नई दिल्ली जून 2. 2015 मुस्लिम त्योहारों ख़ास कर शब ए बारात के मौके पर मुस्लिम युवकों द्वारा दिल्ली की कानून व्यवस्था को ताक पर रख कर दिल्ली वासियों का जीना दूभर किए जाने की गत कुछ वर्षों की घटनाओं को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने इस बार एतिहातन कदम उठाए हैं. विहिप […]
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-डा.सौरभ मालवीय “राष्ट्र सर्वोपरि” यह कहते नहीं बल्कि उसे जीते है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। पिछले कुछ दशकों में भारतीय जनमानस का मनोबल जिस प्रकार से टूटा था और अब मानों उसमें उड़ान का एक नया पंख लग गया है और अपने देश ही नहीं दुनिया भर में […]
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये पूना पैक्ट को लागू करने के लिये भारत के संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक न्याय का उल्लेख किया गया है। जिसके क्रियान्वयन के लिये संविधान के अनुच्छेद 16 (4) में […]
विकास के मनमोहन-मोदी मॉडल से तौबा !
पुण्य प्रसून बाजपेयी साल भर पहले मनमोहन सिंह अछूत अर्थशास्त्री थे । साल भर पहले पहले जातीय राजनीति करने वाले बीजेपी के लिये अछूत थे । साल भर पहले कश्मीरी पंडितों की घरवापसी बीजेपी के लिये सबसे अहम थी । साल भर पहले किसानों के दर्द पर बीजेपी जान छिड़कने को तैयार थी । साल […]
मोदी-ममता का ढाका जाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 जून को बांग्लादेश जा रहे हैं। उनके साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जा रही हैं। यह अपने आप में इस खबर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बांग्लादेश से केंद्र सरकार अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करे, उसमें कोलकाता की सहमति न हो तो उसका हश्र क्या होगा, इसका अंदाज़ […]
गोमांस और सूअर का मांस
गृह राज्य मंत्री किरन रिजीजू ने गोमांस—भक्षण पर जो विवाद छेड़ा है, उसमें से अनेक गहरे और रोचक पहलू उभरे हैं। रिजीजू ने अपनी ही सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के विचार का खंडन किया है।यह एक ही सरकार के दो मंत्रियों की सीधी मुठभेड़ है। इस मुठभेड़ पर भाजपा […]
बीबीसी स्थापना के 75 वर्ष पूरे
तनवीर जाफरी बीबीसी अर्थात, ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन अपनी हिंदी सेवा के स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर चुका है। बीबीसी परिवार से जुड़े सभी लोग मीडिया का सिरमौर समझे जाने वाले इस विश्व के सबसे प्रमुख एवं विश्वसनीय मीडिया हाऊस की स्थापना पर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हालांकि जनवरी 2011 में बीबीसी […]
पुण्य प्रसून बाजपेयी पहली बार संघ और सरकार के भीतर यह आवाज गूंजने लगी है कि जनवरी 2016 के बाद बीजेपी का अध्यक्ष कौन होगा। और यह सवाल मौजूदा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सफलता या असफलता से हटकर प्रधानमंत्री मोदी को ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में उठे हैं। चूंकि अमित शाह को राजनाथ […]
अजा-अजजा आरक्षण स्थायी व्यवस्था
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ अजा-अजजा को सरकारी शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में मिला आरक्षण संविधान की स्थायी व्यवस्था, जबकि राजनेता और सरकार जनता को करते रहे-भ्रमित कुछ दुराग्रही लोग आरक्षण को समानता के अधिकार का हनन बतलाकर समाज के मध्य अकारण ही वैमनस्यता का वातावरण निर्मित करते रहते हैं। वास्तव में ऐसे लोगों की सही […]
विकास की अंधी दौड से, प्रकृति का नाश संभव
ओम प्रकाश प्रकृति के अवरोध कुछ तत्वों के अपनी मौलिक अवस्था में न रहने और विकृत हो जाने से प्रकट होता है। इन तत्वों में प्रमुख हैं जल, वायु, मिट्टी आदि है। पर्यावरणीय समस्याओं से मनुष्य और अन्य जीवधारियों को अपना सामान्य जीवन जीने में कठिनाई होनी है और कई बार जीवन-मरण का सवाल पैदा […]