चिंतन : कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव वालों के भागने की स्थिति में उन्हीं से बीमारी पर होने पर खर्च की वसूली हो

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार

एक तरफ केंद्र और राज्य सरकारें कोरोना को परास्त करने कमर कसे हुए हैं, लेकिन कोरोना पीड़ित इधर-उधर भाग औरों के जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस और डॉक्टर को जनसेवा छोड़ उन्हें तलाशने के लिए भागना पड़ रहा है। ऐसे भगोड़े जब पकड़ आएं, उस स्थिति में उन पर हुए खर्चे की भरपाई उन्हीं से उसी भांति की जाए जिस प्रकार उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दंगाइयों से दंगों में हुए नुकसान की भरपाई कर रही है। क्योकि यह भी एक गंभीर अपराध है। हालाँकि यह कोई अच्छी बात नहीं होगी, लेकिन बीमारी को छुपाकर दूसरे स्वस्थ लोगों को बीमार कर स्थिति को विस्फोटक बनाने में ये भगोड़े पीड़ित योगदान दे रहे हैं। जब तक केंद्र और राज्य सरकारें इस तरह के सख्त कदम नहीं उठाएगी, लॉक डाउन से कोई लाभ नहीं होने वाला।

21 दिन के लॉकडाउन के बीच गुरुवार(मार्च 26, 2020) को जयपुर में एक नया कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया। जिसके बाद शुक्रवार(मार्च 27, 2020) शाम से रामगंज इलाके में रहमानिया मस्जिद से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा दिया गया, क्योंकि वो वहाँ पर नमाज पढ़ने जाया करता था। इस संबंध में डीसीपी नार्थ डॉ राजीव पचार ने आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार(मार्च 27) शाम सात थानों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जिसमें सुभाष चौक, रामगंज, कोतवाली, माणकचौक, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़ व गलता गेट इलाके शामिल हैं।

परिवार में 32 लोग, 12 दिन तक मस्जिद में नमाज: संपर्क में आए हजारों लोग की खोज में प्रशासन

रामगंज में पॉजिटिव केस सामने आने के बाद जयपुर में संक्रमित लोगों का आँकड़ा 9 के करीब पहुँच गया, जबकि राज्य में लगभग 50 लोग संक्रमित पाए गए हैं। रामगंज से पीड़ित व्यक्ति की पत्नी व बच्चों सहित करीब 32 जनों को एक बस में बैठाकर आईशोलेट करने के लिए एसएमएस और प्रताप नगर के आरयूएचएस अस्पताल भेज दिया गया। रामगंज का रहने वाला यह 45 वर्षीय मरीज 12 मार्च को ओमान से भारत आया था। खाँसी व बुखार के लक्षण मिलने के बाद 24 मार्च को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आइसोलेशन में शिफ्ट गिया गया।

रामगंज में इस केस के सामने आने के बाद यहाँ आवाजाही बंद कर दी गई है। अब बड़ी चौपड़ से रामगंज की तरफ रास्ता बंद कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा व डीसीपी डॉ राजीव पचार सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे। तब करीब तीन घंटे चली मीटिंग के बाद देर रात 12 बजे कर्फ्यू की घोषणा कर दी गई।

ओमान से लौटने के बाद सीएमएचओ और मेडिकल टीम ने इस व्यक्ति को क्वारंटाइन में रहने के लिए कहा था। लेकिन, वह न केवल परिजनों और खुद के बच्चों से मिलता रहा, बल्कि दोस्तों और रिश्तेदारों से भी मिला। यहाँ तक कि नमाज पढ़ने रहमानिया मस्जिद भी गया। यहाँ नमाज पढ़कर कई लोगों से मिला। लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि गुरुवार(मार्च 26) को उसके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसके संपर्क में आए 200 से ज्यादा लोग दहशत में आ गए। इसके अलावा पूरा प्रशासन और सरकार सकते में आ गई है कि परिवार के 32 लोग जिन हजारों लोगों से मिले, उन्हें कहाँ और कैसे ढूँढा जाए।

पुलिस उन लोगों को ढूँढ़ने की पूरी कोशिश कर रही है, जो इस परिवार के 32 लोगों के संपर्क में आए थे। इसी बीच जयपुर में शुक्रवार को सामने आए एक 50 वर्षीय कोरोना मरीज ने खुद को ओमान से लौटा 45 वर्षीय कोरोना मरीज का दोस्त बताया है। उसने डॉक्टरों को बताया कि उसका दोस्त (ओमान से आए कोरोना पॉजिटिव) ने उसे बताया था कि उसकी जाँच हो चुकी है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। इसलिए वो उससे मिलने चला गया। उसने बताया कि वो ओमान से आए कोरोना पॉजिटिव मरीज दोस्त से 3-4 बार मिला था, क्योंकि उसने कहा था कि वो बिल्कुल ठीक है, उसके रिपोर्ट नॉर्मल हैं।

इधर पुलिस कोरोना पॉजिटिव मरीज के मोबाइल की कॉल डिटेल व लोकेशन के आधार पर संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के बारे में पता लगा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि अगर किसी व्यक्ति ने संक्रमित से मुलाकात की हो, तो प्रशासन को सूचना जरूर दे। इन दिनों कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, इसे रोकने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है और बार-बार लोगों से अपील कर रही है कि वो घरों में रहें और विदेश से आने के बाद 14 दिन तक आइसोलेशन में रहें, लेकिन यहाँ पिछले 3 दिनों से लॉकडाउन होने के बाद भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही थी। लोग बेपरवाह होकर सड़कों पर निकल रहे थे। सब्जी सामान राशन की दुकानों पर भीड़ लगी हुई थी।

बहरहाल 45 साल के इस व्यक्ति ने चिकित्सा विभाग का आदेश न मानकर पूरे शहर को खतरे में डाल दिया। ओमान से लौटने के बाद व्यक्ति को क्वारैंटाइन होना था, लेकिन वह दोस्तों से मिलता रहा, मस्जिद जाकर नमाज पढ़ता रहा और शहर में घूमता रहा। उसने दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह बस से जयपुर आया था। अब पुलिस बस में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों की तलाश में जुटी है।

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