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उगता भारत न्यूज़

भारत में बैन हो एमनेस्टी इंटरनेशनल, भारतीय लोकतंत्र और यहां की सरकार के खिलाफ साजिश का लंबा इतिहास : हिमन्त बिसवा सरमा असम मुख्यमंत्री

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 20 जुलाई 2021 को पेगासस रिपोर्ट पर वामपंथी मीडिया के साथ अंतरराष्ट्रीय समूह को मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ”कुछ मीडिया आउटलेट्स ने कहा है कि कुछ लोगों को चिन्हित करके उनकी जासूसी की जा रही है, लेकिन वह इसकी पुष्टि नहीं कर सकते कि क्या उनकी गोपनीयता से कोई समझौता किया गया था। यह कैसी पत्रकारिता है? एमनेस्टी इंटरनेशनल और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय समूह भारतीय लोकतंत्र और मोदी सरकार को बदनाम करने की कोशिश में क्यों कर रहे हैं?”

मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में हिमंत ने कहा, ”एमनेस्टी इंटरनेशनल का भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश रचने का लंबा इतिहास रहा है। मैं इस साजिश की कड़ी निंदा करता हूँ और मोदी सरकार से ऐसे संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करता हूँ, जो हमारे देश को बदनाम करने और नुकसान पहुँचाने पर अमादा हैं।”

पेगासस रिपोर्ट पर असम के सीएम ने कहा, ”मैं भारत सरकार से देश में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कामकाज पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करता हूँ। मुझे लगता है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी को भी केंद्र सरकार से हाथ मिलाना चाहिए। वे हमारे देश को हर समय इस तरह से बदनाम नहीं कर सकते हैं।”

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जुलाई 20 को IIT गुवाहाटी में एक नए ‘आपदा प्रबंधन और अनुसंधान केंद्र’ का उद्घाटन भी किया।

इस मामले पर भारत सरकार ने कहा था, “जो कहानी बनाई जा रही है, वो न सिर्फ तथ्यों से दूर है बल्कि एक पूर्व-कल्पित निष्कर्षों पर भी आधारित है। ऐसा लगता है कि जैसे ये जाँचकर्ता, अभियोजक और जूरी– इन तीनों का किरदार अदा करना चाहते हैं। सरकार के पास जो सवाल भेजे गए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि इसके लिए काफी घटिया रिसर्च किया गया है और साथ ही ये भी बताता है कि सम्बंधित मीडिया संस्थानों द्वारा मेहनत नहीं की गई है।”

लोकसभा में 19 जुलाई को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस विवाद पर वामपंथी वेबसाइट ‘द वायर’ और NDTV को जमकर लताड़ा था। उन्होंने इस रिपोर्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ये तथ्यों से परे है और इसमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें सरकार पर पत्रकारों, भारतीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, विपक्षी नेताओं और अन्य हस्तियों पर जासूसी करने के लिए स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। ये रिपोर्ट देश के लोकतंत्र और हमारी सुस्थापित संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास लगती है।

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