मंदिर में प्रेमिका को मार डाला , पकड़ा गया तीन बार का कांग्रेसी विधायक

7 मई 2016 में छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस को दो लाशें मिली। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। बाद में इन शवों की पहचान कल्पना दास (32) और उसकी बेटी पार्वती दास उर्फ बबली (14) के तौर पर हुई। अब इस मामले में पूर्व ओडिशा के विधायक अनूप कुमार साय की गिरफ्तारी हुई है। साय ओडिशा के ब्रजराजनगर क्षेत्र से तीन बार कांग्रेस का विधायक रह चुका है। फिलहाल वह सत्ताधारी बीजद से जुड़ा हुआ है।

रायगढ़ के एसपी ने बताया कि अपना राजनीतिक करियर बचाने के लिए साय ने महिला वकील कल्पना दास और उसकी बेटी की हत्या की थी। असल में, कल्पना के साथ पूर्व एमएलए साय लिव इन रिलेशन में थे। कल्पना उन पर लगातार शादी के लिए दबाव बना रही थी। इससे आजिज आकर उसने कल्पना और उसकी बेटी को छत्तीसगढ़ लाकर हत्या कर दी और इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।

पूर्व एमएलए ने पुलिस को बताया है कि कल्पना लगातार शादी और संपत्ति में हिस्से की माँग कर रही थी। हत्या वाले दिन वे उसको अर्दना स्थित साईं मंदिर शादी करने की बात कहकर लाया था। वहाँ लोहे की राड से उसने कल्पना और उसकी बेटी के सिर पर वार किया और फिर लाश की पहचान छिपाने के लिए उनके चहरे को गाड़ी से कुचल दिया।

हत्या में उसके चालक बर्मन टेप्पो भी शामिल था। वारदात में प्रयुक्त हथियार और गाड़ी अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। दोनों के शव छत्तीसगढ़ के चक्रधर नगर क्षेत्र के संबलपुरी में मिले थे। शुरुआत में पुलिस के पास इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। लेकिन डीएनए टेस्ट के बाद जैसे ही शवों की पहचान हुई पुलिस को सुराग मिलते गए। इनके सहारे जाँच आगे बढ़ी जो अनूप साय के दरवाजे पर जा पूरी हुई।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बुधवार(फरवरी 12) रात को ओडिशा के पूर्व विधायक को हिरासत में लिया। साय बीजद का ताकतवर नेता है। कांग्रेस छोड़ने के बाद उसने 2014 का चुनाव बीजद की टिकट पर लड़ा था, लेकिन हार गया। 2019 चुनावों के दौरान वह बीजद प्रमुख नवीन पटनायक की सीट बीजेपुर की कैम्पेन कमेटी का चेयरमैन था। अगस्त 2019 में उसे ओडिशा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन का चेयरमैन बना दिया गया। मर्डर केस में गिरफ्तारी के बाद उसे बीजद और कॉर्पोरेशन की चेयरमैनशिप से हटा दिया गया है।

राज्य बीजेपी के उपाध्यक्ष ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि नवीन पटनायक कार्रवाई करते हैं। उन्होंने न सिर्फ राज्य में महिलाओं के खिलाफ माहौल तैयार कर दिया है, बल्कि ज्यादातर मामलों में स्त्रियों के खिलाफ हिंसा और अपराध के आरोपी उनकी ही पार्टी से डायरेक्ट जुड़े हुए निकलते हैं। इनको अंतिम क्षण तक राज्य की पुलिस बचाने का प्रयास करती है।

मृतक महिला के पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव ने पूर्व विधायक को फाँसी देने की मांग की है। सुनील ने बताया कि उसने नवंबर 2000 में कल्पना दास के साथ प्रेम विवाह किया था। लेकिन शादी के चार साल बाद ही पारिवारिक झगड़े के चलते उन लोगों ने तलाक ले लिय। बेटी के लिए उसने कई बार कल्पना से मिलने की कोशिश की पर वह उससे बात नहीं करती थी। 2006 में उसे कल्पना और अनूप साय के बीच संबंधों की जानकारी मिली। पता चला कि साय ने कल्पना को सुंदरपदा में एक फ्लैट में रहने के लिए दिया था। उसने एक बार बेटी से मिलने की कोशिश भी की पर साय ने मिलने नहीं दिया।

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