Categories
राजनीति

एकता होने के बावजूद भी विपक्षी दलों के भ्रष्ट नेताओं का साथ चलना कठिन नजर आता है

योगेंद्र योगी

प्रधानमंत्री मोदी के विपक्ष पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों को बल इस बात से मिलता है कि विपक्षी नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के ज्यादातर मामलों में अदालत ने कोई राहत नहीं दी है। इसी कड़ी में एक मामला तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी का भी शामिल हो गया है।
पटना में हुई महागठबंधन की बैठक बगैर किसी मसौदे के पूरी हो गई। संयुक्त विपक्ष के समक्ष भ्रष्टाचार सहित देश के अन्य बड़े मुद्दे एजेंडे में नहीं आए। विपक्षी दलों की बैठक में भ्रष्टाचार पर एक भी शब्द नहीं बोलने से भाजपा को हमला करने का मौका मिल गया। यही वजह है कि प्रधानमंत्री और भाजपा इस गठबंधन के प्रयासों की खिल्ली उड़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में एक सभा में विपक्षी दलों की एकता के प्रयासों पर जमकर चुटकियां लीं। उन्होंने कहा कि इनके घोटाले की लिस्ट इतनी लंबी है कि कोर्ट भी थक गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को लेकर कहा कि कुछ लोग सिर्फ अपने ही दल के लिए जीते हैं, दल का ही भला करना चाहते हैं और वो ये सब इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार का, कमीशन का और कट मनी का हिस्सा मिलता है। उन्होंने जो रास्ता चुना है, उसमें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती।

विपक्षी दलों की पटना में हुई बैठक को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आजकल बार-बार एक शब्द आता है- गारंटी। ये सारे विपक्षी दल भ्रष्टाचार की गारंटी हैं। ये गारंटी हैं लाखों-करोड़ रुपयों के घोटालों की। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले इनका एक फोटो ऑप कार्यक्रम हुआ। उस फोटो में जो लोग हैं उन सब का मिल कर टोटल करेंगे तो ये सारे मिल कर कम से कम 20 लाख करोड़ रुपये के घोटाले की गारंटी हैं। मोदी ने बगैर किसी ठोस कार्यक्रम के समाप्त हुई विपक्षी दलों की बैठक पर प्रहार करते हुए कहा कि अकेले कांग्रेस का ही लाखों करोड़ों का घोटाला है। इन पार्टियों के पास घोटालों का ही अनुभव है और इसीलिए इनकी अगर कोई गारंटी है तो वो है- घोटालों की गारंटी। अगर उनकी घोटाले की गारंटी है, तो मोदी की भी एक गारंटी है, हर घोटालेबाज पर कार्रवाई की गारंटी। आश्चर्य की बात यह है कि केंद्र सरकार के खिलाफ ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाले विपक्षी दलों में से किसी ने भी प्रधानमंत्री के आरोपों का खंडन तक नहीं किया। विपक्षी दल ईडी की कार्रवाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट से पहले ही मात खा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई के मामले में दखल देने से इंकार कर दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी के विपक्ष पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों को बल इस बात से मिलता है कि विपक्षी नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के ज्यादातर मामलों में अदालत ने कोई राहत नहीं दी है। इसी कड़ी में एक मामला तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी का भी शामिल हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौकरी के बदले नकदी मामले में मंत्री बालाजी को 14 जून को गिरफ्तार किया था। चेन्नई सत्र न्यायालय ने न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया है। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने से मना कर दिया। गौरतलब है कि बालाजी पर रिश्वत लेकर परिवहन विभाग में नौकरी देने का आरोप है।

विपक्षी के लिए बेशक भ्रष्टाचार मिटाने का मुद्दा प्रमुख न हो पर इस मामले में भारत की स्थिति भयावह है। करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 2022 की 180 देशों की सूची में भारत को 40 अंकों के साथ 85वें पायदान पर रखा गया। दुनिया भर के देशों में करप्शन के स्तर को मापने वाला यह इंडेक्स हर साल संगठन ट्रान्सपैरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी किया जाता है। निश्चित तौर पर राज्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण ही भारत की यह स्थिति बनी है। विशेषकर विपक्षी दलों की सत्ता वाले राज्यों में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। यह विपक्षी दलों के लिए कभी भी चिंता का विषय नहीं बना। इंडियन करप्शन सर्वे 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे भ्रष्ट राज्यों की सूची में राजस्थान नंबर एक पर रहा। भ्रष्टाचार की इस लिस्ट में बिहार दूसरे नंबर पर रहा। बिहार के सर्वे में 75 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। 50 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें अधिकारियों को कई बार पैसे देने पड़े। तकरीबन 25 फीसदी लोगों ने कहा कि केवल उन्हें एक या दो बार घूस देना पड़ी। झारखंड देश में भ्रष्टाचारी राज्यों की सूची में तीसरे पायदान पर आया। 74 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। इन 74 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने कई-कई बार घूस दी। उत्तर प्रदेश देश में भ्रष्टाचार में चौथे स्थान पर है। यहां 74 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी।

प्रधानमंत्री मोदी के लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों का कांग्रेस ने जवाब तक नहीं दे सकी। इसका प्रमाण राजस्थान है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान में भाजपा ने प्रमाण सहित भ्रष्टाचार के मामले पेश किए हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने इसका प्रतिवाद तक करना उचित नहीं समझा। भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने 5,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय को शिकायत दर्ज कराने के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सांसद मीणा ने राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत पीएचईडी मंत्री महेश जोशी और पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल के खिलाफ 20 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री धारीवाल पर 45 करोड़ की जमीन कौड़ियों के भाव बांटने के आरोप लगाए।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल राजस्थान में बजरी माफिया खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पहले ही भ्रष्टाचार के बचाव का बड़ा आरोप लगा चुके हैं। पायलट ने गहलोत सरकार पर भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। यह निश्चित है कि जब तक विपक्षी दल भ्रष्टाचार सहित राष्ट्रहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण साफ नहीं करेंगे तब तक एकता होने के बावजूद देश के लोगों का भरोसा जीतना आसान नहीं है। भाजपा विपक्षी दलों को लगातार निशाने पर लेती रहेगी।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpipo giriş
betpipo giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
vaycasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
madridbet giriş
myhitbet giriş
myhitbet giriş
meritking giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
madridbet giriş
betvole giriş
betvole giriş
norabahis giriş
betpipo giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
noktabet giriş
noktabet giriş
casinofast
safirbet giriş
safirbet giriş
betebet giriş
betebet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş