भारत में पुलिस और नागरिक सम्बन्ध-कल और आज

मनीराम शर्मा
पुलिस सुधार के लिए भारत में समय समय पर स्वर उठते रहे हैं और जनता के उबाल पर ठन्डे छींटे मारने के लिए विभिन्न कमेटियों/आयोगों/बोर्डों का गठन किया जाता रहा है किन्तु पुलिस के कर्कश स्वर में अभी तक कोई कमी नहीं आई है। प्राय: आरोप लगते रहते हैं कि पुलिस अपराधियों के साथ अपवित्र गठबंधन रखती है। आम जनता पुलिस से दूर ही रहना चाहती है चाहे उसे कोई वहनीय नुक्सान ही क्यों न हो जाए क्योंकि पुलिस के पास जाने पर हानि निश्चित है लाभ हो या न हो। मद्रास उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने भी कहा है कि जिन लोगों के आपसी विवाद हैं उनमें से मात्र 10 प्रतिशत ही न्यायालयों तक आते हैं। यह कथन भारत की न्यायिक प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाता है जिस पर न्यायिक जगत को मंथन और आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है। देश में न्यायपालिका अपने आपको सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च होने का दम भरती है अत: जो कुछ पुलिस, प्रशासन और राजनीति में अवांछनीय हो रहा है उसमें न्यायपालिका का सक्रिय नहीं तो कम से निष्क्रिय योगदान से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्वतंत्रता के बाद, अंग्रेजी शासन की ही भांति तुष्टिकरण के एक कदम के रूप में, दिनांक 10.11.1971 को पुलिस सुधार के लिए गोरे कमिटी का आज से 42 पूर्व गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की थी किन्तु संभवतया इसकी सिफारिशें आजतक धूल चाट रही हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस को अब उनके विभिन्न कार्यों के निर्वहन में सेवा उन्मुख होना होगा । यह रिपोर्ट पुलिस और लोगों के बीच एक सार्थक संबंध की जरूरत और महत्व को रेखांकित करती है। पुलिस की अपने सभी कामों में सफलता समुदाय से उपलब्ध स्वैच्छिक सहयोग पर निर्भर है। पुलिस और जनता के बीच संवाद की बिल्कुल कमी इसकी नैतिकता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है जो बेख़बर आलोचना का कारण बनती है। किसी भी पुलिस बल की शक्ति का आधार, एक लोकतांत्रिक देश में, क्वजनता का विश्वास ही है । एक विकासशील समाज में पुलिस अधिकारी का जनता की अपेक्षाओं का ध्यान रखने में विफल रहना बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। संविधान और एक समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष समाज की अवधारणा में पुलिस की भूमिका, पुलिस और समुदाय के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि पर निर्भर है। दरअसल पुलिस के सभी विकास कार्यक्रमों की सफलता, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों के समर्थन की जरूरत है। पुलिस आचरण के आदर्श सिद्धांतों, जिसे 1960 में पुलिस के महानिरीक्षकों के सम्मेलन द्वारा अपनाया गया था, में जनता के सहयोग और लोकप्रिय समर्थन के लिए आवश्यकता पर बल दिया गया था। इसमें विकसित तीन मुख्य सिद्धांतों में, पुलिस भी जिन कर्तव्यों का पालन करती है हर नागरिक को भी करना है और वे केवल इस अंतर के साथ नागरिक हैं कि पुलिस एक पूर्णकालिक आधार पर नियोजित संगठन हैं। पुलिस अपने कृत्यों द्वारा जब तक कुशल प्रदर्शन व सम्मान के साथ लोगों का विश्वास हासिल करने और प्रयास करने के लिए खुद के आचरण को जनानुकूल नहीं बनाएगी जनता उनसे दूरी बनाए रखेगी।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पुलिस का कर्तव्य है कि बल के इस्तेमाल के बिना स्थितियों से निपटने, और सहानुभूति व समाज के सभी वर्गों के कल्याण के प्रति जागरूक और उनके सामाजिक संबंध के बिना व्यक्तिगत सेवा, दोस्ती और जरूरत में लोगों को सहायता देने के लिए हमेशा तैयार खड़ी रहे। यह सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ के पुलिस अधिकारियों को पुलिस के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाकर एक अनुकरणीय उदाहरण स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने में आजादी के बाद से चाहे पुलिस ने अच्छा काम किया है, लेकिन आम आदमी थाना पुलिस के आचरण से सबसे अधिक चिंतित है । हमारे सामने उपस्थित सबूत से पता चलता है कि थाना पुलिस की सार्वजनिक छवि असंतोषजनक है । पुलिस के नजरिए में परिवर्तन के अलावा पुलिस के प्रति लोगों के नजरिए को नई दिशा भी जरूरी हैं। हिंसक और असामाजिक तत्वों के साथ लगातार संपर्क में रहना पुलिसकर्मियों के सभी प्रकार के व्यवहार और दृष्टिकोण को प्रभावित करता है। लोगों की नजर में यह पुलिस के काम से जुडा होने से यह निश्चितरूप से एक कलंक है। वार्षिक पुलिस परेड, खेल, आदि जैसे पुलिस के विभिन्न कार्यों में और उपयुक्त अवसरों पर पुलिस संस्थाओं का दौरा करने से जनता को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए । ग्राम रक्षा समितियों आदि सार्वजनिक आयोजन से पुलिस को करीब लाने में मदद मिलेगी जो नागरिकों की भागीदारी कार्यक्रम का एक उपयोगी हिस्सा हो सकता है ।
भ्रष्टाचार एक बदनुमा दाग है जो पुलिस बल को सार्वजनिक सम्मान और सहयोग से वंचित करता है। एक बेईमान व्यक्ति का सेवा में बने रहना असंभव बनाने के लिए के लिए एक ठोस अभियान की शुरुआत होनी चाहिए। भ्रष्टाचार की सभी शिकायतों की तुरंत जांच की जानी चाहिए और दोषी के खिलाफ जो कुछ भी कार्रवाई अपने स्तर से हो वह कठोर होनी चाहिए । भ्रष्टाचार निवारण के लिए एक अथक अभियान के लिए राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को नेतृत्व के लिए आगे आना चाहिए।अपराध की रोकथाम और पता लगाने में पुलिस की पेशेवर दक्षता से जनता के साथ उनके संबंधों पर सीधा असर पड़ता है । अपराधों के पंजीकरण से मनाही से अपराध में कमी करने के दिखावटी तरीके के संबंध में प्रचलित छवि, अंडर-वर्ल्ड के साथ मिलीभगत, अंधाधुंध गिरफ्तारी और निहितार्थ के साथ जांच के अनुचित तरीकों को बंद किया जाना है । प्रशिक्षण के अलावा कानूनी प्रक्रियाओं, काम करने के तरीकों व उपकरणों, वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग , विशेषज्ञता व कार्य भार की अधिकता , स्टाफ की संख्या और संगठन के रूप में कई कारक इसमें शामिल है। सुसज्जित स्वागत कक्षों और शिकायतकर्ताओं और गवाहों के लिए पुलिस स्टेशनों पर अन्य सुविधाओं की कमी को जितनी जल्दी संभव हो दुरुस्त करने के प्रयास किए जाने चाहिए। पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस अधिकारियों पर कार्य भार भी अत्यधिक है। किन्तु इन पंक्तियों के लेखक का स्वतंत्र मत है कि पुलिस यह भार भी बिना किसी अतिरिक्त आकर्षण या लालच के वहन नहीं कर रही है जैसे रोडवेज में ड्राइवर व कंडक्टर गत 20 वर्षों से बिना ओवरटाइम के कार्य कर रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अपने सरकारी कार्यों को तुरंत पूरा करने और अपनी निजी जरूरतों और मनोरंजन के लिए कभी – कभी रचनात्मक गतिविधियों के लिए कुछ अतिरिक्त समय निकालने के लिए पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए। पुलिस से जल्दी जानकारी प्राप्त होना बहुधा व्यथित पक्षकार की भावनाओं को चोट लगने में कमी लाने और पुलिस को जनता के करीब लाने में मददगार है। एक उचित संचार प्रणाली और पर्याप्त परिवहन के साथ सुसज्जित पुलिस के माध्यम से जवाब देने के समय को कम किया जाना चाहिए । इसके अलावा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से , पुलिस स्टेशनों पर तैनात अपने सभी अधीनस्थ कर्मचारियों से पुलिस कार्रवाई में क्व जवाब देने के समय में कटौती की आवश्यकता पर बल देना चाहिए।

https://www.facebook.com/UgtaBharat?ref=hl

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
Kolaybet Giriş
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
bettilt giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betnano güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
bettilt giriş
Betgaranti
sahabet giriş
betgaranti
betgaranti giriş
onwin giriş
onwin giriş
kolaybet
betgaranti giriş
sahabet
sahabet
marsbahis giriş
onwin
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betkanyon
betkanyon
sahabet giriş
betkanyon giriş
betkanyon giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
onwin
onwin
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betkanyon
Betgaranti Giriş
holiganbet
holiganbet
sahabet
Kolaybet Giriş
Kolaybet Giriş
Kolaybet giriş
sahabet
sahabet
onwin
onwin
sahabet
sahabet
onwin giriş
onwin giriş
betgaranti giriş
holiganbet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş