घातक हो सकती है सीने में दर्द की अनदेखी

सीने में दर्द को गैस या अपच का दर्द समझकर दर्दनिवारक दवा या गैस्टिक की दवा लेकर नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है। सुबह के समय, आराम करते हुए, टहलते हुए या व्यायाम करते हुए सीने में होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सीने में दर्द, जकडऩ, जलन या दबाव होने के सामान्य कारण तनाव या अपच हो सकते हैं लेकिन इसके दिल का दौरा पडऩे या एंजाइना जैसे गंभीर कारण भी हो सकते हैं।
मेट्रो अस्पताल के निदेशक और पद्मविभूषण डॉ. पुरुषोत्तम लाल के मुताबिक एंजाइना सीने में बार-बार होने वाला वह दर्द है, जो हृदय रोग का संकेत हो सकता है। एंजाइना का सीने का दर्द एरोस्थि के नीचे से उठता है। यह मुख्य कोरोनरी धमनियों में रुकावट के कारण दिल में रक्त के प्रवाह में कमी आने पर होता है। एंजाइना के मुख्य लक्षण हैं सीने में दर्द, भारीपन, जकडऩ, उरोस्थि के नीचे दबाव महसूस होना, दो से 15 मिनट तक दर्द होना, तनाव, व्यायाम और भारी वजन उठाने में दर्द का बढऩा। एंजाइना की गंभीरता उसके प्रकार पर निर्भर करती है। सबसे सामान्य एंजाइना स्थिर एंजाइना है, जो कुछ मिनट तक रहता है। यह सीढिय़ां चढऩे या तनाव के दौरान होता है। आराम करने या दवा लेने से यह ठीक हो जाता है। यह जल्द दिल का दौरा पडऩे का संकेत नहीं है। अस्थिर एंजाइना अधिक खतरनाक है। यह आराम करते समय भी हो सकता है। इसमें सीने में दर्द आधे घंटे तक रहता है और यह दवा से भी ठीक नहीं होता है।

जब कोरोनरी धमनी में पूर्ण रुकावट हो तो यह दिल का दौरा का संकेत हो सकता है। वेरियेंट एंजाइना कोरोनरी धमनियों में अचानक ऐठन के कारण होता है, जो हृदय में रक्त प्रवाह को बाधित करता है। इसमें आराम करते समय सीने में तेज दर्द होता है। समय रहते इस ऐठन को नियंत्रित न किया जाए, तो यह दिल का दौरा पैदा कर सकता है।
दिल के दौरे से संबंधित दर्द एंजाइना से अधिक तेज और 15 मिनट अधिक तक रहता है। आराम करने से दर्द में राहत न मिलने के साथ पसीना आना, सांस लेने में दिक्कत, उल्टी, मितली, चक्कर आना, धड़कन तेज होना और सीने के दर्द का गर्दन, हाथ और कंधों की तरफ बढऩा इसके अन्य लक्षण हैं। इस स्थिति में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
डॉ. लाल के मुताबिक, सुबह होने वाले सीने के दर्द को बिलकुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि अधिकांश दिल के दौरे सुबह जागने के तीन घंटे के अंदर होते हैं। सर्दी में दिल का दौरा पडऩे की संभावना और बढ़ जाती है। 40 वर्ष से अधिक उम्र और पहली बार सीने में दर्द को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए।

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