पीके के मीडिया मैनेजमेंट से उपजे दिल्ली के एग्जिट पोल ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार

अब से कुछ ही पलों बाद दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिणाम सार्वजानिक होने वाले हैं, लेकिन अपने पैसे को हलाल करने लोग क्या-क्या खेल खेलते हैं, वह चुनावों में ही मिलता है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार का सारा दारोमदार उन्हीं की कम्पनी पर था। उन्होंने ख़ुद व्यक्तिगत रूप से परदे के पीछे से कमान संभाल रखी थी। मोदी की लोकप्रियता के कारण चुनावी गणितज्ञ का तमगा पाने वाले किशोर ने मोदी को धोखा देकर 2015 में नीतीश-लालू गठबंधन का साथ दिया था। हालिया दिल्ली चुनाव में उनके द्वारा मीडिया को मैनेज करने की ख़बर आई। प्रेस क्लब में हुई बैठक में एक-एक पत्रकार को समझाया गया कि माहौल कैसे बनाना है।

मीडिया संस्थान ‘टीवी 9 भारतवर्ष’ के संपादक ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने प्रशांत किशोर की कोर टीम के ही एक सदस्य से बातचीत की। बातचीत के दौरान पता चला कि इस बार के एग्जिट पोल्स भीषण तरीके से ग़लत होने वाले हैं। ऐसा ख़ुद दिल्ली चुनाव की कमान संभाल रहे प्रशांत किशोर की कोर टीम के सदस्य ने कहा। हालाँकि, पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने उक्त व्यक्ति का नाम जाहिर करने से इनकार कर दिया। लेकिन, इससे कई सवाल उभर कर आते हैं? क्या प्रशांत किशोर ने जनता के बीच मेहनत करने से ज्यादा मीडिया में हाइप बनाने में सारा जोर लगाया?

2014 में माहौल ही ऐसा था और नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ही इतनी थी कि उन्हें सत्ता मिली। ज्ञात हो कि केंद्र में होने वाले चुनावों में उनकी लोकप्रियता बढ़ी ही है, घटी नहीं है। इसके बाद प्रशांत किशोर बिहार पहुँचे। मीडिया ने ऐसा प्रचारित किया कि वो राजनीति के ‘चाणक्य’ हो गए हैं और उनसे बड़ा चुनावी रणनीतिकार कोई है ही नहीं। बिहार में लालू-नीतीश की जीत ने मीडिया को इस नैरेटिव को हवा देने में और मदद की। बिहार का समीकरण सीधा है। अगर दो प्रमुख दल मिल जाएँ तो वहाँ सरकार बनने में दिक्कत नहीं आती। राज्य के दो सबसे बड़े जनाधार वाली पार्टियाँ मिल गईं और क्रेडिट प्रशांत ने लूटा।

दिल्ली चुनावों में एग्जिट पोल “भीषण” गलत होने जा रहे हैं।

(ये दावा अरविंद केजरीवाल का चुनाव संभाल रहे प्रशांत किशोर की अपनी कोर टीम के एक सदस्य का है। नाम ज़ाहिर नही कर सकता हूँ।)पंजाब में उन्होंने कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार किया। बादल परिवार के ख़िलाफ़ माहौल और अकाली-भाजपा सरकार की एंटी-इंकम्बेंसी का उन्होंने ख़ूब फायदा उठाया। कांग्रेस की जीत की सम्भावना पहले से ही जताई जा रही थी लेकिन प्रशांत किशोर ने फिर लहरिया लूटने की कोशिश की। मीडिया ने फिर उनका साथ दिया। आंध्र प्रदेश में किसे नहीं पता था कि जगनमोहन रेड्डी की सरकार आने वाली है? उनकी बड़ी जीत हुई और प्रशांत किशोर फिर से ख़ुद को बड़ा ‘रणनीतिकार’ साबित करने में जुट गए। श्रेय लेने के लिए वो हर उस जगह गए, जहाँ माहौल अनुरूप था।

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
betnano giriş
meritking giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
orisbet giriş
orisbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
milanobet giriş
hiltonbet giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hiltonbet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hititbet
hititbet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino
vdcasino
hititbet
hititbet
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet
hititbet giriş
betmarino
betmarino
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
norabahis giriş
celtabet giriş
celtabet giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
meybet
meybet
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino
vdcasino
meritbet giriş
meritbet giriş
vaycasino giriş
piabellacasino giriş
piabellacasino giriş
norabahis giriş
maritbet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş