जंतर-मंतर पर ममता ने भरी हुंकार–देश के लिए मनमोहन सरकार पूरी तरह बेकार

राकेश कुमार आर्य
अक्टूबर का महीना कई अर्थों में महत्वपूर्ण है, इस माह के प्रारंभ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के सबसे अधिक आदरणीय प्रधानमंत्री रहे लालबहादुर शास्त्री की जयंती दो अक्टूबर को आती है, जबकि इसी माह के अंत में देश के लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती और लौह महिला के नाम से विख्यात सबसे ताकतबर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि 31 अक्टूबर को मनायी जाती है। संयोग से ये सारे नेता कांग्रेस के महान स्तंभ रहे हैं। कांग्रेस अपने इन महान पुरूषों के जीवन चरित्रों को याद कर इस महीने में नई ऊर्जा पाने का प्रयास करती है। लेकिन अब जो देखा जा रहा है वह केवल औपचारिकता निभाने की रस्मों के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के किसी नेता में अपने दिवंगत नेताओं के आदर्शों पर चलने का साहस नही दीखता। इनकी जयंती या पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि देकर रस्म पूरी की जाती है। इससे आगे कुछ नही होता, इसलिए गांधीवाद को गांधीवादियों ने मौत की नींद सुला दिया है। सरदार पटेल और लालबहादुर शास्त्री की देशभक्ति को नेहरू गांधी परिवार के चाटुकारों ने बहुत ही उपेक्षा के साथ दफन कर दिया है, जबकि इंदिरा गांधी जैसी नेतृत्व क्षमता इनमें कहीं दूर-दूर तक दिखाई नही देती।
अब इसी महीने के प्रारंभ में कांग्रेस को झकझोरने का प्रयास पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने जंतर मंतर पर अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए किया है। ममता बनर्जी ने घोटाले बाजों और भ्रष्टाचारियों से भरी हुई इस संप्रग सरकार को चेतावनी दी है वह संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायेंगी। ममता बनर्जी ने कहा-‘सत्ता से बड़ा देश होता है और देश की खातिर मैं जान दे सकती हैं। सुश्री बनर्जी ने कहा कि उन्होंने जनहित के लिए सदैव आवाज उठाई है और आम आदमी के लिए वह धूप और बारिस में भी सड़क पर उतरने से नही हिचकतीं।”उन्होंने कहा-‘मैं किसी धमकी से नही डरने वाली। मैं देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर सकती हूं। मरने को तैयार हूँ, पर देश को बेचने नही दूंगी।”
ममता बनर्जी ने सरकार पर हल्ला बोला है। सचमुच यह सरकार वो है जिस पर हल्ला बोलना ही चाहिए इस समय देश में जो सरकार चल रही है वह सरकार नही कही जा सकती देश के लोगों की धार्मिक आस्था और देश की मुख्यधारा में जुड़े रहने की हम भारतीयों की स्वाभाविक प्रवृति के कारण यह देश चल रहा है, अन्यथा किसी अन्य देश की स्थिति ऐसी होती तो परिस्थितियां नियंत्रण से बाहर होतीं। ममता बनर्जी ने जो आवाहन किया है उसे राजग के संयोजक शरद यादव का समर्थन मिला है। स्पष्ट है कि शरद यादव जैसे जिम्मेदार नेता का ममता बनर्जी के साथ एक मंच पर दिखाई देना सचमुच आने वाले दिनों में कोई गुल खिला सकता है। हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एफीडीआई के विरूद्घ झारखण्ड विकास मोर्चा भी सरकार से अलग चलने के लिए कह चुका है, जबकि इसी डगर पर अपने कदम बढ़ाते हुए द्रमुक ने भी घोषणा कर दी है कि सरकार खुदरा कारोवार में विदेशी निवेश के फैसले पर पुन: विचार करे, अन्यथा द्रमुक इस मुद्दे पर लाए गये अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। हालांकि द्रमुक ने गैर धर्म निरपेक्ष ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए संप्रग में बने रहने की बात भी कही है। लेकिन द्रमुक का यह कहना अपनी राजनीतिक गोटियों का एक हिस्सा भी हो सकता है।
राजनीति में कभी कुछ स्थाई नही होता, इसलिए डीएमके के वक्तव्य को भी एक चेतावनी मानना चाहिए।
इस समय चुनाव-2014 की तैयारी का माहौल बनता जा रहा है। अधिकांश राजनीतिक दल अपने-अपने सहयोगी अगले आम चुनाव के दृष्टिगत ढूंढ़ रहे हैं, इसलिए एक उथल पुथल सत्ता के गलियारों में होती दीख रही है। समीकरण सतही तौर पर तेजी से बन बिगड़ रहे हैं अधिकांश राजनीतिक दल यह मान चुके हैं कि अगले आम चुनाव 2014 से पूर्व भी हो सकते हैं, इसलिए कोई भी दल राजनीतिक गफलत में रहने को अच्छा नही मान रहा। ऐसी परिस्थितियों में ममता बनर्जी ने जो कुछ कहा है उसके कुछ मायने हैं, उनका दिल्ली में आना यूपीए सरकार को यह बताना था कि वह राजनीति में अकेली नही पड़ गयीं हैं और उन्होंने जो कुछ भी निर्णय लिया है वह सोच समझकर लिया है। ममता बनर्जी बताना चाहती हैं कि उनकी ताकत कितनी है और वह अगले आम चुनावों में अपनी ताकत को किस प्रकार नया मोड़ दे सकती हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही ममता बनर्जी के प्रति नरमी बरती हुई है। वे समझते हैं कि ममता की ताकत कितनी है? लेकिन ममता अपने जिद्दी स्वभाव के कारण राजनीति में अस्पृश्य समझी जाती हैं। लोग इनकी दिलेरी की प्रशंसा करते हैं, लेकिन तुनक मिजाजी से परेशान भी हैं। वह कब किसका साथ छोड़ दें यह गारंटी से नही कहा जा सकता। उनके बोलने की ताकत से कांग्रेस सकते में है लेकिन कांग्रेस उनकी कमजोरी को भी जानती है। ममता बनर्जी स्थाई मित्रता निभाने के विषय में एकदम गलत हैं। यह नही हो सकता कि आप को दुनिया में देर तक मित्रता निभाने वाले लोग मिलें ही नहीं, यदि बार-बार आपके मित्र आपका साथ छोड़ते हैं तो इसका अभिप्राय है कि कहीं न कहीं दोष आप में भी है।
इन सब बातों को फिलहाल देश के जनमानस ने भी नेपथ्य में धकेल दिया है। देश के जनमानस ने इस समय ममता बनर्जी के प्रयासों को अपना समर्थन दिया है क्योंकि सत्ता विरोधी मानसिकता देश में तेजी से बन रही है। सत्ता के विरोध को केन्द्रित करने के लिए और संप्रग का मजबूत विकल्प बनने के लिए जो लोग भी सामने आ रहे हैं, जनता उनकी ओर देख रही है। हमारा कहने का अभिप्राय यहां केवल इतना है कि जो लोग संप्रग का विरोध कर रहे हैं और इस भ्रष्ट सरकार को समुद्र में फेंकने के लिए जनता का आवाहन कर रहे हैं, उन उनकी ओर ही जनता देख रही है। इस देखने का अभिप्राय ऐसे हर व्यक्ति को प्रधानमंत्री बना देना नही है। हां, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से छुटकारा पाने की अकुलाहट इसमें अवश्य है। सारा विपक्ष जनता को अभी प्रधानमंत्री का मजबूत और बहुसंख्यक समाज को स्वीकृत प्रत्याशी नही दे पाया है, यह विपक्ष की असफलता है, जबकि संप्रग अपने असफल प्रधानमंत्री की असफलताओं को छिपाकर या उनसे छुटकारा पाकर कोई सर्वस्वीकृत ऐसा नाम नही सुझा पा रहा, जो इस देश की जनता को स्वीकार्य है, यह स्थिति संप्रग के लिए असफलता वाली है। वास्तव में यह स्थिति देश में निराशा का भाव प्रदर्शित कर रही है, जिसे ममता बनर्जी की हुंकार से कुछ बल मिला है लेकिन अभी रणभेरी ही बजी है, युद्घ अभी बाकी है और परिणाम आना भी शेष है। निश्चित रूप से इन दोनों तक पहुंचने के लिए हमें कई उतार चढ़ाव देखने पड़ेंगे।

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
betnano giriş
meritking giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
orisbet giriş
orisbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
milanobet giriş
hiltonbet giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hiltonbet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
hititbet
hititbet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino
vdcasino
hititbet
hititbet
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet
hititbet giriş
betmarino
betmarino
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
norabahis giriş
celtabet giriş
celtabet giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
meybet
meybet
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino
vdcasino
meritbet giriş
meritbet giriş
vaycasino giriş
piabellacasino giriş
piabellacasino giriş
norabahis giriş
maritbet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
pokerklas
pokerklas
norabahis giriş
vdcasino
vdcasino
pokerklas
pokerklas
hititbet giriş
Pokerklas giriş
pokerklas
pokerklas
hititbet
hititbet