नई दिल्ली, 22 अप्रेल, 2015। बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल बजट सत्र के दूसरे चरण में पहले दिन अपने निवास स्थान से संसद तक साईकिल से गये। सांसद ने बताया कि ऎसा उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर किया है । गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले पर्यावरण कॉफ्रेन्स को सम्बोधित […]
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ये “रिप-रिप-रिप-रिप” क्या है?
सुरेश चिपलुनकर आजकल देखने में आया है कि किसी मृतात्मा के प्रति RIP लिखने का “फैशन” चल पड़ा है. ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि कान्वेंटी दुष्प्रचार तथा विदेशियों की नकल के कारण हमारे युवाओं को धर्म की मूल अवधारणाएँ, या तो पता ही नहीं हैं, अथवा विकृत हो चुकी हैं… RIP शब्द का अर्थ होता […]
तुम ‘चीखता’ के उस्ताद हो, प्यारे!
भूमि अधिग्रहण के सवाल पर कांग्रेस की रैली आशा से अधिक सफल रही, हालांकि कई टीवी चैनल खाली कुर्सियाँ बार-बार दिखा रहे थे। 19 अप्रैल का यह रविवार बेहद गर्म साबित हुआ। इतनी गर्मी में भी लोग आए और जमे रहे,यह कम बड़ी बात नहीं है। एकदम लुटे-पिटे नेतृत्व की यह पहली रैली थी। 10 […]
21 अप्रैल पर विशेष मृत्युंजय दीक्षित हिंदू धर्मो में पर्वों की एक महान श्रृंखला है जिसके अंतर्गत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। अक्षय तृतीया का पर्वो में अद्वितीय स्थान है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि इसदिन जो भी कार्य मिलते हैं उनका अक्षय […]
छः महिला चित्रकारों का सम्मान नई दिल्ली,20 अप्रेल, 2015। नई दिल्ली में आई.टी.ओ. स्थित प्यारे लाल भवन के गांधी मेमोरियल हॉल की आर्टिजन आर्ट गैलरी में आयोजित 45दिवसीय ’’स्पंदन‘‘ प्रदर्शनी के पहले चरण में आठ राज्यों की 25 महिलाओं द्वारा आयोजित अनूठी कला प्रदर्शनी सम्पन्न हुई। राजस्थान सूचना केन्द्र, नई दिल्ली के अतिरिक्त […]
लो, फिर आ गया हूँ, मैं
राहुल गाँधी की वापसी राष्ट्रीय मज़ाक बन गई है। टीवी चैनलों और अखबारों की उछल-कूद के मज़े जनता खूब ले रही है। सोनिया-परिवार के दरबारदारी अपने महान नेता का हार्दिक स्वागत कर रहे हैं। स्वागत हार्दिक है और हृदय सीने में होता है, इसलिए सीने का फूलना तो जरूरी है। बेचारे लुटे-पिटे कांग्रेसियों का सीना […]
मनुवाद से मुक्ति, शुरूआत कैसे?
मनुवादी-धार्मिक-अंधविश्वासों के चलते हर दिन सैकड़ों लोग बेमौत मारे जा रहे हैं! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ सोशल मीडिया के मार्फ़त देशभर में मनुवाद के खिलाफ एक बौद्धिक मुहिम शुरू हो चुकी है। जिसका कुछ-कुछ असर जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगा है! लेकिन हमारे लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विचारणीय सवाल यह है कि यदि […]
पुण्य प्रसून बाजपेयी पचास बरस पहले संघ के मुखिया गुरु गोलवरकर विनोबा भावे के भूदान आंदोलन को समर्थन देने बिहार पहुंचे। लेकिन चुनाव हुये तो भी जनसंघ हाशिये पर ही रहा। पैंतिस बरस पहले संघ के मुखिया देवरस के इशारे पर बाबू जगजीवनराम को पीएम बनाने का सिक्का उछला गया लेकिन बिहार में सफलता फिर […]
भारत में ही ध्यान नहीं दिया जा रहा भारत में आयात हो रहे विदेशी सांड का वीर्य भले जी सुनने में यह अजीब लगे लेकिन सच है कि भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में पाया जाने वाला ओंगोली प्रजाती का सांड ब्राजीलवाशियों के लिए सोने का अंडा बन चुका है। इस सांड के दम पर […]
छूटे हुए कारतूसों का बंडल
जनता परिवार के छह टुकड़े याने छह दल अब एक हो गए हैं। ये छह दल सिर्फ चार राज्यों में सीमित हैं। उ.प्र., बिहार, कर्नाटक और हरियाणा! यदि ये दल इसीलिए एक हो रहे हैं कि ये भाजपा को टक्कर देंगे तो पहले जरा देखें कि इन चारों प्रांतों के अलावा क्या अन्य प्रांतों में […]