रणथंभौर के अभयारण्य के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

वीडियो रणथंभौर के अभयारण्य (बाघों के लिए सुरक्षित वन क्षेत्र) का है। जहां मनुष्य के बसने पर प्रतिबंध है उस स्थान पर कब्र और उसपर हरे रंग का कवर कैसे किया गया?
आज पूरे भारत में कहीं भी पीर की कब्र रातों रात बना दी जाती है। फ्लाईओवर पर भी पीर की कब्र बना दी जाती है। वैसे यह प्रचलन नया नही है। एक ऐतिहासिक भवन में ऊपरी मंजिल पर कब्र बनी हुई है। आश्चर्य है कि छत पर किसी को कैसे दफनाया जा सकता है।

बेहद कीमती व्यवसायिक जमीनों पर पीर है। दिल्ली, गुड़गांव में अनेक बहुमूल्य जमीनों पर पीर की कब्र हैं। कुरुक्षेत्र के पिपली में हरियाणा टुरिज्म के प्रांगण में पीर की कब्र है। कुरुक्षेत्र मे सेक्टर 17 केसल माल के पास व सेक्टर 8 में आयुवर्दिक महाविद्यालय के पीछे भी पीर के नाम पर करोड़ों की जगह कब्जाई हुई है।कुरुक्षेत्र बस स्टैंड के निकट खाली जगह को घेर कर पीर बनाने की तैयारी की खबर कई दिन पहले आ चुकी है।

यहाँ से फिर ज़मीन जेहाद शुरू हो जाता है। कुछ समय बाद उस पीर के कागज वक्क बोर्ड में जाते है। वक्क बोर्ड किसी कोर्ट में जाता है। कोर्ट के माध्यम से मुस्लिम उस पीर की ज़मीन पर कब्जा कर लेते है। आगे दुकान निकाल लेते हैं और पीछे पीर का का चढ़ावा उठाते रहते है। उस चढ़ावे के पैसे से जेहाद चलाते हैं। यही तो है सारा खेल।

इसका एक उदाहरण करनाल हरियाणा की नहर के पास वाले पक्के पुल पीर पर कब्जा करना है। फेसबुक पोस्ट से जानकारी मिली है कि करनाल के ऊंचा समाना गांव के लोग अपने पीर की जमीन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहां पक्का पुल पीर पर सालाना आने वाला चढ़ावा ऊंचा समाना गांव के विकास में पंचायत द्वारा प्रयोग किया जाता था। लेकिन उस चढ़ावे पर भी जिहादियों ने अपना कब्जा कर लिया।

दूसरा उदाहरण किनाना,जींद,हरियाणा में ढाई एकड़ में फैले पीर पर कब्जा करने के लिए चल रहा संघर्ष है। मूल भारतियों के पास से धीरे-धीरे पीर के नाम पर जमीन छिनती जा रही है। परिणामस्वरूप लोगों ने जागरुक होकर पीर,शहीदों को तोड़ना शुरू कर दिया है।

अब आपको क्या करना है? जब भी आप को सड़क के आसपास कहीं पर नीला या हरा झंडा दिखाई दे, उसे उतारकर नष्ट कर दे और देश को बचाने में सहायता करें। इसके अतिरिक्त जब भी बस या रेलगाड़ी में बैठे तो वहाँ लगे ‘रहमान मियां’ आदि के पर्चे फाड़ दे ताकि किसी बहन,बेटी की ज़िंदगी बर्बाद होने से बच सके। हो सकता है कि अगला शिकार आप ही हो या आपकी कोई रिश्तेदार औरत हो।

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