Categories
राजनीति

भारत अमेरिका मित्रता दोनों देशों सहित विश्व शांति के लिए अत्यावश्यक

ओ३म्

=========
आज दिनांक 24-2-2020 को अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प का भारत की दो दिवसीय यात्रा पर अहमदाबाद आगमन हुआ। अहमदाबाद में उन्होंने 22 किमी. की यात्रा कर साबरमती की यात्रा की। इस लम्बे मार्ग पर सड़क की दोनों ओर अममदाबाद वासी उनके स्वागत में खड़े थे। जिस प्रकार से अमेरिका राष्ट्रपति जी का स्वागत किया गया वह भी अपूर्व है। इससे निःसन्देह श्री ट्रम्प तथा उनका परिवार प्रसन्न हुआ होगा। साबरमती आश्रम के बाद वह लगभग 1.25 से 1.50 लाख लोगों की जनसभा को सम्बोधित करने मोटेरा स्टेडियम गये। इस जनसभा को ‘‘नमस्ते ट्रम्प’’ नाम दिया गया था जो सटीक प्रतीत होता है। मोदी जी ने श्री ट्रंप को अपना मित्र बताया और श्री ट्रंप ने श्री नरेन्द्र मोदी जी को अपना विश्वसनीय मित्र बताया। दोनों के गले मिलने से इसकी पुष्टि भी हुई। दोनों नेताओं ने परस्पर मित्रता, सहयोग, अनेक विषयों पर सन्धियों आदि की खुलकर चर्चा व घोषणायें की। न केवल इन नेताओं में ही जोश देखा गया अपितु भारत की जनता ने भी इन दोनों नेताओं का अभूतपूर्व स्वागत किया।

अमेरिका विश्व का सर्वाधिक शक्तिशाली देश है। हमारा देश भारत चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से घिरा हुआ है। दोनों में से कोई भारत का सच्चा मित्र नहीं है। पाकिस्तान शत्रु देश है, प्रत्यक्ष है। चीन सदैव उसका साथ देता आ रहा है। वह भारत की उचित बातों की भी उपेक्षा करता है। सन् 1962 से ही उसने भारत का एक बड़ा क्षेत्र, हमारे कुछ नेताओं की गलतियों के कारण, अपने कब्जे में किया हुआ है। दोनों ही देश भारत पर आक्रमण कर चुके हैं। पाकिस्तान देश की आजादी के समय से ही भारत में आतंकवादी गतिविधियां करता रहा है जिसमें हजारों सैनिक व सिविलियन देशवासी मारे गये हैं। पाकिस्तान और बंगलादेश से अवैध घुसपैठियों भारत में आकर बस गये हैं जिनकी संख्या करोड़ों में है। हमारा विचार है कि पाकिस्तान पर भारत किसी भी स्थिति में विश्वास नहीं कर सकता। पाकिस्तान से सभी प्रकार के सम्बन्ध तोड़ देने चाहियें। किसी पाकिस्तानी नागरिक को किसी भी स्थिति में भारत का वीसा नहीं मिलना चाहिये और न ही कोई भारतीय नागरिक पाकिस्तान जाना चाहिये। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो पाकिस्तान से छद्म रूप में भारत विरोधी घुसपैठिये व लोग आते रहेंगे और उनके आने से देश कमजोर होकर गुलाम हो सकता है व भविष्य में पुनः टूट भी सकता है।

भारत में जिन बातों की तत्काल आवश्यकता है उनमें जनसंख्या नियंत्रण कानून तथा देश में अनावश्यक प्रदर्शनो ंपर रोक लगनी चाहिये और नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्यवाही व दण्ड होना चाहिये। कोई भी देश अनावश्यक प्रदर्शन का अधिकार देकर उन्नति नहीं कर सकता। ऐसे प्रदर्शनों से शान्तिप्रिय जनता के मानवीय जन अधिकारों वा मानव अधिकारों का उल्लंघन व हनन होता है। हमें आश्चर्य होता है कि देश में देशहित की बातों का भी विरोध होता है। देश विरोधी लोग विदेशी शक्तियों से अपने क्षुद्र स्वार्थों के लिये ऐसा करते हैं व अपने समर्थन में कुतर्क देते हैं। हमारा विचार है कि सरकार को पुराने कमजोर कानूनों की समीक्षा कर उन्हें बदलना चाहिये। किसी व्यक्ति के धार्मिक व अन्य कृत्यों से किसी को किंचित असुविधा नहीं होनी चाहिये। इसके लिये चीन, रूस, अमेरिका, फ्रांस आदि देशों के कानूनों का अध्ययन कर अपने देश में लागू किया जाना चाहिये और आवश्यक हो तो संविधान संशोधन किये जाने चाहिये। मनुष्य जो भी कार्य करता है उसमें सदैव न्यूनता व त्रुटि रहती है। कितना बड़ा विद्वान हो, वह अल्पज्ञ वा अल्पज्ञानी ही होता है, पूर्ण ज्ञानी व न्याय तो परमात्मा ही करता है। अल्पज्ञ मनुष्य के सभी कृत्य सदैव उचित व हितकारी नहीं हो सकते। अतः सभी कानूनों व संविधान के प्रावधानों की समय-समय पर निष्पक्ष व योग्य लोगों के द्वारा समीक्षा होती रहनी चाहिये और वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार देश हित में उचित निर्णय किये जाने चाहियें।

अमेरिका से दोस्ती होने से इस महाद्वीप में शक्ति सन्तुलन में सहयोग मिलना स्वाभाविक है। यदि अमेरिका भारत का सहयोग करता है, मित्रता के अनुरूप भारत के हित में उचित निर्णय लेता है, तो इससे पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लग सकता है। इस कारण से भारत व अमेरिका की मित्रता का अत्यधिक महत्व है। श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विश्व के अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मित्रता स्थापित कर भारत को मजबूत ही नहीं किया अपितु विश्व में भारत की विशेषताओं को भी स्वीकार कराया है। जब तक मोदी जी देश में हैं, देश व शान्तिप्रिय नागरिक सुरक्षित हैं। उनकी अनुपस्थिति में सत्ता के स्वार्थियों द्वारा देश का कितना अनिष्ठ हो सकता है, इसकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते। अतः हमें मोदी जी व उनकी सरकार को सहयोग करना चाहिये। देश में कहीं कोई देश व समाज विरोधी आन्दोलन आदि होता है तो हमें अपनी शक्ति के अनुसार उसका विरोध करना चाहिये और विरोध कर रहे लोगों का सहयोग करना चाहिये।

हमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और श्री ट्रंप जी की मित्रता से बहुत आशायें हैं। यह दोनों देशों के हित में है। इससे दोनों देशों को लाभ होगा। विश्व में शान्ति स्थापित करने में भी इससे सहायता मिलेगी। हम भारत व अमेरिका के सम्बन्धों में आशा के अनुरूप सुधार के लिये प्रसन्नता व्यक्त करते हैं। देशवासी दुष्ट प्रकृति के लोगों के प्रचार से गुमराह न हों और खुलकर मोदी जी व देश की केन्द्रीय सरकार का सहयोग करें। इसी में देश का हित है। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
maritbet giriş
maritbet giriş
interbahis giriş
interbahis giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vipslot giriş
vipslot giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
aresbet giriş
aresbet giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
Grandpashabet Giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
vipslot giriş
vipslot giriş
orisbet giriş
orisbet giriş
bahiscasino giriş
bahiscasino giriş
perabet giriş
perabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş