यज्ञ को विधि विधान से करने को प्राथमिकता दी है हमारे ऋषियों ने = आचार्य विद्या देव

अजय आर्य
दादरी। उगता भारत समाचार पत्र परिवार की ओर से आयोजित किए गए यजुर्वेद पारायण यज्ञ के प्रथम सत्र में ब्रह्मा के रूप में बोलते हुए आर्य जगत के सुप्रसिद्ध आचार्य विद्या देव ने अपने प्रवचनों में कहा कि प्रति दिन घर में करने वाले मनुष्य के पास अपनी दो चीजें हैं, वह हैं अपना शरीर व आत्मा! जो व्यक्ति अपने जीवन को वेदों के अनुसार जीने का संकल्प लेता है उसका शरीर स्वस्थ और आत्मा पवित्र बन जाती है। जीवन को उत्तम बनाने के लिए हमें वैदिक नित्य कर्मों को अपनी दिनचर्या में स्थान देना चाहिए।


आचार्य श्री ने अपने संबोधन में कहा कि यजुर्वेद कर्म प्रधान वेद है ।इसलिए से कर्म वेद भी कहा जाता है उन्होंने कहा कि वेदों के प्रति निष्ठा रखते हुए वेदों की आज्ञा का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति का धर्म है। क्योंकि ऐसा करने से ही मानव जीवन उन्नति को प्राप्त होता है। समाज में सभी धार्मिक एवं नित्य कर्मों में यज्ञ का महत्व प्राचीन काल से प्रचलित है। भारतीय ऋषियों ने जन कल्याण हेतु यज्ञ को विधी विधान से करने को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि आज वेदों की आज्ञाओं को पालन करने वाले लोगों को समाज में हेय दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे समझा जाता है कि जैसे यह पिछड़ी सोच के व्यक्ति हैं। जबकि सच यह है कि वेद की आज्ञा का पालन करने वाले व्यक्ति के जीवन में सर्वत्र शांति का वास होता है ।वह आत्मिक शांति के लोक में रहता है। जबकि भौतिक जगत के सुख भोगो में जीवन जीने वाला व्यक्ति कभी भी आत्मिक शांति का अनुभव नहीं कर सकता।


उन्होंने कहा कि वेदों की भाषा संस्कृत है। जिसे सीखने से संसार की सभी भाषाओं का बोध हो जाता है। क्योंकि संसार की सारी भाषाएं संस्कृत से ही जन्मी है । संस्कृत के शब्दों को समझने और उनकी व्याकरण के अनुसार उत्पत्ति को समझ लेने से दूसरी भाषाओं के शब्दों का बोध हो जाता है और पता चल जाता है कि किस प्रकार दूसरी भाषाओं के शब्द हमारी मूल संस्कृत भाषा से निकले हैं।
इस अवसर पर आर्य समाज के सुप्रसिद्ध नेता महेंद्र सिंह आर्य ने अपना विद्वत्ता पूर्ण सम्बोधन दिया और वैदिक विधि विधान सहित यज्ञ पर विस्तार से अपने विचार रखे। इसी प्रकार आचार्य करण सिंह के द्वारा भी अपने विद्वतापूर्ण संबोधन में लोगों का मार्गदर्शन किया गया। महाशय जगमाल सिंह द्वारा भजनोपदेशन के माध्यम से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उल्लेखनीय है कि यह यज्ञ उगता भारत समाचार पत्र परिवार के द्वारा अपने चेयरमैन श्री देवेंद्र सिंह आर्य के विधि व्यवसाय के 45 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में किया जा रहा है। जिसके आयोजक संयोजक प्रोफेसर विजेंदर सिंह आर्य, मेजर वीर सिंह आर्य एवं डॉ राकेश कुमार आर्य हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन आर्य सागर खारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर सरपंच रामेश्वर सिंह, महेंद्र सिंह आर्य, मुकेश नागर एडवोकेट, एन डी दीक्षित, ए के मिश्रा,
सत्यपाल यादव, बिरेश कुमार बंसल ,अशोक आर्य, सुभाष शर्मा, उमेश शर्मा, राकेश यादव, रविंद्र कुमार आर्य, नरेश यादव, राजेंद्र सिंह यादव , महावीर सिंह आर्य, अखिलेश गिरी, गिरीश मुनि जी
आदि लोगों की उपस्थिति रही।

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