रुपये एकत्रित करना है।हमको गुल्लक भरना है।इन रुपयों से वृद्धों की,हमको सेवा करना है। गली सड़क में इधर उधर,बूढ़े ठेड़े दिख जाते।लाचारी में बेचारे,पीते न कुछ खा पाते।इनकी झोली भरना है।इन्हें मदद कुछ करना है। कपड़े इनके पास नहीं,सरदी गरमी सह जाते।सहन नहीं जो कर पाते,बिना मौत के मर जाते।हमें दुखों को हरना है।उनकी रक्षा […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
आज का चिंतन-19/09/2013
सफलता का मूलाधार है वाणी माधुर्य – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अक्षर में जो ताकत है उसका कभी क्षरण नहीं हो सकता। अक्षर ब्रह्म है और इसी से लौकिक एवं पारलौकिक सृष्टि, पालन और संहार का पूरा क्रम निर्धारित है। विचारों और कल्पनाओं से मूत्र्त होते शब्द हों या फिर समाधि में प्राप्त, शब्दों […]
आज का चिंतन-18/09/2013
गाय का दूह कर कुत्तों को न पिलायें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या और कुछ नहीं है, यह है अपात्रों के लिए काम करने, मार्गदर्शन देकर उन्हें प्रोत्साहित करने और उनके लिए जी-जान से समर्पित होकर काम करने वालों की संख्या में विस्फोटक इजाफा होना। जो पात्र लोग […]
आज का चिंतन-17/09/2013
आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है परंपरागत हुनर और स्थानीय काम-धंधे – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर क्षेत्र में स्थान विशेष की आबोहवा और पारिस्थिकीय तंत्र के अनुरूप परिवेश और लोक जीवन का विकास होता है। यही कारण है कि देश और दुनिया के तमाम क्षेत्रों में अलग-अलग जलवायु, परंपराएं, लोक संस्कृति, रहन-सहन और […]
आज का चिंतन-16/09/2013
कमजोर और कायर ही करते हैं विरोध और शिकायतें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल लोगों में नकारात्मकता का प्रसार तेजी से हो रहा है। जो काम खुद को करना चाहिए, उसमें तो हम फिसड्डी साबित होते हैं और दूसरों से उम्मीद रखते हैं कि हमारे काम आएं। आदमी की सबसे बड़ी समस्या […]
भारत में पर्यावरण का महत्व अति प्राचीन काल से संस्कृति व धार्मिकता से जुड़ा रहा है। जीव, निर्जीव, पशु पक्षी, पौधे, मृदा, जल, वायु, नक्षत्र, ग्रह, पृथ्वी, आकाश, अग्नि आदि सभी के लिए देव तुल्य एवं पूज्य माने जाते थे। आज भी ऐसी अनेक मान्यताएं विद्यमान हैं जो पर्यावरण सम्मत एवं प्रासंगिक हैं। हमारी परंपरा […]
आज का चिंतन-15/09/2013
सबसे बड़े दुश्मन वे हैं जो विश्राम में बाधक हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य हो या मशीन, पशु हो या पक्षी या फिर दुनिया का कोई सा जड़ या चेतन, सभी के लिए रोजाना का विश्राम और शून्य में जाना जरूरी है। पशु-पक्षियों को देखें तो वे रोजाना अपनी दिनचर्या को […]
आज का चिंतन-11/09/2013
प्राणशक्ति का रिसाव रोकें तभी रह पाएगा वजूद – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com प्रत्येक मनुष्य को ईश्वर द्वारा पर्याप्त प्राणशक्ति और जीवनदायी ऊर्जाओं से भरपूर बना कर भेजा गया है। इस जीवनीशक्ति का यथोचित उपयोग क्षरण की मात्रा को नियंत्रित रखता है जबकि मनमाना एवं बेजा उपयोग क्षरण अनुपात को तेज कर देता […]
आज का चिंतन-10/09/2013
सेवाभावी पहल करते हैं स्वार्थी नज़रें चुराते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com सेवा और परोपकार ऎसे कार्य हैं जिनसे आत्म आनंद और जीवन-तृप्ति का अहसास होकर ऎसा शाश्वत सुख एवं सुकून प्राप्त होता है जो मनुष्य को अपने किसी और कर्म से कभी प्राप्त नहीं हो सकता। कोई आदमी कितना ही बड़ा लोकप्रिय, […]
आज का चिंतन -09/09/2013
देश के विघ्नों का शमन करें यही है असली गणेशभक्ति – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मंगलमूत्रि्त भगवान गणेश को समर्पित गणेशोत्सव वह बहुआयामी उत्सव है जो गणेश के नाम एवं गुण स्मरण से लेकर उनकी पूजा-अर्चना और आराधना-अनुष्ठान के कई प्रयोगों और उत्सवों का उल्लास बिखेरने वाला है। सर्वप्रथम पूज्य देव के रूप […]