Categories
उगता भारत न्यूज़

हम सब के जीवन -मरण और जन्म- जन्मान्तर का स्थायी साथी ईश्वर है – —-डॉ कपिल देव शर्मा ,दिल्ली


महरौनी (ललितपुर).. महर्षि दयानंद सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज महरौनी के तत्वावधान में मंत्री आर्यरत्न शिक्षक लखन लाल आर्य द्वारा विगत 2 वर्षों से संचालित आर्यों का महाकुंभ में दिनांक 21 सितम्बर ,2022, बुधवार को प्रसिद्ध वैदिक विद्वान् डॉ कपिल देव शर्मा, दिल्ली ने “”कौन मेरा है”” विषय पर बोलते हुए कहा कि संसार के सभी रिश्ते अस्थाई और स्वार्थ से परिपूर्ण होते हैं। जहां स्वार्थ पूर्ण नहीं होता वहां यह सारे रिश्ते फीके पड़ जाते हैं ।विशेषकर दुख की घड़ी में कोई मित्र पूछने वाला नहीं होता। सभी सुख के साथी माने जाते हैं उस समय हम सबका स्थाई साथी एकमात्र ईश्वर होता है। वह हमारे सभी जन्म ,स्थान एवं कर्मों को जानता है ,उससे कोई बात छुपाई नहीं जा सकती ,इसलिए मनुष्य को चाहिए कि सदैव उस ईश्वर का अवश्य ध्यान करे। क्योंकि वही मेरा सच्चा मित्र , आचार्य और न्यायाधीश है।
डॉ शर्मा ने कहा कि संसार में सबसे अधिक पुस्तक प्रेम पर लिखा गया है, परन्तु अधिकांश प्रेम सांसारिक और भौतिक हैं। आध्यात्मिक प्रेम के रूप में ईश्वर ही है,।इसीलिए हमें ईश्वर से अवश्य प्रेम करना चाहिए ।सुबह शाम नित्य योगाभ्यास ,संध्या वंदन द्वारा उस प्रभु को स्मरण करना चाहिए जिसका नाम ओम् है ।ओम् का अर्थ ही होता है सर्व रक्षक, सर्व रक्षक का अवश्य ध्यान करना चाहिए वही हमें आवागमन से छुड़ाकर मुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
कार्यक्रम में प्रो. डॉ.व्यास नंदन शास्त्री बिहार, डॉक्टर अखिलेश शर्मा महाराष्ट्र, डॉ.निष्ठा विद्यालंकार, लखनऊ, भजनोपदेशिका कविता आर्या दिल्ली,डॉ वेद प्रकाश शर्मा बरेली, भोगी प्रसाद म्यांमार चंद्रकांता आर्य चंडीगढ़,अनिल कुमार नरूला, दिल्ली, प्रेम सचदेवा दिल्ली,पं. पुरुषोत्तम मुनि वानप्रस्थ, डॉक्टर अरुण देव शर्मा, यदुवीर सिंह, संतोष सचान, दया आर्या, कमला हंस, अदिति आर्या ,आराधना सिंह शिक्षिका,सुमन लता सेन आर्या शिक्षिका, अवध बिहारी तिवारी शिक्षक, अवधेश प्रताप सिंह बैंस आदि ने भी इस विषय पर अपने विचार रखें।
विशेषकर युवा पीढ़ी इस कार्यक्रम से जुड़कर लाभ ले रहे हैं। देश -विदेश से सैकड़ों विद्वान् विदुषी एवं जिज्ञासु जुड़कर वैदिक धर्म के मर्म को जान पा रहे हैं। इसका श्रेय आर्यरत्न लखन लाल जी को जाता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए आर्य रत्न शिक्षक लखनलाल आर्य ने सभी श्रोताओं एवं वक्ताओं के प्रति आभार जताया।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vdcasino
betgaranti
betpark giriş
betpark güncel giriş
vdcasino
vdcasino
jojobet güncel
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş