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विपत्ति काल में प्रेरणा की मिसाल बनी हुई है सबला शक्ति : कोरोना काल में स्टे होम के दौरान समाज सेवा का ढूंढा अनूठा विकल्प

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राकेश छोकर/ नई दिल्ली
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कोरोनावायरस द्वारा जनित वैश्विक महामारी के बावजूद लॉक डाउन की स्थिति में जहां आम और खास जन स्टे होम का पालन करते हुए घरों में समय व्यतीत कर रहे हैं। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों का डंका बजाने वाली सबला शक्तियां स्टे होम के दौरान भी समाज सेवा का मजबूत विकल्प ढूंढ प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।
1. डॉ नीरा तोमर (प्रमुख शिक्षाविद एवं समाज सेविका) दौराला, मेरठ।…………………………

डॉ नीरा तोमर शिक्षा के क्षेत्र में एक चिर अपरिचित नाम हैं। जिन्होंने अपनी योग्यता के बलबूते शैक्षिक उत्थान और समाज सेवा में एक बड़ा मुकाम पाया है। वह एक कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या के साथ-साथ एक निजी फाउंडेशन की अध्यक्षा भी हैं । ग्रामीण अंचल में शिक्षा के क्षेत्र में नित नए प्रयोगों के साथ-साथ, समाज सेवा के क्षेत्र में भी लोगों की बड़ी मददगार बनी रहती है।

लॉक डाउन के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को ऑनलाइन पाठ्यक्रम पूरा करने का बीड़ा उठाया हुआ है। खुद ही समय निकालकर छात्राओं और आमजन के लिए मास्क सिलाई कर आवंटित कर रही हैं । स्टे होम के दौरान उनकी गतिविधियां क्षेत्र में चर्चाओं का कारण बनी हुई है। डॉ नीरा तोमर अपने विद्यालय की छात्राओ को वीडियो के माध्यम से घर पर आसान तरीके से मास्क बनाना भी सिखा रही है ।इस विषय मे उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर फैले संक्रमण के चलते हम घरों में रहकर भी जन उत्थान के काम बखूबी कर सकते हैं। जरूरतमंद आमजन के काम आ सकते हैं ।अब प्रतिदिन 20 से 30 मास्क सिलती है और उनको जरूरतमंदों को वितरित कर देती है
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2. सुरभि भाटी (मॉडल एवं योग आचार्या, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट), नई दिल्ली।

…………………………………………….आज मॉडलिंग और योगा, सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के रूप में सुरभि भाटी एक विशेष पर्सनैलिटी के रूप में ख्याति लब्ध नाम है। लॉक डाउन में स्टे होम का पालन करते हुए, उन्होंने अपना समय आमजन को जाग्रत करने के लिए आहूत किया हुआ है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रतिदिन शासन प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों को वीडियो के माध्यम से जागरूक करना और नियमित योगा कक्षाएं निशुल्क संचालित की हुई है। प्रतिदिन हजारों लोगों तक उनके संदेश प्रसारित हो रहे हैं। इस बाबत सुरभि भाटी का कहना है कि महामारी के इस परेशानी भरे दौर में सभी घरों में कैद होकर परेशान हाल हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में हम सकारात्मक सोच के साथ न्यायोचित विकल्प के साथ देश और समाज की सेवा कर सकते हैं। आज सोशल मीडिया का प्लेटफार्म लोगों को जागरूक करने में बड़ा मददगार साबित होता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा स्वरुप मैं अपना महत्वपूर्ण समय जन सेवा को समर्पित करती रहीं हूँ।
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3.डॉ संजीव कुमारी (प्रमुख पर्यावरणविद एवं समाज सेविका) पानीपत, हरियाणा।

…………………….. ……………………….राष्ट्रीय , अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से विभूषित प्रमुख पर्यावरणविद डॉक्टर संजीव कुमारी आज कोरोना काल मे किचन गार्डनिंग के माध्यम से
देश के लोगों को जागरूक कर बड़ी मुहिम की पथ प्रदर्शक बनी हुई हैं। डॉ संजीव कुमारी के अनुसार “करोना महामारी के चलते जहां पूरे विश्व में लोक डाउन चल रहा है,कब कहां से संक्रमण हो जाए कहा नहीं जा सकता। ऐसी स्थिति में जहां घर से बाहर जाना खतरे से खाली नहीं है, वहीं पर मंडी से सब्जी लाना भी खतरे से भरा है। घर में ही किचन गार्डन इसका एक अच्छा विकल्प है। जिससे ताजा सब्जियां तो मिलेगी ही साथ ही साथ संक्रमण से बचाव भी होगा। डॉ संजीव कुमारी अपने घर में ही जैविक सब्जियां उगा रही है। इसमें उन्होंने घीया, तोरी, खीरा, करेला, भिंडी,गवार, बैंगन, टमाटर आदि उगाए हैं जो दैनिक सब्जी की पूर्ति करने के साथ-साथ संक्रमण से बचने में भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितना संभव हो सके वे किचन गार्डनिंग करें।”

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