गतांक से आगे…उक्त पशु की कुरबानी होगी, यह तो एक वास्तविकता है, लेकिन उसे जिन रास्तों से गुजरना पड़ता है उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। एक ट्रक में कितने बकरे, भेड़ अथवा गऊ वंश ले जाए जा सकते हैं, उनके लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। लेकिन यदि आप किसी ट्रक को […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
आज का चिंतन-01/10/2013
जीवन में अनुकूलता पाने करें वैचारिक तरंगों का इस्तेमाल – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हमारा पूरा जीवन अदृश्य अनुनादों और तरंगों पर केन्दि्रत है जिनका ऊपरी तौर पर कोई संबंध नहीं दिखता लेकिन सूक्ष्म धरातल पर जाने पर अक्षर ब्रह्म, तरंगों और अनुनादों की अवधारणा को पूरी तरह स्वीेकारना ही होगा। अदृश्य तरंगों से […]
आज का चिंतन-29/09/2013
सुखों का अस्तित्व टिका है दुःखों की बुनियाद पर – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com सुख और दुःख दोनों समय सापेक्ष एवं अनित्य हैं। दोनों का अस्तित्व मिटने वाला ही है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में सुख और दुःखों का होना स्वाभाविक है और इनका न्यूनाधिक क्रम हमेशा बना रहता है। कभी सुख […]
हिंदू समाज के कुछ धर्माचार्य तथा मठ-परंपराओं में यह प्रचारित किया जाता रहा है कि स्त्रियों और शूद्रों को वेद का अध्ययन व पठन पाठन नही करना चाहिए। तर्क दिया जाता है कि शास्त्रों में इसका निषेध किया गया है। आदि शंकराचार्य द्वारा कहा गया बताते हैं कि स्त्रीशूद्रो नाधीयताम। ये निर्देश केवल शब्दों तक […]
आज का चिंतन-28/09/2013
सफलता चाहें तो साथ न रखें एक ही किस्म के लोगों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com किसी भी कार्य की योजना बनाने से लेकर इनके क्रियान्वयन की पूर्णता तक की पूरी प्रक्रिया में जिन लोगों की भागीदारी होती है उनकी मनोवृत्तियाँ, स्वभाव, आदतों और कार्य करने की क्षमताओं का प्रभाव कार्य की […]
आज का चिंतन-27/09/2013
एक-दूसरे के पूरक हैं आनंद और ईश्वरीय मार्ग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर व्यक्ति अपने जीवन में आनंद की प्राप्ति चाहता है। आज हम सांसारिक भोगों और तुच्छ वस्तुओं, जमीन-जायदाद या लोकप्रियता को आनंद का मार्ग मानकर चल रहे हैं, यह मिथ्या भ्रम से ज्यादा कुछ नहीं है। आनंद वह है जो […]
आज का चिंतन-26/09/2013
जीवन्मुक्ति के लिए अपनाएँ अनासक्त कर्मयोग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर प्राणी मुक्ति चाहता है। मनुष्य ही नहीं बल्कि हर प्राणी का स्वाभाविक भाव होता है मुक्ति। मनुष्य बुद्धिशाली होने की वजह से कुछ ज्यादा ही स्वतंत्रता चाहता है और कई बार यह स्वच्छन्दता की सीमा तक पसर जाती है। इंसान पक्षियों की तरह […]
आज का चिंतन-24/09/2013
पूर्ण अनुकूलताएं कभी नहीं आती शुरूआत आज से करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आने वाला कल अनिश्चयपूर्ण होता है। उसके बारे में कभी नहीं कहा जा सकता कि वह किसका होगा। कल कुछ भी हो सकता है। अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है और कुछ नहीं भी हो सकता […]
आज का चिंतन-23/09/2013
ये आचरण लाते हैं रोग-शोक और दरिद्रता – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com समाज में पिछले कुछ वर्ष से पारिवारिक, सामाजिक और क्षेत्रीय समस्याओं का प्रसार तेजी से हुआ है और इसने आम आदमी की जिन्दगी में दखल डालते हुए सुकून से जीवनयापन की संभावनाओं को धूमिल कर दिया है। खूब सारे ऎसे लोग हैं […]
आज का चिंतन-22/09/2013
वो हर आदमी भिखारी है जो माँगता है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com भिखारी से हम यही आशय रखते हैं कि जो सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर हाथ या झोली फैलाकर माँगने का आदी हो और जिसका गुजारा चलाने का एकमात्र सहारा भीख ही हो। भीख न मिले तो उसका जीना मुश्किल हो […]