डॉ राकेश कुमार आर्य संभाजी के पिता छत्रपति शिवाजी मैथिलीशरण गुप्त जी भारत के स्वर्णिम अतीत को रेखांकित करते हुए लिखते हैं :- उनके चतुर्दिक-कीर्ति-पट को है असम्भव नापना, की दूर देशों में उन्होंने उपनिवेश-स्थापना । पहुँचे जहाँ वे अज्ञता का द्वार जानो रुक गया, वे झुक गये जिस ओर को संसार मानो झुक गया॥” […]