केन्द्र सरकार छोटे और मंझोले समाचार पत्रों की समस्याओं का हर संभव हल निकालेगी

      नई दिल्ली, 21 दिसम्बर, 2014। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल श्री राज्यर्वद्धन सिंह राठौड़ ने छोटे और मंझोले समाचार पत्रों को भरोसा दिया है कि उनकी वाजिब समस्याओं का हल करवाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जायेंगे।

      श्री राठौड़ ने नई दिल्ली में इंडियन न्यूज पेर्पस सोसायटी भवन (आई.एन.एस.) में भारतीय लघु एवं मध्यम क्षेत्रीय समाचार पत्रों के संगठन ’’इन्सार मीडिया’’ द्वारा ’’सामाजिक सद्भाव एवं समरसता में मीडिया की भूमिका’’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

      उन्होंने कहा कि लोकतंत्रा के चौथे स्तंम्भ प्रेस एवं मीडिया की भूमिका अति महत्वर्पूण हे। विशेष कर छोटे और मंझोले समाचार पत्रा पत्रकारिता की आत्मा है। श्री राठौड़ ने कहा कि हमारा देश गांवों और कस्बों में बसता है। अतः इन समाचार पत्र पत्रिकाओं के कंधों पर दायित्व और अधिक है। उन्होंने कहा कि ’’फोज’’ और ’’पत्रकारिता’’ में सर्मपित भाव से देश के लिए काम करना ही लक्ष्य होना चाहिए।

      श्री राठौड़ ने पत्रकारों से अपील की कि वे सही-सटिक, तथ्य परक और देश हित के समाचारों को प्राथमिकता देकर लोकतंत्रा के चारों स्तंभों में संतुलन स्थापित करते हुए अपने गुरूत्तर दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को एक मिशन माना जाना चाहिए, न कि व्यवसाय ।

      उन्होंने भारतीय प्रेस परिषद् के पूर्व सदस्य एवं इन्सार के संरक्षक श्री सुशील झालानी (अलवर) के सुझाव पर लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों के साथ हर चार माह के अन्तराल में एक बैठक करवाने का आश्वासन दिया ताकि आंचलिक पत्रों की समस्याओं का समुचित हल हो सके।

      संगोष्ठी को इंटरनेशनल को ओलिएशन ऑफ पीस के अध्यक्ष डॉ. सैयद जफर मेहमूद, वरिष्ठ पत्रकार श्री एस.के. गुप्ता तिजारेवाला, इंसार के संरक्षक श्री सुशील झालानी, संस्थापक अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन, अध्यक्ष श्री अनिसउर रहमान, राजस्थान सूचना केन्द्र, नई दिल्ली के अतिरिक्त निदेशक गोपेन्द्र भट्ट आदि ने भी सम्बोधित किया।

राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरूण चर्तुवेदी की

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात राज्य मंत्री श्री मुख्यतार नकवी से मुलाकात

अल्पसंख्यकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने के लिए

केन्द्रीय अल्प संख्यक राज्यमंत्री करेंगे राजस्थान की यात्रा

       केन्द्रीय अल्प संख्यक मामलात के राज्य मंत्री श्री मुख्यतार नकवी ने कहा है कि वे शीघ्र ही राजस्थान की यात्रा कर अल्प संख्यकों की समस्याओं का मौके पर ही निदान करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि मदरसा शिक्षा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ कर अल्पसंख्यकों के युवक युवतियों को स्वावलम्बी बनाने के प्रयासों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

      श्री नकवी ने यह बात राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरूण चर्तुवेदी से नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने राजस्थान के अल्प संख्यक छात्र-छात्राओं की केन्द्र में लम्बित छात्रवृत्तियों को तत्काल जारी करने के निर्देश भी सम्बन्धित अधिकारियों को दिए।

      मुलाकात के दौरान श्री चर्तुवेदी ने केन्द्रीय राज्य मंत्री से आग्रह किया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (नवीन) के अन्र्तगत सभी आवेदकों को छात्रवृत्ति देने के लक्ष्य पुनः निर्धारित किए जाए। राज्य में निर्धारित लक्ष्य 16371 विद्र्याथियों के विरूद्ध 39685 विद्र्याथियों के ऑनलाईन आवेदन अल्प संख्यक कार्य मंत्रालय को भेजे गये हैं।

      इसी प्रकार अल्प संख्यक समुदायों के गरीब और मेघावी छात्रों को तकनिकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लक्ष्य भी पुननिर्धारित करने की जरूरत है।

      श्री चर्तुवेदी ने बताया कि मैरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति की इस योजना के तहत राज्य में 1965 विद्र्याथियों को छात्रवृत्तियां देने का लक्ष्य निर्धारित है, लेकिन इसके विरूद्ध 3158 नवीन ऑन लाईन आवेदन हुए हैं और सभी आवेदक विद्र्याथियों को केन्द्र से मदद की दरकार है।

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