Categories
उगता भारत न्यूज़

उत्तर प्रदेश: मनमोहन सिंह के जमाने में घाटे का सौदा , अमेठी की मालविका में डूबे 366 करोड़ रुपए

कांग्रेस सरकार के जमानों में सरकारी धन का किस तरह दुरुपयोग किया जाता रहा है, इसका सटीक नमूना अमेठी के मालविका स्टील का अधिग्रहण है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसके अधिग्रहण के बाद से सार्वजनिक क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) को करीब 366 करोड़ का नुकसान हो चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान मालविका स्टील के अधिग्रहण के लिए सेल को मजबूर किया गया था।

अमेठी गॉंधी परिवार का गढ़ रहा। जिस जमाने में यह अधिग्रहण हुआ उस समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गॉंधी यहॉं से सांसद हुआ करते थे। हालॉंकि पिछले आम चुनाव में उन्हें अपने गढ़ में ही भाजपा की स्मृति ईरानी से मुॅंह की खानी पड़ी थी। मालविका स्टील में निवेश के लिए सेल को यूपीए सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल (2009-2014) में राजी किया था। उसके बाद से सेल को हुए नुकसान का खुलासा कैग की हालिया रिपोर्ट से हुआ है।

संसद में पेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सेल द्वारा उत्तर प्रदेश की कंपनी मालविका स्टील का अधिग्रहण बेकार निवेश साबित हुआ है। बीमार कंपनी में जान फूँकने के लिए पीएसयू द्वारा किया गया 366 करोड़ रुपए का निवेश बेकार रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीए के कार्यकाल के दौरान जब ये फैसला हुआ था, उस समय इस पर कई लोगों ने सवाल उठाया था। साथ ही मालविका स्टील में सुधार लाने के लिए सेल का इस्तेमाल करने को राजनीतिक फैसला भी कहा गया था। लेकिन उस समय इस अधिग्रहण को ऐसे पेश किया गया जैसे इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। साथ ही इससे इलाके में औद्योगिक विकास का रास्ता भी तैयार होगा।

हालाँकि, सेल हमेशा से कहती रही कि मालविका स्टील का अधिग्रहण उसके लिए व्यावहारिक नहीं है। अधिग्रहण के वक्त ही बंद पड़ी मालविका स्टील कबाड़ का रूप ले चुकी थी। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार उस समय इस संपत्ति के इस्तेमाल का अध्ययन करने के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। इस समिति ने 2015 में बताया था कि ज्यादातर उपकरणों का 17 साल से इस्तेमाल नहीं हुआ था और वे किसी काम के नहीं थे। बताया गया था कि इससे संयंत्र का रूप देना और उसे चालू करना संभव नहीं है।

कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि सेल ने 2009 में 44.35 करोड़ रुपए में इस प्लांट का अधिग्रहण किया था। इसके बाद 94 करोड़ रुपए का निवेश इसमें और किया गया। अब तक सेल इस प्लांट पर करीब 366 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला है। दिलचस्प यह है कि 739.65 एकड़ में फैले मालविका स्टील का जमीन आज तक सेल के नाम पर ट्रांसफर नहीं हुआ है।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betgaranti giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
alobet
vegabet giriş
vegabet giriş
restbet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
roketbet giriş
imajbet giriş
ikimisli giriş
roketbet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
begaranti giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
roketbet giriş
vegabet giriş
vegabet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
Betkolik giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
Safirbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betnano giriş
norabahis giriş
betnano giriş
norabahis giriş
roketbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş