एक गाय के जीवन भर के दुग्धादि से 8 से 10 लाख मनुष्यों के एक समय के भोजन की तृप्ति होती हैः स्वामी धर्मेश्वरानन्द’

Screenshot_20220615-104949_WhatsApp

ओ३म्

=========
श्रीमद्दयानन्द ज्यातिर्मठ आर्ष गुरुकुल, पौन्धा-देहरादून में दिनांक 2-6-2018 को तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के प्रातःकालीन सत्र में गो-कृष्यादि रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में आर्य प्रतिनिधि सभा, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मंत्री स्वामी कीर्तिशेष स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती जी का प्रभावशाली सम्बोधन हुआ था। अपने व्याख्यान में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा की थी। आज यहां हम उनका सम्बोधन प्रस्तुत कर रहे हैं।

स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती जी ने कहा कि देश को गोरक्षा की परम आवश्यकता है। गोरक्षा, गोसेवा तथा गोपालन के बिना देश की रीढ़ कमजोर हो जायेगी। ऋषि दयानन्द ने गोरक्षा के महत्व को अनुभव किया था। ऋषि दयानन्द ने अपनी पुस्तक ‘गोकरुणानिधि’ में गाय तथा बकरी से मनुष्यों को होने वाले लाभों का वर्णन किया है। एक गाय को मारकर मांस खाने से एक समय में मात्र 80 लोगों का पेट भरता है वा वह तृप्त हो सकते हैं। इसके विपरीत एक गाय के जीवन भर के दुग्ध आदि पदार्थों से एक समय में लगभग 4 लाख 14 हजार मनुष्यों का भोजन होकर वह तृप्त होते हैं। विद्वान स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती जी ने कहा कि एक गाय अपने जीवन में 8 से 10 लाख लोगों का एक समय में पोषण करती है। स्वामी जी ने गोदुग्ध, गोघृत, गोमूत्र, गोबर आदि के लाभों सहित इन पदार्थों के प्रयोग से विष के नाश होने के पक्ष की भी चर्चा कर उस पर प्रकाश डाला। स्वामी जी ने कहा कि उनके गुरुकुल में एक व्यक्ति को बिजली का करण्ट लग गया था। उसका एक हाथ निष्क्रिय प्रायः हो गया था। उसकी गाय के घृत से मालिश की गई। इसके प्रभाव से उसका हाथ पुनः पूर्ववत् अर्थात् ठीक हो गया था।

स्वामी धर्मेश्वरानन्द जी ने अपने गुरु स्वामी ओमानन्द जी द्वारा आंख के फोला रोग की चिकित्सा का उल्लेख किया और बताया कि वह इसका उपचार किया करते थे। इसके लिए रुई की सात बत्तियां बनाकर उन्हें एक कांच की कटोरी में आक के दूध में डूबो कर रखते थे। फिर उसमें देशी गाय का शुद्ध घी भर देते थे और उसे सात दिन इसी प्रकार पड़ा रहने देते थे। सात दिन बाद सात दिनों तक एक-एक बत्ती का सूरमा बनाकर लगाते थे। इसका काजल भी लगा सकते हैं। इस चिकित्सा से आंख का फोला नष्ट हो जाता था।

स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती ने सर्प विष चिकित्सा की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामी ओमानन्द जी ने सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को गाये के दूध और गोबर में आकण्ठ खड़ा किया था। इस चिकित्सा से उस व्यक्ति का सर्पदंश का विष ठीक हो गया था। ऋषि भक्त स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती ने कहा कि गोदुग्ध, गोघृत, गोमूत्र, गोबर आदि से कैंसर के रोगी सहित आंख व अन्य रोगियों की भी चिकित्सा सम्भव है। स्वामी ओमानन्द सरस्वती प्रसिद्ध वैद्य थे। वह इन सभी रोगों की चिकित्सा इसी प्रकार किया करते थे।

स्वामी जी ने बताया कि प्रसिद्ध देशभक्त श्री राजीव दीक्षित जी ने गोहत्या पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए न्यायालय में एक मुकदमा किया था। इस मुकदमे में मुसलमानों ने अपने सात वकील किये थे। मुसलमानों के वकीलों की दलील थी की गाय बूढ़ी हो जाती है तो उन्हें मारने में लाभ है। उन्होंने दलील दी थी कि ऐसा उनके धर्मग्रन्थ में लिखा है। ऐसा न होने पर गायों की जनसंख्या बढ़ेगी। ऐसी अनेक दलीले उन वकीलों ने दी थी। इन दलीलों का प्रमाणों के साथ राजीव दीक्षित जी ने प्रतिवाद किया था। दीक्षित जी ने न्यायालय में गोरक्षा व गोपालन के लाभ बताये और यह भी बताया कि अनेक रोगों में गाय के दुग्ध, घृत, गोमूत्र आदि से चिकित्सा करने पर लाभ होता है। उन्होंने यह भी बताया था कि बिना गाय के दूध, गोबर व गोमूत्र से भी गाय से बहुत से लाभ होते हैं। स्वामी जी ने राजीव दीक्षित जी की दलीलों के आधारत पर बताया कि एक गाय प्रति दिन लगभग 10 किलोग्राम गोबर देती है। महीने में एक गाय से लगभग 300 किग्रा. गोबर प्राप्त होता है। इस गोबर से सबसे उत्तम खाद बनती है जिससे प्राप्त अन्न उत्तम कोटि का होता है। स्वामी जी ने कहा कि एक गाय का गोबर 6 रुपये प्रति किग्रा. के हिसाब से 60 रुपये का होता है। इस प्रकार गाय के गोबर मात्र से ही प्रति दिन 60 रुपये प्राप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक गाय का एक दिन का मूत्र लगभग 10 लिटर होता है। इसकी प्रतिदिन की कीमत भी लगभग 100 रुपये होती है। स्वामी जी ने कहा कि गोमूत्र से निर्मित ओषधियां आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त लाभकारी होती हैं। उन्होंने गणना कर बताया कि एक गाय के मूत्र से 1.08 लाख रुपये का लाभ होता है। स्वामी जी ने कहा कि गोबर को गैस में बदल कर उससे गाड़िया चलाई जा सकती है और विद्युत भी बनाई जा सकती है।

स्वामी धर्मेश्वरानन्द सरस्वती जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 450 गोशालायें हैं। एक ऐसा युवक है जो केवल बूढ़ी गाय ही रखता है। वह युवक केचुआ पालन करता है और गोमूत्र आदि से दवायें बनाता हैं। उसके पास सौ बूढ़ी गायें हैं। वह अपने परिवार का पालन भी करता है और वर्ष में 2 लाख रुपये की बचत भी कर लेता है। स्वामी जी ने कहा कि रासायनिक खाद का प्रयोग करने से हमारे खेतों में जहर जा रहा है। हम विषयुक्त अन्न खाने के लिए मजबूर है। स्वामी जी ने गोबर की खाद का प्रयोग करने की सलाह दी और रासायनिक खाद से उत्पन्न अन्न खाने से लोगों को सावधान किया।

स्वामी जी ने बताया कि तरबूज को भीतर से लाल रंग का करने के लिए जहरीला इंजेक्शन लगाया जाता है। लौकी में भी जहरीला इंजेक्शन लगाया जाता है। इसके प्रभाव से लौकी तीन दिन के बाद खाने के योग्य नहीं रहती। स्वामी जी ने कहा कि गाय के गोबर व गोमूत्र से खेती में प्रयोग किये जाने वाले कीटनाशक बनते हैं। उन्होंने कहा कि मैं भी खेती करता हूं। यह मेरा स्वानुभूत है कि गोबर आदि से बना कीटनाशक उत्तम होता है। स्वामी जी ने कहा कि रासायनिक खाद का प्रयोग कर हम अपने खेतों को बंजर बना रहे हैं। स्वामी जी ने कहा कि गोबर की खाद में केंचुएं अधिक होते हैं। इन केंचुओं से भूमि की उर्वरकता व अन्न उत्पन्न करने की शक्ति में वृद्धि होती है। स्वामी जी ने कहा कि खेती में गोबर की खाद के प्रयोग से हमें विष मुक्त व रोगरहित फसल मिलेगी। अपने वक्तव्य को विराम देते हुए स्वामी जी ने कहा था कि यदि खेती में गोबर की खाद सहित अन्य सभी उपायों का प्रचलन किया जायेगा तो उससे गोरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। गोरक्षा सम्मेलन का संचालन युवा आर्य विद्वान डा. रवीन्द्र आर्य ने योग्यता से किया। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
restbet giriş
safirbet giriş
betnano giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş