इस सांप का काटा सुबह का सूरज नहीं देखता

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    भारतवर्ष में 270 के लगभग प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं| इनमें से मात्र 5% सांप ही विषधर हैं, बाकी 95 फीसदी सांप विषरहित है| निष्कर्ष यह निकलता है सांपों की मात्र 15 प्रजातियां ही जहरीली हैं ,इनमें भी 3 प्रजातियां ही अत्यंत जहरीली है..| विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार सांप के काटने से प्रतिवर्ष दुनिया में एक लाख से अधिक मौतें होती हैं…. घोर खेद का विषय है इनमें आधी मौतें अर्थात् 50,000 मौतें अकेले भारतवर्ष में ही सालाना सांप के काटने से होती है… यह तो गैर आधिकारिक आंकड़ा है अधिकांश मामले तो स्वास्थ्य केंद्र सरकारी अस्पतालों में स्नेक बाइट के मामले में दर्ज नहीं हो पाते… जानकारों के मुताबिक भारत में इस आंकड़े से अधिक मौतें सांप के काटने से होती है इसमें सांप कम लोगों की अज्ञानता लापरवाही ज्यादा जिम्मेदार है |

भारतवर्ष के 3 सर्वाधिक जहरीले सांपों की बात करें तो इसमें करैत कोबरा वाइपर सांप शामिल है |इनकी दर्जनों सबस्पीशीज भारत सहित दुनियाभर में मौजूद है| सांप से होने वाली सालाना 50000 मौतों में से 25000 मौतें करैत सांप के काटने से होती है| यह रात्रिचर सांप है, जो जमीन पर लेटे हुए या पलंग पर लेटे हुए लोगों को काटने में माहिर है… नाग के विषय में कहा जाता है नाग केवल छेड़ने पर खतरा महसूस होने पर ही काटता है लेकिन यह करैत सांप अपने शिकार को काटने के लिए ही काटता है अर्थात इसके स्वभाव में ही काटना है| जब यह किसी इंसान को काटता है तो उसी स्थान पर ना ही दर्द महसूस होता है ना ही सूजन आती है ऐसे में व्यक्ति आराम से लेटा रहता है उसे पता भी नहीं चलता कि सांप ने काट लिया है… जबकि अन्य नाग, वाइपर जहरीले सांपों के काटने में मध्यम से लेकर तीव्र वेदना सूजन होती है|

सोते हुए इंसान के शरीर में इस सांप का जहर neurotoxic एंटीकोगुलेंट प्रभाव डालता है|

इंसान के शरीर में लकवा मारने लगता है फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं| भगवान ने इंसानी शरीर कि बायो केमिस्ट्री ऐसी बनाई है कितना ही जहरीला जहर विश शरीर में प्रवेश कर जाए शरीर उससे फाइट करता है| करैत सांप के काटने में भी 4 से 5 घंटे का समय मिलता है इसके विषैले प्रभाव से बचने के लिए सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए…. क्योंकि यह सांप अधिकांश मामलों में रात्रि सोते हुए इंसान को काटता है ऐसे में चिकित्सा के जरूरी घंटे रात्रि में ही गुजर जाते हैं| कुछ समय मिलता भी है तो लोग उसे झाड़-फूंक टोना टोटका में खर्च कर देते हैं जबकि नजदीकी देशभर के समस्त प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों पर इसका एंटी वेनम मौजूद है पूरे देश भर में | नाग चेतावनी देने के लिए झूठा काटता है जिसे False bite कहते हैं ऐसी बाइट में शरीर पर नाग दातों से घाव तो छोड़ता है लेकिन जहर इंजेक्ट नहीं करता लेकिन करैत सांप कभी भी False bite नहीं छोड़ता यह हमेशा जहर छोड़ता है… अर्थात यह झूठ मुठ के लिए नहीं काटता| इसके जहर की मात्रा Lethal effect की बात करें तो जहर की तीव्रता के मामले में करैत नंबर एक पर है क्योकि इसकी मात्र 2.5 मिलीग्राम मात्रा मनुष्य मारने के लिए पर्याप्त जबकि कोबरा का घातक डोज 12 मिलीग्राम है! नेवला मोर बंदर स्थित प्राकृतिक दुश्मन है मोर इसका शिकार बड़े शौक से करते हैं| इस सांप को इंसानी बस्ती आबादी बहुत प्रिय होती है| छोटे मेंढक छिपकली चिड़िया की तलाश में यह दिन में ईटों के ढेर पत्तों के ढेर किसी पुराने बिल दीवारों की सुराग में छुप जाता है, रात होते ही यह सक्रिय हो जाता है| ऐसे में इससे बचने के लिए अपने घर के आस-पास वर्षा ऋतु में कूड़ा करकट ईट आदि भवन निर्माण सामग्री इकट्ठे ना रहने दें |अंगूठे , अनामिका उंगली जितनी मोटाई लिए यह सांप काले से सलेटी रंग में होता है शरीर पर अंडाकार सफेद धारियां होती हैं… देखने में बहुत शांत लगता है | इसके दंश से आम व्यक्ति ही नहीं पेशेवर परंपरागत कुशल सपेरे सांप पकड़ने वाले भी शिकार होकर काल का ग्रास बन जाते हैं…. सपेरे सदियों से इसे नाग से ज्यादा खतरनाक मानते हैं…..!

प्रकृति में कुछ विषरहित सांप non venomous snake भी सुरक्षा लेने के लिए इसी करैत सांप की नकल करते हैं बाहरी कलेवर रंग रूप उनका इसी तरह होता है, जिससे कोई अन्य आहार श्रृंखला में सांपों का प्राकृतिक दुश्मन उन्हें ना छेड़े… अभी होकर करैत समझकर उसे भी लोग तत्काल मार देते हैं जबकि वह करैत नहीं सांकल साफ होता है……….|

सर्प दंश के किसी भी मामले में आप पीड़ित की सहायता कर सकते हैं पुलिस प्रशासन को सूचना देकर नेशनल एंबुलेंस सर्विस के माध्यम से पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है…………………………………| दिल्ली एनसीआर में सर्पदंश के अधिकतर मामले प्रवासी झुग्गी झोपड़ियों के बेचारे मजदूरों के संबंध में प्रकाश में आते हैं| यह मजदूर स्थान अभाव में जमीन पर ही शयन करते झुग्गियों में… यही सबसे बड़ा कारण है |

इस वर्षा ऋतु में सुरक्षित रहिए, सावधान रहिए|

आर्य सागर खारी✍✍✍

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