जमशेदपुर । (संवाददाता ) नरेंद्र मोदी विचार मंच के झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष धनपति महतो ने कहा है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की जनसंख्या का 70% भाग गांवों में निवास करता है । गांव का किसान यदि खुशहाल रहेगा तो हम एक खुशहाल भारत का निर्माण करने में सफल होंगे । इसके लिए आवश्यक है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को साकार करते हुए सभी नदियों को परस्पर जोड़ा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक किसान के खेत को पानी उपलब्ध कराया जाएगा ।
उन्होंने ‘उगता भारत’ के साथ बातचीत करते हुए कहा कि किसान के लिए अभी तक इस प्रकार पानी उपलब्ध कराया गया है उससे हमने भूगर्भीय पेयजल को क्षतिग्रस्त कर दिया है । जो कि नहीं होना चाहिए था । यदि हम नदियों में वर्षा जल को संचित करें और उसे फिर धीरे-धीरे साल भर खेतों में पहुंचाने का काम करते रहें तो यह एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय होगा । जिसके लिए वर्तमान केंद्र सरकार को अपने आदर्श पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को साकार करने के लिए काम करना चाहिए । उन्होंने कहा कि हमारे पास कोयला है , नदियां हैं , अच्छी वर्षा भी देश में होती है, इन सबके उपरांत भी किसान यदि भूखा मरता है और उसका खेत सूखा रहता है तो यह हमारी सारी व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है ।निश्चय ही कहीं ना कहीं व्यवस्था में दोष है इसको ढूंढने के लिए हमें कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश में प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं, इसके अलावा यहां की ग्रेनाइट सोने चांदी की खानें भी देश की गरीबी को दूर करने के लिए पर्याप्त हैं । इसके अतिरिक्त यहां की वन संपदा पर पूरे भारत को नाज होना चाहिए। जिससे वन औषधि तैयार कर हम न केवल भारत को बल्कि सारे संसार को निरोग रख सकते हैं । जिससे मिलने वाले राजस्व से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि न तो प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान दे रही है और ना ही केंद्र सरकार कुछ कर रही है । श्री महतो ने कहा कि हमें देसी शराब में लगे व्यापारियों को बढ़ावा देना चाहिए और विदेशी शराब को देश में बिकने से रोकना चाहिए । इससे भी हमें राजस्व की प्राप्ति होगी और साथ ही देश के लोगों की भी आर्थिक स्थिति अच्छी बनेगी।

बहुत से लेख हमको ऐसे प्राप्त होते हैं जिनके लेखक का नाम परिचय लेख के साथ नहीं होता है, ऐसे लेखों को ब्यूरो के नाम से प्रकाशित किया जाता है। यदि आपका लेख हमारी वैबसाइट पर आपने नाम के बिना प्रकाशित किया गया है तो आप हमे लेख पर कमेंट के माध्यम से सूचित कर लेख में अपना नाम लिखवा सकते हैं।