मनोरंजन तक ही सीमित न रहें हमारे उत्सव, मेले और पर्व – डॉ. दीपक आचार्य 94133306077 dr.deepakaacharya@gmail.com देश या दुनिया का कोई सा मेला, पर्व हो या उत्सव, इसकी पूर्ण उपलब्धि तभी है जब कुछ विशिष्ट व्यक्तित्वों या समूहों की बजाय इसकी दृष्टि परिधि में समूचा क्षेत्र हो, क्षेत्रवासी हों तथा स्थानीय लोगों की आत्मीय भागीदारी का व्यापक प्रतिबिम्ब […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
आज का चिंतन-01/02/2014
जब नहीं हो जरूरत शरीर को विराम दें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com संसार के प्रत्येक जड़ और जीव को विश्राम की जरूरत पड़ती है और पर्याप्त विश्राम पा लेने के उपरान्त पुनः ऊर्जीकरण की प्रक्रिया संपादित होने लगती है। ऎसा न हो तो इनकी आयु और क्षमता दोनों पर कुप्रभाव होने लगता है […]
गतांक से आगे…बढ़ती जनसंख्या हेतु दो समय के भोजन के लिए यह वकालत की जाती है कि मांसाहार ही केवल इसका एकमात्र हल है। लेकिन जब गहराई से विचार करते हैं तब यह मालूम पड़ता है कि जिसे हम समाधान की संज्ञा दे रहे हैं, वास्तव में तो वही सबसे बड़ी समस्या है। भूख के कारण […]
आज का चिंतन-31/01/2014
बच्चों की परवरिश करें अपने साथ रखकर ही – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com बच्चों को भविष्य बनाना हर माता-पिता या अभिभावक अपना प्राथमिक कत्र्तव्य समझता है मगर इसका एकतरफा अर्थ सिर्फ यही नहीं है कि अपना बच्चा अपने जीवन और दुनिया के दूसरे सारे कर्मों और अपने फर्ज को भुलाकर सिर्फ पैसे कमाने और […]
आज का चिंतन-30/01/2014
कुर्सियों में ही धँसे न रहें थोड़ा हिलना-डुलना भी करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल इंसानों की दो तरह की प्रजातियां हमारे सामने हैं। एक वे हैं जो दिन-रात परिश्रम करते हैं, अपने शरीर से काम लेते हैं और मौज-मस्ती के साथ जीते हैं। दूसरी किस्म में वे लोग आते हैं जो दिमाग ज्यादा चलाते […]
आज का चिंतन-29/01/2014
व्योम की तरंगों से संभव है विचारों का सूक्ष्म आदान-प्रदान – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हममें से कई लोगों का यह अनुभव रहा है कि अक्सर हमें वे लोग संपर्क साधने की कोशिश करते हैं जिनके जेहन में हम आ जाते हैं अथवा जो हमारे जेहन में आ जाते हैं। कई बार यह […]
आज का चिंतन-26/01/2014
गण और गणनायक दोनों स्वीकारें मर्यादाओं की लक्ष्मण रेखाएँ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com तंत्र का सुव्यवस्थित और दीर्घकालीन संचालन और स्थायित्व बनाए रखने के लिए उससे जुड़े हुए प्रत्येक अंग-उपांग को स्वस्थ और काबिल बनाए रखना पहली शर्त और प्राथमिक अनिवार्यता है। जड़ और जीवन दोनों के लिए अपनी कुछ मर्यादाएं हैं जिनका […]
हिंसा और मांसाहार के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर लेने के पश्चात इस मुद्दे पर चिंतन करने की आवश्यकता है कि आज जो दुनिया के पर्यावरण की स्थिति है, उसके अनुसार मनुष्य शाकाहारी बनकर जीवित रहेगा या फिर उसे मांसाहार अपनाकर अपना जीवन व्यतीत करना होगा? प्रकृति का नियम है कि हर चीज अपनी असलियत […]
आज का चिंतन-23/1/2014
खून नहीं वो पानी है जो देश के काम न आए – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com समाज और देश बुजुर्गों के अनुभवों और युवाओं के ज्ञान तथा ताकत के बूते चलता है और इसीलिए कहा जाता है कि युवा शक्ति समुदाय और देश की रीढ़ है। इस युवा पीढ़ी पर दोहरे-तिहरे दायित्व स्वतः ही […]
आज का चिंतन-22/01/2014
सज्जनों को हमेशा मिलता है ईश्वरीय शक्तियों का संरक्षण – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com दुनिया भर में इंसानों की तमाम प्रकार की प्रजातियों के बीच सज्जनों का वजूद भी हमेशा रहा है। वर्तमान कलियुग में भी सज्जनों को भले ही हाशिये पर समझा जाता हो, प्रचार से दूर हों, मगर सज्जनों का अस्तित्व हर क्षेत्र में न्यूनाधिक […]