-रीता उम्र खेलने-कूदने की हो और स्कूल जाकर तालीम हासिल करने की लेकिन इन पर कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इन्हें विरासत में मिली अपनी परम्परा का निर्वहन जो करना है। यही कारण है कि ये कम उम्र में ही पेट पालने तथा परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अपने नाजुक कन्धों पर लेकर शहर दर […]
Category: विविधा
वैवाहिक बलात्कार : नकली हल ?
वैवाहिक बलात्कार के बारे में आजकल वकीलों के बीच बड़ी बहस चल रही है। इस बहस में कई महिला संस्थाएं भी कूद पड़ी हैं। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने वैवाहिक बलात्कार की धारणा को स्वीकार नहीं किया है लेकिन कुछ कानूनदा लोग और मुखर महिला नेताओं का कहना है कि यह सरकार इसलिए इस मुद्दे पर […]
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना……
चाबीभरे गुड्डे का नाच पहले भूमि—अधिग्रहण विधेयक और अब अचल संपत्ति विधेयक पर आपत्ति उठाकर राहुल गांधी ने अपनी खोई जमीन फिर से पानी शुरु कर दी है। राहुल ने पहले विधेयक को पूंजीपतियों और दूसरे विधेयक को बिल्डरों के हितों की रक्षा करनेवाला बताया है। एक विधेयक को किसान—विरोधी और दूसरे को मध्यम—वर्ग विरोधी […]
विशाल धरने का आयोजन
राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता के लिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 मई को विशाल धरने का आयोजन होगा नई दिल्ली, 05 मई, 2015। राजस्थानी भाषा मान्यता समिति के अध्यक्ष के.सी. मालू ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि देश-विदेश में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली राजस्थानी भाषा को मान्यता प्रदान कर […]
‘आप’ को भी समझदार नहीं, वफादार चाहिए
-निर्मल रानी- हाईकमान कल्चर अथवा व्यक्तिगत् नेतृत्व पर आधारित राजनैतक दलों में प्राय: यह देखा गया है कि पार्टी प्रमुखों को शिक्षित, ज्ञानवान, विचारवान अथवा व्यापक जनाधार रखने वाले लोगों के बजाए अपने इर्द-गिर्द ऐसे लोगों की ज़रूरत होती है जो भले ही उपरोक्त विशेषताएं रखते हों अथवा नहीं परंतु उनमें वफादारी के लक्षण अवश्य […]
कश्मीरियत बचेगी तभी कश्मीर बच सकेगा
तनवीर जाफरी जम्मू-कश्मीर राज्य का विशेषकर कश्मीर घाटी का राजनैतिक विवाद देश की उन सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है जिसे विवादित एवं जटिल समस्याओं के लिए उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यानी न सुलझ सकने वाली समस्या की तुलना मसल-ए-कश्मीर से की जाती है। सीमांत प्रांत तथा मुस्लिम बाहुल्य राज्य […]
मोदी सरकार में कुछ तो गड़बड़ है
ब्रज किशोर सिंह मित्रों,केंद्र में मोदी सरकार कुछ ही दिनों में अपना एक साल पूरा करने जा रही है। इस अवधि में सरकार ने कई उपलब्धियाँ प्राप्त कीं मगर सवाल उठता है कि क्या वे उपलब्धियाँ जनता की आकांक्षाओं पर पूरी तरह से पूरा कर पाईँ या कहीं-न-कहीं उम्मीद से कम रहीं। विदेशों में तो […]
पुत्रजीवक, रामदेव और संसद
पुत्रजीवक बीज नामक दवा को लेकर संसद में हंगामा हुआ। हमारे विद्वान् सांसदों ने स्वामी रामदेव पर आरोप लगाए कि वे बेटा पैदा करने की दवा बेच रहे हैं याने वे बेटियों के खिलाफ हैं। वे देश में ऐसा माहौल बना रहे हैं कि जिससे कन्या-भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलता है। वे लिंग-भेद को प्रोत्साहित […]
महात्मा बुद्ध के मार्ग पर चल कर ही होगा विश्व का कल्याण : विहिप नई दिल्ली माई 4, 2015. महात्मा बुद्ध के दिखाए सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा व शांति के संदेश पर चल कर ही विश्व का कल्याण सम्भव है। बौद्ध जयन्ती पर आयोजित एक सत्संग को सम्बोधित करते हुए विहिप दिल्ली के प्रवक्ता श्री […]
राजीव कुमार शासन-प्रशासन ने एक विधवा का जीना दु:श्वार कर दिया है। उर्मिला जायसवाल मौजा खैरूद्दीनगंज (शिवाजी नगर), मकान नं0-15, थाना व कस्बाः मडि़याहूं की रहने वाली एक गरीब विधवा महिला हैं। उर्मिला जायसवाल के पति स्व0 राम दुलार गुप्ता नगर पंचायत मडि़याहूं में ट्युबेल ऑपरेटर के पद पर रहते हुये 23/03/2014 को मृत्यु को […]