राकेश कुमार आर्यअक्टूबर का महीना कई अर्थों में महत्वपूर्ण है, इस माह के प्रारंभ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के सबसे अधिक आदरणीय प्रधानमंत्री रहे लालबहादुर शास्त्री की जयंती दो अक्टूबर को आती है, जबकि इसी माह के अंत में देश के लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती और लौह महिला के नाम […]
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गतांक से आगे….. जिसका परिणाम निकला कि हमारे संविधानविदों ने और संविधान निर्माताओं ने अस्पृश्यता को देश और समाज के लिए एक कोढ़ माना। इसलिए अस्पृश्यता को मिटाने की और पंथ जाति व लिंग के आधार पर किसी प्रकार की असमानता का व्यवहार न होने देने की दिशा में समाज के लिए एक क्रांतिकारी कदम […]
सिद्धार्थ शंकर गौतम18 सितम्बर की शाम जैसे ही यह खबर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बनी कि ममता अपने तमाम मंत्रियों के साथ संप्रग सरकार 2 से समर्थन वापस लेंगी, केंद्र की राजनीति में उन्हें मनाने से लेकर अन्य जोड़-तोड़ के समीकरणों पर माथापच्ची होने लगी। इसी तारतम्य में बुधवार 19 सितम्बर को कांग्रेस कोर कमेटी […]
भाजपा ने संसद में यूपीए सरकार के मुखिया डा. मनमोहन सिंह को निरूत्तर कर दिया। पीएम के पास ना तो तरकश था और ना ही तीर थे। उनके साथ एक और दुर्भाग्य यह भी जुड़ गया कि पार्टी ने उनके कंधों पर तीर चलाकर आज तक कितने ही शिकार खाए। ‘मोटा माल’ लूटा, पर अब […]
महाभारत युद्ध के पश्चात् राजा युधिष्ठिर की 30 पीढिय़ों ने 1770 वर्ष 11 माह 10 दिन तक राज्य किया जिसका विवरण नीचे दिया जा रहा है:युधिष्ठिर : 36 वर्ष, परीक्षित: 60 वर्ष, जनमेजय: 84 वर्षअश्वमेध: 82 वर्ष, द्वैतीयरम: 88 वर्ष, क्षत्रमाल: 81 वर्षचित्ररथ: 75 वर्ष, दुष्टशैल्य: 75 वर्ष, उग्रसेन: 78 वर्ष, शूरसेन: 78 वर्ष, भुवनपति: […]
देश की संसद के मानसून सत्र को कोयला की कालिमा लील गयी है। हमने इस सत्र में भी वही पुराना शोर-शराबा, नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखा। किसी सकारात्मक सोच के साथ परस्पर सौहार्दपूर्ण सामंजस्य स्थापित करके एक सकारात्मक निर्णय पर पहुंचने की पहल पक्ष-विपक्ष में से किसी ने भी नही की है। पीआरएस लैजिस्लेटिव […]
द्रोपदी महाभारत की एक आदर्श पात्र है। लेकिन द्रोपदी जैसी विदुषी नारी के साथ हमने बहुत अन्याय किया है। सुनी सुनाई बातों के आधार पर हमने उस पर कई ऐसे लांछन लगाये हैं जिससे वह अत्यंत पथभ्रष्ट और धर्म भ्रष्ट नारी सिद्घ होती है। एक ओर धर्मराज युधिष्ठर जैसा परमज्ञानी उसका पति है, जिसके गुणगान […]
भारतीय संविधान में मूल कर्तव्य और वेद का राष्ट्र संगठन वेद मानवजाति के लिए सृष्टि के आदि में ईश्वरप्रदत्त संविधान हैं। अत: ऐसा नही हो सकता कि हमारा आज का मानव कृत संविधान तो नागरिकों के मूल कत्र्तव्यों का निरूपण करे और वेद इस विषय पर चुप रहे। वेदों में मानव और मानव समाज के […]
भारतवर्ष एक भौतिक भूखंड ही नही है, वह एक विचार है। भारतवर्ष का अर्थ ही अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है जो ज्ञान के प्रकाश में लीन रहकर जीवन व्यतीत करता हो, वह भारतवर्ष है। जब हम इसे इंडिया कहते हैं तो उसके पवित्र भाव कहीं दब जाते हैं। युगों युगों तक भारतवर्ष ने विश्व को […]
आने वाले आम चुनाव किसकी अगुआई में लड़े जाएंगे इस बात को लेकर कांग्रेस में अंर्तद्वंद बरकरार है। राहुल या प्रियंका के प्रश्न पर कांग्रेस बंटी हुई नजर आ रही है। कांग्रेस का एक धड़ा प्रियंका गांधी को तो दूसरा राहुल गांधी को आगे करने की हिमायत करता नजर आ रहा है। यह तय माना […]