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भारतीय संस्कृति

चीर से कृष्ण बना डाला, चरित्र से अपने बच्चों को कब कृष्ण बनाओगे

* योगीराज श्री कृष्ण जी महाराज के जन्म दिवस पर विशेष
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आज से 1 दिवस पश्चात 11 अगस्त को योगीराज_श्री कृष्ण का 5249 वा जन्मोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन क्या हम सच्चे स्वरूप में गीता के उपदेशक ,महाभारत के नायक के जन्मदिवस को मनाते हैं|

महान क्रांतिकारी लाला लाजपत राय ने ,एक बार कहा था कि…..

“दुनिया के महापुरुषों पर उनके विरोधियों ने अत्याचार किए झूठी तोहमत लगाई ,चरित्र को कलंकित किया लेकिन श्री कृष्ण भगवान पर उनके भक्तों के द्वारा ही अत्याचार किया गया है, चरित्र पर लांछन लगाए हैं ”

कोई श्री कृष्ण को माखन चोर बतलाता है ,तो कोई नहाती हुई गोपियों के वस्त्र चुराने वाला बतलाता है, कोई कहता है श्री कृष्ण के 16000 पत्नियां थी, तो कोई कहता है श्रीकृष्ण ने कुब्जा दासी के साथ समागम किया| शर्म आनी चाहिए हमको योगीराज श्रीकृष्ण पर झूठे अश्लील आचरण का आरोप लगाने के लिए |

यह सब अनाचारी पाखंडी लोगों की करतूत है उन्होंने श्री कृष्ण के चरित्र को गलत तरीके से पेश किया है ,अपने दुष्ट कर्मों, अनाचार को भक्ति सिद्ध करने के लिए | आप महाभारत को पढ़ेंगे तो ऐसा कोई उल्लेख नहीं है जिससे श्री कृष्ण के चरित्र पर कोई उंगली भी उठा सके , महाभारत काल के सभी ऋषि महर्षियों, योद्धा, राजा ,महाराजाओं में सबसे उत्तम चरित्र योगीराज श्री कृष्ण महाराज का ही था |

श्री कृष्ण भगवान का पूरा जीवन अधर्म के नाश तथा धर्म की स्थापना में चला गया 21 वर्ष की की आयु में कंस को मार विधिवत शिक्षा 3 वर्ष में संदीपन_ऋषि के आश्रम में पूरी करने के ………… पश्चात….

इसके पश्चात मगध के शक्तिशाली राजा जरासंध की चुनौती मिल गई जो आए दिन मथुरा पर आक्रमण करता था 100 राजाओं की नर बलि देने का जिसने प्रण ले रखा था फिर भीम के सहयोग से उसको ठिकाने लगाया| 12 वर्ष के घोर ब्रह्मचर्य के पालन से प्रद्युम्न जैसी तेजस्वी संतान उत्पन्न की|

जब जीवन में कुछ सुख आया इसके पश्चात कौरव पांडव का महासंग्राम छिड़ गया जिसे रोकने का भी अपनी राजनीति से टालने पूर्ण प्रयास योगीराज श्री कृष्ण ने किया| राधा को उस से जोड़ दिया गया, श्री कृष्ण एक पत्नी व्रत धारी थे उनकी केवल रुकमणी एक ही पत्नी थी|

अब आप ही बताइए कि क्या ऐसा महापराक्रमी , सुदर्शन चक्र धारी श्री कृष्ण अनाचारी, माखन चोर हो सकता है क्या वह नहाती हुई महिलाओं के वस्त्र चुरा सकता है उस काल में| जिस नंद के यहां श्री कृष्ण का लालन-पालन हुआ वह यादव राजा वासुदेव का परम मित्र था उसके पास 900000 गाय थी गोकुल में जिसके घर में 900000 गाय हो क्या वह दूसरों का माखन चुरा लेगा ,अपनी बुद्धि से विचार कीजिए|

योगीराज श्री कृष्ण राजनीति शास्त्र ,कूटनीति युद्ध शास्त्र War_tacticsके ,मल्लविद्या के महान ज्ञाता थे| आज जब भारत वर्ष में षड्यंत्र के बादल मंडरा रहे हैं हमें योगीराज के इसी पराक्रमी चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए| अपने सुकुमार बच्चों को अपने मनोविनोद के लिए श्री कृष्ण के कपड़े या मोरध्वज की वेशभूषा में ना सजाइए ,भगवान श्री कृष्ण के पावन चरित्र से उनको अवगत कराइए| भारतीय संस्कृति में चित्र की नहीं चरित्र की पूजा की गई है सदियों से| हमारे अज्ञान के कारण महाभारत का नायक दही-हांडी फेस्टिवल फैंसी ड्रेस कंपटीशन पर सिमट कर रह गया है इस आज के इंडिया में, कुछ बच्चे तो श्री कृष्ण को कार्टून करैक्टर मात्र ही मानते हैं इसमें दोष बच्चों का नहीं हमारा है विचार कीजिए|

*आर्य सागर खारी*✒✒✒

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