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आदिवासियों की भूमि संबधी कठिनाइयों के त्वरित निवारण की जरूरत

नई दिल्ली में राज्यपालों का सम्मेलन 

जनजाति सलाहकार परिषद की संरचना में एकरूपता लाने की आवश्यकता

-ः राज्यपाल श्री कल्याण सिंह

नई दिल्ली, 11 फरवरी, 2015। राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कहा है कि सभी राज्यों में जनजाति सलाहकार परिषद की संरचना में एकरूपता लाने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि आदिवासियों के भूमि संबंधी अधिकारों के क्रियान्वयन व अन्य कठिनाइयों का त्वरित निवारण होना चाहिए। राजस्थान में अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में लगभग 12 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती हैं।

राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में राजस्थान प्रदेश की चर्चा कर रहे थे।

संविधान की पॉचवी अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रा में शांति एवं सुशासन स्थापित करने हेतु राज्यपालों द्वारा उत्तरदायित्वों का अनुसूचित जनजाति के कल्याण हेतु विवेकपूर्ण तरीके से निर्वहन करने की श्री सिंह ने जरूरत बताई है।

श्री सिंह ने बताया कि राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्रा का विस्तार कर 672 नवीन राजस्व ग्राम एवं तीन नगरपलिकाओं को शामिल किया गया है। राजस्थान सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रा के विस्तार के प्रस्ताव भारत सरकार को प्रस्तुत कर दिये हैं। श्री सिंह ने नये क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्रा शीघ्र घोषित किये जाने का भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया है ताकि इन क्षेत्रों में निवासरत जनजातीय जनसंख्या को भी अनुसूचित क्षेत्रा के दायरे में लाया जा सके।

राज्यपाल श्री सिंह ने कहा कि महानायक महाराणा प्रताप की जन्म भूमि व कर्म भूमि रहा राजस्थान देश का शांतिप्रिय राज्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्राफल की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का एक हजार से अधिक किलोमीटर का सीमा क्षेत्रा पाकिस्तान से सटे होने के कारण राज्य के समक्ष सुरक्षा व विकास की गंभीर चुनौतियाँ हैं।

राज्यपाल श्री सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय सीमा के जिलों में सुरक्षा को अधिक मजबूत किये जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा योजना लागू करने के सम्बन्ध में बैंको की तुलना में डाकघर ज्यादा उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के उदयपुर में आजीविका कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की गई है। ‘मेक इन इंडिया‘ की दिशा में राज्य में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए श्रम कानूनों एवं एप्रेंटिस एक्ट में आवश्यक संशोधन किये गये हैं।

श्री सिंह ने कहा कि राजस्थान में स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन सभी जिलों में किया जा रहा है। लोगों को शौचालय बनाने तथा उपयोग किए जाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।

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