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मीडिया और मोदी का संबंध

mediaमिडिया से क्यों है मोदी की दूरी, जानिए सच सोची समझी इस रणनीति के बारे में
मोदी द्वारा मिडिया से दुरी रखने के कारण २७५ खबरिया चेनल घाटे की ओर बढ़ने लग गए हैं. मोदी को पीएम बने दो महीने हो गए हैं . अब मोदी अपनी बात कहने के लिए सोशल मिडिया को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं मोदी चाहते हैं कि सोशल मिडिया ज्यादा प्रभावशाली हो.

मनमोहन सरकारके जमाने में पहले पीएम अपने साथ आलिशान एयर इंडिया के विमान में मिडिया के भारी भरकम दल को ले जाते थे .इनका सारा खर्च सरकार ही वहां करती थी. सच कहें पीएम का विदेश दौरा सेकुलर पत्रकारों के लिए उत्सव बन जाता था बदले में उन्हें सरकार की तारीफों के पुल बांधने पड़ते थे साथ ही मोदी की आलोचना भी करनी पड़ती थी. अब वह जमाना नहीं रहा दो समाचार एजेंसी और सरकारी प्रसारक दूरदर्शन के संवाददाता ही मोदी के साथ विदेश दौरों पर जाते हैं, मोदी सरकार के इस रवैये से मिडिया को बहुत नुकसान हो रहा है. मोदी की चुप्पी इस आग में घी का काम कर रही है. मिडिया चाहती है मोदी कुछ न कुछ बोलते रहें ताकि हम उसमें अपनी TRP के लिए मसाला पैदा कर सकें. मिडिया को तो सिर्फ मोदी को विवादित करने में ही मजा आता है .मोदी अब मिडिया की चाल को बखूबी समझ गए हैं. पीएम बनाने से पहले तो काफी हद तक चाबी मिडिया के हाथ में थी अब चाबी मोदी के हाथ में है.
अब मोदी किसी भी कीमत में खुद को मिडिया का मोहरा नहीं बनने देंगे. यह सावधानी उनहोंने अपने मंत्रियों को भी बरतने को कह दिया है जिसका पालन भी होने लगा है.

नवी आर्या

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