उगता भारत की भावना और उद्देश्य

main page daily ugta bharatदेश धर्म और संस्कृति के समक्ष चुनौतियां, और हमारी सोच की दिशा विपरीत है। इधर चुनौतियां हैं, हम उधर या तो सोच नही रहे हैं, या जानकर भी उधर से मुंह फेरकर खड़े हैं। ज्वलंत उदाहरण है कि भारत को भी बांगलादेश से मिले 50-55 गांव, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी अपने देश के साथ लाकर जोडऩे में सफल रहे हैं। इन गांवों के लाखों लोगों को आज 68 वर्ष बाद आजादी मिली है और उन्होंने बेमौसम की होली मनाकर इतना आनंद लिया जितना हम 68 वर्षों की सारी होलियों का नही ले पाए। उन्हें आजाद होने में और हमारे साथ मिलने में 68 वर्ष लग गये। हमारे नेतृत्व को अब से पूर्व कोई चिंता नही रही अर्थात वे चुनौतियों से मुंह फेरकर खड़े रहे। जबकि बांगलादेश निर्माण के समय वह अवसर आया था जब हम अपने इन बंधुओं को साथ खड़े ‘बंग बंधु’ से ले सकते थे।

लोकतंत्र में संगठनों का विशेष महत्व होता है। क्योंकि संगठनों के माध्यम से लोग अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर लेते हैं और सरकार पर दबाब बनाकर अपने अधिकार प्राप्त कर लेेते हैं। पर यह बात सिरे से ही अतार्किक है। जो सरकार दबाव के बाद ही जनसमस्याओं के प्रति गंभीर हो, वह सरकार लोकतांत्रिक नही हो सकती। हां उसे राजतंत्र या तानाशाही शासन अवश्य कहा जा सकता है। लोकतांत्रिक सरकार वह होती है जो सामाजिक संगठनों को बनने देने का अवसर ही उपलब्ध न कराये। अपनी ओर से जनकल्याण के लिए इतनी समर्पित हो कि लोगों को सरकार के साथ चलने में प्रसन्नता हो, उसके जय-जयकार करने में लोग चाटुकारिता नही बल्कि गौरव की अनुभूति करें।

हम आधी अधूरी आजादी और आधे अधूरे भ्रमपूर्ण लोकतंत्र में जा रहे हैं। तभी तो हम अपनी मांगें मनमाने के लिए सडक़ों पर जाम लगाकर दूसरों की आजादी में विघ्न डाले हुए अपना उल्लू सीधा करते हैं। हमारे लोकतंत्र भी एक आफत है और सामाजिक संगठन भी एक आफत हैं, लोकतंत्र रेवडिय़ां बांट रहा है, और अपनों को ही दिये जा रहा है, अथवा उन्हें दे रहा है जो रेवडिय़ा खाने में सक्षम हैं, जबकि सामाजिक संगठन रेवडिय़ां लूट रहे हैं। कष्ट वह व्यक्ति झेल रहा है जिसके पास कोई संगठन नही है। इसलिए उसकी अंतडिय़ां दिन-प्रतिदिन और भी अधिक सूखती जा रही हैं। संघर्ष की दिशा गलत रही है, इसलिए यह गलत परिणाम आ रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों में भी जो लोग विचारणीय हैं और समाज व राष्ट्रोत्थान के कार्यों में लगे हैं, उनका प्रयास वंदनीय है। उन्हीं के लिए भर्तृहरि ने नीतिशतक (83) में कहा है-विचारशील और कार्य को सिद्घ करने वाले व्यक्ति कभी भूमि पर सोते हैं, तो कभी पलंग पर सोते हैं, कभी सागपात पर ही निर्वाह करते हैं, तो कभी चावल के भात का भोजन करते हैं, कभी गुदड़ी ओढक़र दिन बिताते हैं तो कभी सुंदर वस्त्र धारण करते हैं। ऐसे व्यक्ति सुख-दुख को नही गिनते। ये व्यक्ति धीरज का सहारा लेकर चलते हैं।

जैसे स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह लोगों की श्वासों की गति अस्त व्यस्त हो जाती है और प्राणायाम से उनके श्वांस प्रश्वांसों की गति को योगी लोग ठीक कराते हैं वैसे ही पथभ्रष्ट समाज और दिशाविहीन राष्ट्र की नीतियों की परिभाषाओं के श्वांस प्रश्वांसों की गति बिगड़ जाती है। जिन्हें कोई ‘समाजसेवी योगी’ अपनी चिकित्सा से ठीक करता है।

मीडिया का धर्म सरकार की नीतियों की खिल्ली उड़ाना नही है, और नही ही सरकार के विरूद्घ कोई जनमत तैयार करना है। इन दोनों में आंशिक सच हो सकता है, पर पूर्ण सत्य नही हो सकता। पूर्ण सत्य है पथभ्रष्ट समाज और दिशाविहीन राष्ट्र की नीतियों की परिभाषाओं के बिगड़े श्वांस प्रश्वांसों को ठीक करना। उसी से ‘उगता भारत’ निर्माण का सपना साकार होगा।

‘उगता भारत’ दैनिक होकर अपने इसी धर्म का निर्वाह करेगा। इस आंदोलन में जो साथी किसी भी रूप में जुड़े हैं, या जुड़ रहे हैं या जिन्होंने किसी भी रूप में हमें संबल प्रदान किया है, उन सबका हार्दिक अभिनंदन करते हुए समाज के उनसभी भद्र पुरूषों का आह्वान है कि वे हमें अपने विचारों से अवगत कराते रहें, जो किसी भी प्रकार से जनसमस्याओं के प्रति गंभीर हैं और उनका कोई समाधान भी देना चाहते हैं। उनके विचारों से जनता को समाधान मिले, शासन को सही दिशा और समाज को सही दशा मिले। इस यज्ञ में अपनी -अपनी मौन आहुति डालते चलें। यह राष्ट्रयज्ञ है, पीछे ना रहें, आगे आयें और जुट जाएं ‘विश्वगुरू भारत’ में निर्माण में।

दैनिक ‘उगता भारत’ का यह प्रथम अंक इसी भावना और उद्देश्य को समर्पित है।

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
holiganbet güncel giriş
holiganbet güncel
holiganbet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
klasbahis giriş
klasbahis giriş
holiganbet güncel
imajbet güncel
holiganbet güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betyap güncel
betpark giriş
betpark giriş
betyap giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
holiganbet giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
sahabet giriş
sahabet giriş