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न्यायिक सुधार – एक सरल पहल

मनीराम शर्मा आज भारतीय  न्यायतंत्र उसके पडौसी देश पाकिस्तान और श्रीलंका से भी अश्रेष्ठ  है| मूलतः यह तात्कालीन ब्रिटिश परम्पराओं और औपनिवेशिक कानूनों पर आधारित है  जिसे श्री मोतीलाल नेहरू ने नैनी जेल में बंद होने पर जन विरोधी बताकर सिरे से ही खारिज  कर दिया था और अपना बचाव करने के लिए मना कर […]

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