Categories
धर्म-अध्यात्म

सब कुछ उस परमेश्वर पर छोड़ दो

 

एक व्यक्ति किसी महात्मा के पास गया। महात्मा जी की साधना की दूर-दूर तक चर्चा थी। उनके चेहरे के तेज को देखकर ही पता चल जाता था कि उनकी साधना बहुत ऊंची है। वह व्यक्ति भी तो उनकी उच्च साधना से प्रभावित होकर ही उनके पास पहुंचा था। उसे कुछ पूछना था, कुछ जानना था। इसलिए बिना अधिक समय गंवाये वह महात्माजी से पूछ ही बैठा-”महात्मन! क्या यह आवश्यक है कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए घर गृहस्थ छोड़ा ही जाए?”
महात्मा जी जिस गंभीर मुद्रा में बैठे थे उसी में बैठे-बैठे कुछ मुस्कुराये और फिर कहने लगे-”नहीं, यह आवश्यक नहीं है कि घर गृहस्थ को छोडक़र ही मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। राजा जनक के उदाहरण का अनुकरण करो और उसी के अनुसार मोक्ष पद प्राप्त करो। राजा जनक घर गृहस्थी में रहकर भी विदेह कहलाये थे। यह उनकी साधना का ही चमत्कार था कि चक्रवर्ती सम्राट होकर भी वे विदेह कहलाये।”
उपदेश का प्रभाव उस व्यक्ति पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था, इसलिए वह प्रसन्नवदन वहां से अपने घर चला गया। उसने महात्माजी के कहे अनुसार घर गृहस्थ में रहकर अपनी साधना आरंभ कर दी।
कुछ दिन पश्चात उसी महात्मा के पास एक अन्य व्यक्ति पहुंचता है। उसने महात्माजी से कहा-”महात्मा जी! मोक्ष प्राप्ति के लिए यदि घर बार छोड़ दूं तो कैसा रहेगा ?”
महात्मा जी ने फिर गंभीरता के साथ उस व्यक्ति की बात का भी उत्तर देते हुए कहा-”यदि आप ऐसा करते हैं तो उत्तम रहेगा। हमारे ऋषि मुनियों ने घर गृहस्थी को छोडक़र ही मोक्ष प्राप्त किया, उनके जीवन तभी महान बने और तभी उन्हें जीवन मुक्त होने का लाभ मिला जब उन्होंने घर बार छोड़ दिया।”
वह व्यक्ति भी महात्मा जी की बात सुनकर पहले वाले व्यक्ति की भांति अपने घर चला गया। कुछ समय पश्चात वह पहले वाला व्यक्ति और यह दूसरे वाला व्यक्ति परस्पर मिले तो मोक्ष को लेकर उन दोनों में संवाद चल गया। एक कहता था कि मोक्ष के लिए घर छोडऩे की आवश्यकता नहीं तो दूसरा कहता था कि बिना घर बार छोड़े, मोक्ष की प्राप्ति असंभव है। मतभिन्नता विवाद तो बढ़ा रही थी पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने नही दे रही थी। फलस्वरूप दोनों ने महात्माजी के पास चलकर ही निर्णय कराने का निष्कर्ष निकाला।
महात्मा जी के पास जाकर कहने लगे-”महाराज!आपने मोक्ष विषयक उपदेश देते समय हम दोनों से अलग-अलग बात क्यों कही ?”
महात्मा पुन: अपनी उसी गंभीर मुद्रा में बैठे-बैठे कहने लगे-”मैंने तुम दोनों की मानसिकता को समझा और जिसकी जैसी मानसिकता लगी उसे वैसा ही उत्तर दे दिया। तुममें से एक घर बार को छोडऩा नही चाहता था पर मोक्ष की अभिलाषा रखताा था तो उसे बता दिया कि यदि राजा जनक जैसे बनोगे तो घर गृहस्थ में रहकर भी मोक्ष प्राप्त कर सकोगे। इसलिए उस मार्ग के अनुयायी बनो। जबकि दूसरा व्यक्ति चाहता था कि घर गृहस्थी को छोड़ दिया जाए तो मैंने उसे उसकी मानसिकता के अनुसार उत्तर दे दिया। वास्तव में मोक्ष प्राप्ति के लिए दोनों मार्ग ही उत्तम हैं। अपने जीवन को इदन्नमम् की सार्थक जीवनशैली में ढालकर उस परमपिता परमेश्वर के श्रीचरणों में बैठोगे तो कल्याण हो होगा।” दोनों शिष्यों की समझ में महात्माजी की बात का सार आ चुका था। जीवन की साधना में, जीवन की भावना में और जीवन की प्रार्थना में साम्य स्थापित करो। जीवन की साधना को इदन्नमम् की सार्थकता समझाओ एवं जीवन की प्रार्थना को इदन्नमम् की सुहानी सी फुहारों से नित्यप्रति भिगोते रहो, एक दिन आएगा जब आपके जीवन की खेती लहलहा उठेगी। आनंद के उस उत्सव को मनाने के लिए एक कदम बढ़ाओ शेष सभी कुछ उस परमपिता परमेश्वर पर छोड़ दो।

डॉ राकेश कुमार आर्य
संपादक : उगता भारत

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
restbet giriş
safirbet giriş
betnano giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş