गतांक से आगे….किसान भली प्रकार जानता है कि उसके खेत को कितनी बार सींचना पड़ता है। किसान अंतराल से उसमें पानी देता रहता है। कोई भी फसल हो, आपको प्रतिदिन उसे नही सींचना पड़ता। किसी भी फलदार वृक्ष को भी एक निश्चित समय पर निश्चित मात्रा में ही पानी देना पड़ता है। इजराइल चारों ओर […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
आचार्य रामस्वरूप गौसेवक और एक समाजसेवी व्यक्ति हैं। उनका जन्म स्थल अजमेर (राजस्थान) का एक छोटा सा गांव है। स्वभाव से शांत और निभ्र्रान्त दीखते आचार्यवर साधु स्वभाव वाले मनुष्य हैं। अध्ययन शीलता और भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी गहन आस्था ने उन्हें बहुत कुछ सीखने के लिए प्रेरित किया है। पिछले दिनों उनसे हमारी […]
गतांक से आगे….दुनिया ने अब तक दो महायुद्घ देखे हैं। तीसरा महायुद्घ कब होगा, यह तो फिलहाल कहना कठिन है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि तीसरा महायुद्घ पानी के लिए होगा। चीन के चार सौ नगरों में पानी का अभाव है। चीन अपने पानी की कमी को पूरा करने के लिए हिमालय के ग्लेशियरों […]
आज का चिंतन-11/02/2014
हर कोई नहीं पा सकता अग्निधर्मा लोगों का साथ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com एक-दूसरे के साथ रहना और निभाना वैचारिक और व्यवहारिक धरातल पर निर्भर है। जिन लोगों में वैचारिक समानता होती है, जिनका व्यवहार, चरित्र और कर्म समान है उनमें प्रतिस्पर्धा भी होती है, प्रतिद्वन्दि्वता भी, और सजातीय आकर्षण- विकर्षण भी। कई लोग ऎसे हैं जो […]
आज का चिंतन-09/02/2014
मोहपाश में नज़रबंद न रहें दुनिया को जानें-पहचानें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com यों तो संसार और मुक्ति को एक-दूसरे का विरोधाभासी कहा जाता है लेकिन सत्य यह भी है कि संसार को जाने बिना मुक्ति संभव नहीं है। जहाँ संसार को जान लेने और समझ लेने की यात्रा का अंत होता है वहीं से […]
आज का चिंतन-08/02/2014
संसार भरा पड़ा है दुःख देने वाले नालायकों से – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com संसार में चित्त और जीवन को प्रभावित करने वाले दो ही कारक मुख्य हैं – सुख और दुःख। सुख प्राप्त होने पर मनुष्य खुश होता है जबकि दुःख प्राप्त हो जाने की स्थिति में वह खिन्न हो उठता है। हर मनुष्य […]
गतांक से आगे…हिंद महासागर में इंडोनेशिया और उसके आसपास के टापुओं से मछलियां और चीन, जापान तथा अन्य पूर्वी एशिया के देशों के खाने में उपयोग होने वाले जलचर इतनी बड़ी संख्या में पकड़े गये हैं कि उनका सफाया हो गया है। इसे दुनिया में डीप फिशिंग क्षेत्र कहा जाता है। विश्व में यह भाग […]
आज का चिंतन-06/02/2014
त्याग और सेवा ही है शाश्वत संबंधों की बुनियाद – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com संबंध दो प्रकार के हैं। एक सम सामयिक और क्षणिक संबंध होते हैं जिनमें आकस्मिक कार्य या स्वार्थ से लोग एक-दूसरे से जुड़ जाया करते हैं और कार्य या स्वार्थ सध जाता है तो संबंध अपने आप समाप्त हो जाते […]
आज का चिंतन-05/02/2014
ज्ञान बाँटने के बाद छोड़ दें संसार की सेवा के लिए – डॉ.दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com ज्ञान ऎसा कारक है जिसे अपने पास नहीं रखकर उन लोगों को बांट दिया जाना चाहिए जो इसे चाहते हैं। अपने पास जो कुछ है वह समुदाय और संसार का है और इसलिए हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि […]
आज का चिंतन-03/02/2014
आदर-सम्मान की भूख स्वाभाविक है मगर इसके लायक तो बनें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल सभी तरफ सम्मान के भूखों और आदर के प्यासों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। जो इसके लायक हैं वे भी इस दौड़ में आगे ही आगे भागते जा रहे हैं और जो लायक नहीं हैं वे भी […]