पीड़ित व्यक्ति को न्याय देना ही होना चाहिए सर्वोपरि लक्ष्य: चमन प्रकाश

ग्रेटर नोएडा । (अजय आर्य ) यहां पर ऐसोटेक सोसाइटी में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री देवेंद्र सिंह आर्य के निवास पर सोसायटी के निवासियों की ओर से एचजेएस परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन करने वाले रूपेंद्र सिंह तोंगड़ और ईश्वर सिंह नागर सहित श्री चमन प्रकाश व सुनील कौशिक का स्वागत समारोह आयोजित किया गया । स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला जज श्री चमन प्रकाश ने एचजेएस की परीक्षा के माध्यम से एडीजे पद पर नियुक्त हुए श्री रूपेंद्र सिंह तोंगड़ व ईश्वर नागर को उनकी इस कामयाबी पर बधाई देते हुए कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय प्रदान करना एक न्यायाधीश के कैरियर का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए । उन्होंने कहा कि जब हम न्याय की कुर्सी पर बैठते हैं तो अनेकों दबाव भी कई बार झेलने पड़ते हैं , परंतु उन सबके उपरांत भी हमारा अंतिम लक्ष्य पीड़ित को न्याय देना होना चाहिए । जिससे न्यायपालिका पर जनसामान्य का भरोसा कायम रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे दमोह मध्य प्रदेश के एडीजे श्री सुनील कुमार कौशिक ने कहा कि न्याय की कुर्सी पर बैठते ही व्यक्ति किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह से मुक्त हो जाना चाहिए । उसे अपनी सोच मानसिकता और कार्यशैली को इस प्रकार बनाना चाहिए जिससे जो आम आदमी उसके पास न्याय की उम्मीद को लेकर आया है उसे वह उसकी अपेक्षा के अनुरूप मिले।

इस अवसर पर समाजसेवी ईश्वर मावी ने नवनियुक्त जजों को बधाई देते हुए कहा कि इससे आने वाली युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और हम आशा करते हैं कि क्षेत्र के युवा और भी अधिक बड़ी मात्रा में न्यायिक सेवाओं सहित प्रशासनिक सेवाओं की भी तैयारी करेंगे। जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता और उगता भारत के चेयरमैन और यूपी बार काउंसिल की डीसी के मेंबर रहे श्री देवेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि न्यायाधीश के प्रति जनता के भीतर एक विशेष सम्मान होता है । उसकी गरिमा एक विशिष्ट व्यक्तित्व की होती है। जिसके अनुरूप आचरण निष्पादित किया जाना बहुत आवश्यक है । हम अपने नवनियुक्त युवा जजों से यही अपेक्षा करेंगे कि वह न्यायिक विभाग की उच्चतम गरिमामय परंपराओं का निर्वाह करेंगे।

अपने स्वागत समारोह पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एडीजे पद पर नियुक्त हुए श्री ईश्वर नागर और रूपेंद्र सिंह तोंगड़ ने कहा कि जनता के प्यार से वह बहुत गदगद हैं । उन्होंने कहा कि न्यायिक क्षेत्र में कदम रखते ही वह इस क्षेत्र की शालीन और गरिमामय परंपराओं का निर्वाह करने का भरसक प्रयास करेंगे और पीड़ित पक्ष को बिना किसी पूर्वाग्रह के न्याय देने का हर संभव प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश कुमार आर्य एडवोकेट द्वारा किया गया।

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