नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “का हो नीतीश-सुशील? इसका दोष हमें नहीं दोगे क्या? शर्म तो नहीं आ रही होगी इस कथित सुशासनी और विज्ञापनी सरकार के लोगों को?”
अखिल भारत हिंदू महासभा के नेता और पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री योगी जय नाथ जी महाराज ने भी प्रदेश सरकार के सुशासन का मखौल उड़ाते हुए कहा है कि जनता को गुमराह करके सत्ता प्राप्त करना आसान है , परंतु जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना दूसरी बात है । उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सच्चाई अब लोगों को पता चल चुकी है और लोगों ने यह भी समझ लिया है कि नीतीश हों या लालू हों यह बिहार का दुर्भाग्य हैं , इससे आगे कुछ नहीं।

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