पुण्य प्रसून वाजपेयी 11 मई को शिकायत । 27 दिनों में जांच पूरी । 8 जून को एफआईआर दर्ज और 28 वें दिन गिरफ्तारी। फिर 4 दिन की पुलिस रिमांड। वाकई दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक ऐसा रास्ता देश के तमाम राज्यों की पुलिस के सामने बनाया है जिसके बाद देश के हर राज्य […]
Month: June 2015
सुरेश चिपलुनकर एग्नेस गोंक्झा बोज़ाझियू अर्थात मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को स्कोप्जे, मेसेडोनिया में हुआ था और बारह वर्ष की आयु में उन्हें अहसास हुआ कि “उन्हें ईश्वर बुला रहा है”। 24 मई 1931 को वे कलकत्ता आईं और फ़िर यहीं की होकर रह गईं। उनके बारे में इस प्रकार की सारी […]
संतोष कुमार पथरी एक कष्टदायक रोग है। यह आमतौर से 30 से 60 वर्ष के आयु के व्यक्तियों में पाई जाती है और स्त्रियों की अपेक्षा पुरूषों में चार गुना अधिक पाई जाती है। आज भारत के प्रत्येक 2000 परिवारों में से एक परिवार इस पीड़ादायक स्थिति से पीड़ित है, लेकिन सबसे दु:खद बात यह […]
राज कि छोटी-छोटी मगर मोटी-मोटी बातें
पेट दर्द – अाधा चम्मच हल्दी और आधे चम्मच नमक को मिलाकर ठंडे पानी से फांकी मार लें। पेट दर्द में तुरंत आराम मिलेगा। बालों का गिरना – यदि आपके बालों में रूसी है या फिर आपके बाल झड़ रहे हैं तो आप कच्चे पपीते का पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों पर 10 मिनट तक […]
केवल मैगी ही क्यों अन्य विदेशी उत्पादों की भी जांच हो सुरेश हिन्दुस्थानी भारत हमेशा से ही विदेशी कंपनियों की साजिश का शिकार बना है। आज मैगी का मामला भले ही सामने आ गया हो, लेकिन जिस प्रकार से विदेशी कंपनियाँ अपने उत्पादों में रासायनिक तत्वों का उपयोग करतीं हैं, वह मानव के जीवन के […]
मैगी के बहाने कुछ मूल प्रश्न
नेसले कंपनी की मैगी नामक सिंवैया ज़हरीली है या नहीं, यह अभी पूरी तरह से तय नहीं हो पाया है लेकिन अभी तक जितने भी परीक्षण हुए हैं, उनमें से ज्यादातर में मैगी को खतरनाक पाया गया है। उसमें दो ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो काफी खतरनाक हैं। इसी आधार पर कई राज्यों ने […]
चेहरे गुलाब नही होते..
जाने क्यूंअब शर्म से,चेहरे गुलाब नही होते..जाने क्यूंअब मस्त मौला मिजाज नही होते….. ….पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें….जाने क्यूं..अब चेहरेखुली किताब नही होते…. सुना है…बिन कहेदिल की बात …समझ लेते थे…गले लगते ही..दोस्त हालातसमझ लेते थे….. तब ना फेसबुकना स्मार्ट मोबाइल था…ना फेसबुकना ट्विटर अकाउंट था…एक चिट्टी से हीदिलों के जज्बातसमझ लेते […]
क्या अल्पसंख्यकवाद ही धर्मनिर्पेक्षता है …
देश के तीस लाख मुसलमानो के द्वारा बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने से उत्साहित बीजेपी के नेता भी अपने को यह प्रमाणित करने में गौरव अनुभव कर रही है कि वे भी आज ‘प्रचलित’ धर्मनिरपेक्षता के समर्थक हो गये है।तभी तो मुस्लिम शिष्ट मंडल के प्रभाव में मोदी जी ने आधी रात को भी उनकी […]
नूतन : बेहतरीन अदाकारी की मिसाल
फ़िरदौस ख़ान हिंदी सिनेमा की प्रतिभाशाली अभिनेत्री नूतन को अभिनय विरासत में मिला था. उनकी मां शोभना सामर्थ हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं. नूतन भी अपने अद्भुत अभिनय के लिए जानी जाती हैं. उनकी सुजाता, बंदिनी, मैं तुलसी तेरे आंगन की, सीमा, सरस्वती चंद्र और मिलन आदि फ़िल्मों ने उन्हें भारतीय सिनेमा की महान […]
घरेलू गौरैया की घटती आबादी
कल्पना पालखीवाला देखने में सर्वत्र परिचित, सर्वव्यापी एवं कभी ज्यादा संख्या में दिखाई पड़ने वाली घरेलू गौरैया, अब एक रहस्यमय पक्षी बन गई है और पूरे विश्व में तेजी से दुर्लभ होती जा रही है। फुर्तीली और चहलकदमी करने वाली घरेलू गौरैया को हमेशा शरदकालीन एवं शीतकालीन फसलों के दौरान, खेत-खलिहानों में अनेक छोटे-छोटे पक्षियों […]