मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….भारत सरकार की नजरें विदेशी मुद्रा के लिए जब देश की मूल्यवान वस्तुओं की ओर जाने लगी, तब सबसे पहली नजर भारत के पशुधन पर पहुंची। तत्कालीन सरकारों को प्रशासन में बैठे कसाईयों ने एक ही सुझाव दिया कि मांस का निर्यात कर सरकार करोड़ों डॉलर कमा सकती है। तब से न […]
Author: अमन आर्य
हमारे और तुम्हारे तालिबान
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक पाकिस्तान की फौज ने आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। अब तक लगभग पांच लाख लोग अपना घर-बार छोड़ कर उत्तरी वजीरिस्तान से बाहर निकल चुके हैं। हर शरणार्थी को सरकार हजारों रुपए दे रही है और उसका पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब एक-दो दिन में फौज […]
अवधेश कुमार उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा ने जजों की नियुक्ति में सीनियर ऐडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम की अनदेखी करने पर सरकार की आलोचना की है। लोढ़ा ने कहा है कि सरकार ने उन्हें जानकारी दिए बिना यह फैसला लिया। मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले को न्यायपालिका की आजादी से जोड़ते हुए कहाए श्न्यायपालिका […]
राजेश दूबे १९९५-१९९६ में वैश्वीकरण ने अपने पाव भारत में फैलाना आरम्भ किया इसके साथ ही भेड़ बकरियो की तरह समाचार चैनल बाजार में दिखने लगे क्योकि पुरे विश्व को भारत एक उभरते हुए बाजार के रूप में दिखाई दे रहा था और इस बाजार को आम जनमानस तक पहुँचाने के लिए प्रचार प्रसार की […]
डीयू और यूजीसी विवाद
दिल्ली विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के बीच फोर ईयर अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम (एफवाईयूपी) को लेकर चले विवाद में सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को हुआ तो वे हैं लाखों स्टूडेंट। लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल यह मुद्दा फौरी तौर पर सुलझ चुका है। एक बात तो साफ है कि यूजीसी […]
आचार्य बालकृष्ण गर्मियों में कान के अंदरूनी या बाहरी हिस्से में संक्रमण होना आम बात है| अधिकतर तैराकों को ख़ास-तौर पर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है | कान में फुंसी निकलने,पानी भरने या किसी प्रकार की चोट लगने की वजह से दर्द होने लगता है | कान में दर्द होने के कारण रोगी […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी पहली बार संघ के प्रचारक जश्न के मूड में हैं। चूंकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सफर संघ के प्रचारक से ही शुरु हुआ तो पहली बार प्रचारकों में इस सच को लेकर उत्साह है कि प्रचारक अपने बूते ना सिर्फ संघको विस्तार दे सकता है बल्कि प्रचारक देश में राजनीतिक […]
‘दोहन’ का उपाय ‘शोधन’ है
मोदी सरकार ने एन.जी.ओ. के विरूद्घ कठोरता का संदेश देकर उचित किया है या अनुचित, इस पर देश में बहस चल रही है। इसके लिए एक गैर सरकारी संगठन के विषय में यह जानना आवश्यक है कि वास्तव में यह होता क्या है? इसके लिए विद्वानों का मानना है कि समाज का चेहरा बदल देने […]
मनीष पाण्डेय फैजाबाद, विधुत समस्या, किसानो की समस्या, महिलाओं पर हो रहे ताबड़तोड़ अपराध, गिरती कानून व्यवस्था तथा अन्य जन विरोधी नितियों के विरोध में भाजपा ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध हजारों की संख्या में तहसील परिसर के सामनें एक दिवसीय धरना कर महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित 11सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को प्रेषित किया । […]
हड़बड़ी में कहीं गड़बड़ न हो जाये
पुण्य प्रसून वाजपेयी लहलहाती फसल हो या फिर परती जमीन। जबरदस्त बरसात के साथ शानदार उत्पादन हो या फिर मानसून धोखा दे जाये और किसान आसमान ही ताकता रह जाये। तो सरकार क्या करेगी या क्या कर सकती है। अगर बीते 10 बरस का सच देख लें तो हर उस सवाल का जबाव मिल सकता […]