1857 की क्रांति की नायिका रानी झांसी के किले में

images (15)

12 नवंबर 2022 समय लगभग 2:30 हमने रानी झांसी के ऐतिहासिक किले में अपने साथियों श्रीनिवास आर्य ,रविंद्र आर्य एवं अजय कुमार आर्य के साथ प्रवेश किया। किले के मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही रानी झांसी के बारे में श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित कविता “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी…. पत्थर पर लिखी हुई है। जिसका वाचन कर हमने रानी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी पत्थर के एक ओर रानी की सुप्रसिद्ध तोप कड़क बिजली अभी भी रखी हुई है। यह तो इस समय कुछ टूटी फूटी स्थिति में है। इसी तोप के पास स्थापित की गई पत्थर पर रानी के सुप्रसिद्ध सेनापति गौर स्थान के बारे में लिखा है।

भारत का यह सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक किला बंगीरा नामक एक पहाड़ी पर स्थित है। यह 11वीं से 17वीं शताब्दी तक चंदेल राजाओं के लिए एक प्रमुख दुर्ग था। इस किले से सारा झांसी शहर अपनी अलग ही खूबसूरती दिखाता है। यह किला झांसी शहर के केंद्र में स्थित है। झांसी के ऐतिहासिक महत्व ,व्यक्तित्व और कृतित्व के कारण इस किले को विशेष रूप से सम्मान मिला है इस किले के साथ रानी की वीरता और शौर्य की कहानियों को लोग पूरे देश में आज भी बड़े चाव से सुनते हैं। महारानी झांसी किले का अपने प्रारंभिक वर्षों में अत्यधिक सामरिक महत्व था। इसका निर्माण राजा बीर सिंह जू देव (1606-27) ने ओरछा के बलवंत नगर शहर में बंगीरा नामक चट्टानी पहाड़ी पर किया था, जिसे वर्तमान में झांसी कहा जाता है। इस किले के लिए 10 दरवाजे या द्वार हैं।
मुख्य द्वार पर जाते ही हमने रानी की वीरता को नमन किया। उनके उन सभी साथियों को भी हृदय से स्मरण किया जिन्होंने उनके साथ रहकर उस समय देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था।
प्रमुख द्वारों में उन्नाव गेट, खंडेराव गेट, झरना गेट, दतिया दरवाजा, चांद गेट, लक्ष्मी गेट, ओरछा गेट, सागर गेट और सैनयार गेट सम्मिलित हैं। टैंक शिव मंदिर, रानी झांसी उद्यान और गुलाम गौस खान, खुदा बख्श और मोती बाई के लिए मजार के साथ प्रमुख किले क्षेत्र के भीतर स्थित हैं। गौस खान जैसे लोगों ने देशभक्ति दिखाते हुए जिस प्रकार रानी के साथ रहकर अपना बलिदान दिया वह निश्चय ही बहुत ही वंदनीय है। इस दुर्ग की मिट्टी का कण-कण उन वीरों की वीरता और देशभक्ति का गुणगान कर रहा है।
1857 समिति के समय रानी झांसी ने इस देश की नारी शक्ति का नेतृत्व करते हुए यह सिद्ध किया था कि जब देश के सम्मान की बात हो तो नारी शक्ति भी पीछे रहने वाली नहीं है। उन्होंने अपनी वीरता और देशभक्ति से उस समय अपना विशेष स्थान बनाया और देश भर के क्रांतिकारियों को एक ही माला के मोतियों के रूप में पिरोकर सबको देशभक्ति की भावना से भर दिया था।
उस समय यह किला रानी के विशिष्ट मंत्रिमंडल के निर्णयों के लिए तो महत्वपूर्ण हो ही गया था साथ ही देशभर के क्रांतिकारियों और देशभक्तों की नजरें भी इस किले पर जमी रहती थीं। उस स्माई भारत की राष्ट्रवादी भावनाओं का ज्वर चढ़ा हुआ था। जिससे इस किले में लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय होने बहुत अधिक प्रभावित किया था। यह रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व वाली लड़ाई का भी गवाह था। किले के परिसर के अंदर गणेश और शिव के मंदिर हैं । मूर्तियों के संग्रह के साथ एक संग्रहालय भी है। यह बुंदेलखंड के इतिहास में समृद्ध अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। रानी झांसी के बारे में हमें यह समझ लेना चाहिए कि उन्होंने केवल झांसी के लिए नहीं बल्कि पूरे देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। स्वामी दयानंद जी महाराज जैसे महान क्रांतिकारी सन्यासी से मिली थीं और उनके साथ ही योजना बनाकर पूरे देश को स्वाधीन कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्हें केवल और केवल झांसी तक सीमित करके देखना उनके साथ अन्याय करना होगा। यह इसलिए भी कहना उचित है कि स्वामी दयानंद जी महाराज जैसे व्यक्तित्व की दृष्टि में किसी झांसी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी जा रही थी बल्कि संपूर्ण भारत वर्ष से क्रांति के माध्यम से अंग्रेजों को भगाने की तैयारी कर रहे थे।
किला उत्तर भारतीय पहाड़ी किले की निर्माण शैली को दर्शाता है और यह वास्तव में दक्षिण भारत से कैसे भिन्न है ? उत्तरार्द्ध में अधिकांश किलों का निर्माण केरल के बेकल किले जैसे समुद्री तलों पर किया जा रहा है।झांसी किले की ग्रेनाइट की दीवारें 16-20 फीट मोटी हैं और शहर की दीवारें इससे दक्षिणी ओर मिलती हैं। किले का दक्षिणी भाग लगभग लंबवत है। कुल मिलाकर 10 द्वार हैं, जिनमें से कुछ के नाम ऊपर दिए गए हैं।रानी महल पास में स्थित है, जिसे 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बनाया गया था और इसमें वर्तमान में एक पुरातात्विक संग्रहालय है। किला 15 एकड़ में फैला हुआ है और संरचना 225 मीटर चौड़ाई और 312 मीटर लंबाई में है।
इस किले के बारे में हमारी उगता भारत टीम के सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इसमें रानी लक्ष्मी बाई का उनके घोड़े पर भव्य चित्र किले की ऊंचाई पर पंच महल के सामने बने पार्क में स्थापित किया जाए। झांसी को रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान के कारण जाना जाता है, इसलिए उनकी यह प्रतिमा इतनी ऊंची हो जो पूरे झांसी शहर को दिखाई देती हो। इसके अतिरिक्त किले के भीतर उनके इतिहास को चित्रों के माध्यम से फिल्मांकित किया जाना भी आवश्यक है। चित्रांकन और दीवार लेखन से उनका इतिहास यदि स्पष्ट कर दिया जाएगा तो आने वाले लोगों को अपने आप ही उनके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। इसके अतिरिक्त उनके साथ के क्रांतिकारियों के चित्र भी यहां पर स्थापित किए जाने आवश्यक हैं उनका इतिहास भी उनके चित्र के नीचे दीवार पर लिखा होना चाहिए।

डॉक्टर राकेश कुमार आर्य
संपादक उगता भारत

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betpark giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
mavibet giriş
mavibet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betorder giriş
mavibet giriş
mavibet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vaycasino giriş
bettilt giriş
realbahis giriş
realbahis giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
vaycasino
vaycasino giriş
gobahis giriş
gobahis giriş
vdcasino giriş
betorder giriş
betorder giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
meritking giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betasus giriş
betasus giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
hititbet giriş
meritking giriş
nitrobahis
nitrobahis
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
grandpashabet
grandpashabet
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş