डॉ. मधुसूदनफ्रि ट्स स्टाल ईसा पूर्व 5 वी शती के भारतीय भाषा विज्ञानी 19 वी शती केए पश्चिमी भाषा विज्ञानियों की अपेक्षा अधिक जानते थे और समझते थे। पाणिनि को आधुनिक गणितीय तर्क का भी ज्ञान था।ऋ नओम चोम्स्की आधुनिक अर्थ में भी पहला प्रजनन.शील व्याकरण पाणिनि का व्याकरण ही है। पतेज पाणिनि का अकेला […]
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लंदन में धाँय-धाँय-1
शांता कुमारभारत के क्रांतिकारी आंदोलनों की चिनगारियां अभी भारत के भीतर ही सुलग रही थीं। अभी वे समुद्र पार इस देश के शासकों के देश इंग्लैंड को अपनी प्रबल प्रखर लपटों की ओट में न ले पाई थीं। पढ़ाई करने के लिए गये हुए छात्रों में से कुछ उन्ही दिनों लंदन के भारत भवन में […]
माइक्रोमैक्स ने कैनवस सीरीज में 110 के बाद इसका एडवांस वर्जन कैनवस एचडी 116 बाजार में उतारा है। माइक्रोमैक्स कैनवस 110 बाजार में सुपर हिट रह चुका है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रिटेलरों ने इसे एक्सट्रा प्रीमियम लेकर बेचा है। लांचिंग के पहले ही दिन माइक्रोमैक्स के नए […]
मोबाइल फोन बैटरी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी पीएम पावरपैक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने मोबाइल के लिए नया पोर्टेबल चार्जर लांच किया है। कंपनी ने अपने इस चार्जर को रिचार्ज प्लस नाम दिया है। कंपनी ने पोर्टेबल चार्जर बनाने वाले प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ रुपये का निवेश किया है, अगले सालों में […]
समाजवाद
जब एक व्यक्ति ने हमसेसमाजवाद का प्रश्न उठायातो हमने उसे बताया, आबाद समाजऔर बर्बाद समाज के अलावातीसरा भी है एक समाजजो है दोनों का उस्ताद,उसे ही समाजवाद कहते हैंजिसमें केवल नेता लोग रहते हैं।सर्वेक्षणबाढ़पीडि़तों की सहायतार्थ जनता के हाथ जोडऩे लगेऔर स्वयं दौरे पर दौर व हवाई सर्वेक्षण करसत्ताकोष का भंडा फोडऩे लगे। -गाफिल स्वामी
विकास कुमार गुप्ताहमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। लेकिन हमारी जनता आजाद गुलाम की मानिंद जिन्दगी बसर करने पर मजबूर है, और यह सब हमारी सरकार की कुनीतियों एवं अनदेखी का परिणाम है। हमारे थाने अंग्रेजों के समय के थानों से भी खतरनाक हैं वो इसलिए क्योंकि अंग्रेजों की लाठी खाने पर कम […]
राकेश कुमार आर्यहिंदू पद पादशाही के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था। यह अजीब संयोग है कि 19 फरवरी को शिवाजी का जन्मदिवस है तो 20 फरवरी (1707) औरंगजेब का मृत्यु दिवस है। आजीवन औरंगजेब को नाकों चने चबाने वाले शिवाजी महाराज के कारण ही मुगल साम्राज्य की नींव […]
देश-द्रोह का बदला-4
शांता कुमारगतांक से आगे….वह सामने से हट गया। नरेन्द्र भागकर प्राण बचाने का प्रयत्न करने लगा। अब तक नरेन्द्र काफी दूर निकल गया था। कन्हाई भी अपनी पिस्तौल से बिलकुल तैयार था। नरेन्द्र को भागते देख वह भूखे सिंह की भांति उसकी ओर लपका। नरेन्द्र जोर जोर से चिल्लाता शोर मचाता भाग रहा था। मार […]
व्यंजन अक्षर अभी तक हमने हिंदी वर्णमाला के स्वर कहे जाने वाले अक्षरों के विषय में कुछ समझने का प्रयास किया है। अब हम व्यंजनों के विषय में चर्चा करते हैं। जिन वर्णों को बोलते समय स्वरों की सहायता लेनी पड़े उन्हें व्यंजन कहते हैं। इनकी संख्या 33 है। ये स्वरों की सहायता से बोले […]
महर्षि दयानंद का इतिहास विषयक ज्ञानमहर्षि दयानंद अपने काल के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इतिहास और वेद को अलग अलग निरूपित किया। उन्होंने वेदों में इतिहास होने की धारणा को निर्मूल सिद्घ किया। महर्षि दयानंद का इतिहास संबंधी ज्ञान भी उतना ही गहन और गंभीर था जितना कि उनका वेद संबंधी ज्ञान गहन और गंभीर […]