मेघालय में लोकतन्त्र की हत्या

त्रिपुरा और नागालैंड की जनता के जनादेश के आधार पर भाजपा को वहाँ अपनी सरकार के गठन करने का पूर्ण अधिकार है। लेकिन मेघालय में जो कुछ हुआ या हो रहा है उसे लोकतन्त्र की मर्यादाओं के अनुकूल नहीं कहा जा सकता। वहाँ पर जनमत या जनादेश भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए आया है। इसके उपरांत भी वहाँ पर भाजपा ने अपनी मर्जी की सरकार बनाने का खेल खेलना आरंभ कर दिया है। भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी हमारे इस लोकतन्त्र को सिरों की गिनती का खेल कहते रहे हैं। इस खेल में जनता के सारे निर्णय को बदलने की क्षमता होती है। बस आपको किसी भी प्रकार की जुगाड़बाजी से या हथकंडे से बहुमत का जादुई आंकड़ा पूरा करना आता हो, तो आप जनादेश का उपहास करते हुए कुछ भी कर सकते हैं। कभी इस खेल में हरियाणा के चौधरी भजनलाल अपने आप को राजनीति में पीएचडी कहा करते थे, पर अब तो कई भजनलाल राजनीति में हैं। वास्तव में इस अलोकतांत्रिक खेल की शुरुआत भी कॉंग्रेस ने ही की थी। इन्दिरा गांधी के शासनकाल में इस खेल में कई मुख्यमंत्रियों को रातों रात या तो सत्ता से हटा दिया गया था या उनका कोंग्रेसीकरण कर लिया गया था। आज कॉंग्रेस अपने उन्हीं अनैतिक और अलोकतांत्रिक पापों का फल भोग रही है तो जो लोग कॉंग्रेस की परंपरा को ही आगे बढ़ा रहे हैं वह भी कल ऐसा ही फल भोगेंगे – यह निश्चित है। कुपथ का परिणाम कुफ़ल आता है, और मर्यादा भंग करने से दंड भोगना पड़ता है। राजनीति में जो लोग आज गलत कार्यों को करके भी स्वंय को महिमामंडित करा रहे हैं- कल को उन्हें अपने किए का परिणाम भी भोगना पड़ेगा। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर राजनीति करने वालों को राजनीति में मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्हे रामवृत्ति का अनुयाई होना चाहिए रावणवृत्ति का नहीं। राम ने लंका को जीतकर भी उसपर नैतिक अधिकार रावण के भाई विभीषण का माना था, इसलिए उसे विभीषण को ही सौंप दिया था। अत: मेघालय भी उसी को दिया जाना चाहिए था जिसको वहाँ की जनता चाहती थी। सिरों की गिनती पूरी करके अर्थात एमएलए पूरे करके इस खेल को बिगाडऩे का अधिकार किसी को भी नहीं है। हमें याद रखना चाहिए कि यदि केंद्र में काँग्रेस कि सरकार होती तो ये एमएलए उस समय निश्चित रूप से मेघालय में काँग्रेस की ही सरकार बनवाते। कुल मिलाकर मेघालय में सत्ता का अपहरण हो गया है।
जहां तक काँग्रेस का सवाल है तो इस पार्टी को भी आत्ममंथन करना होगा। यह उचित नहीं है कि इस पार्टी के नेता को चुनाव परिणाम आने से पहले ही नानी याद आ गई। कमजोर नेता कभी भी आगे बढने नहीं देता। कॉंग्रेस को एक ही परिवार की आरती उतारने की परंपरा त्यागनी होगी और इस देश के मौलिक स्वरूप अर्थात हिन्दुत्व के अनुसार अपने आप को ढालना होगा, अन्यथा इसका और भी बुरा हाल होगा। – उ0 भा0

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hitit medya
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet güncel adres
hititbet 2026
hititbet giriş
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
solobet giriş
hititbet giriş
kralbet
otobet giriş
xslot giriş
otobet giriş
otobet giriş
otobet giriş
betyap giriş
betyap giriş
maksibet giriş
maksibet giriş
maksibet giriş
maksibet giriş
maksibet giriş
maksibet giriş
betnano
betnano
betnano
kralbet
kralbet
kralbet
setrabet
setrabet
kralbet
betpark giriş
hititbet
hititbet
Tuzla Cilt Bakım
İstanbul Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla Lenf Drenaj
Kolaybet Giriş
Betgaranti Giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot
xslot
hititbet
kralbet
kralbet
betnano
betnano