आयुर्वेद के अनुसार इन दो चीजों को माना जाता है संपूर्ण आहार

आयुर्वेद के अनुसार ऐसे कई खाद्य आहार हैं जिन्हें खाने से कई बीमारियों से बचे रहने के साथ आपका तन-मन भी मजबूत होता है। ऐसे ही दो खाद्य आहार ऐसे हैं, जिन्हें आयुर्वेद में संपूर्ण आहार माना जाता है। ये संपूर्ण आहार है दूध और शहद। नेशनल डेयरी काउंसिल के अनुसार, दूध में नौ एसेंशियल न्यूट्रिऐंट्स होते हैं, जो हमारी सेहत की देखभाल करते हैं। कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, नियासिन, रिबोफ्लेविन (B2), विटमिन-डी, विटमिन-ए और विटमिन B12। ऐसे जरूरी तत्व हैं, जो हमारे शरीर को मजबूत और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं।दूध के फायदे दूध पीने से आपकी मसल्स बनती हैं न कि शरीर में फैट की मात्रा बढ़ती है। ऐसे में आप दिन भर में 2-3 कप दूध पी सकते हैं लेकिन पूरे दिन में दूध की ज्यादातर मात्रा लेना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं, इसके अलावा दूध को कभी भी लिया जा सकता है। दूध वेट लॉस करने में भी मदद करता है।इसके अलावा दूध कैल्शियम की पूर्ति हमारे दांतों और हड्डि।यों को कैल्शियम की जरूरत होती है। प्रोटीन का खजाना दूध में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन उपलब्ध होता है। ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। अनिंद्रा की समस्या को दूर करता है। शहद के फायदे शहद को नेचुरल स्वीटनर माना जाता है। फ्रक्टोज़, ग्लूकोज़ मालटोज, कैलरीज और शुगर का मिश्रण होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शहद में फैट और प्रोटीन नहीं होता है। बल्कि शहद ऐंटिऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। जो हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का रिस्क कम करता है।इसके अलावा शहद-वजन घटाने में मददगारसर्दी और जुकाम में फायदेमंदउच्च रक्तचाप में फायदेमंद जलने-कटने में फायदेमंद हड्डियों को करता है मजबूतस्किन प्रॉब्लम्स में फायदेमंद हैं शहद को दूध को मिलाकर कई पकवान बनाए जाते हैं लेकिन आयुर्वेद के अनुसार सभी लोगों को दूध और शहद का एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए। अपने शरीर के हिसाब से दूध और शहद का सेवन करना चाहिए।

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