operation-sindoor-PM Modi
  • डॉ राकेश कुमार आर्य

भारत और पाकिस्तान के बीच चला अघोषित युद्ध अचानक रोक किया गया । कई लोगों को इस बात ने बहुत अधिक निराश किया है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आई हुई जीत को हार में परिवर्तित करके जिस प्रकार स्वीकार किया है, उसे राष्ट्रीय दृष्टिकोण से किसी भी प्रकार से उचित नहीं कहा जा सकता। भारत के राजनीतिक बुद्धिजीवियों के द्वारा अक्सर यह चर्चा चलती रहती है कि भारत युद्ध के मैदान में जीत कर वार्ता की मेजों पर हारता आया है। हमने पाकिस्तान के साथ 1948 में युद्ध किया तो हम वार्ता की मेज पर हार कर उसे पाक अधिकृत कश्मीर दे गए। उस समय के नेतृत्व ने कश्मीर समस्या को संयुक्त राष्ट्र संघ के हवाले कर दिया और इसी में अपनी पीठ थपथपा ली कि हमने बहुत बड़ा काम कर दिया है ? 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ तो हमने उस समय भी युद्ध के मैदान में जितने पाकिस्तानी भूभाग को जीता था, उसे ‘ ताशकंद समझौते’ में गंवा दिया। इसी प्रकार 1971 में भी पाकिस्तान की 93000 सेना को गिरफ्तार करने के उपरांत भी हम पाक अधिकृत कश्मीर को वापस नहीं ले पाए । यही अब 2025 में भी हमने कर दिखाया है। जब सारा कुछ अपने अनुकूल था , तब हमने अचानक सीजफायर पर सहमति व्यक्त कर दी।

जो लोग इस प्रकार के प्रश्न उठा रहे हैं, उनके लिए उचित रूप से यह कहा जा सकता है कि भारत और पाकिस्तान में इस समय कोई घोषित युद्ध नहीं हो रहा था। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर अपनी सेना से ‘ ऑपरेशन सिंदूर’ कराया। जिसमें हमारे देश की सेना पूर्ण रूपेण सफल हुई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पहलगाम की घटना के बाद कहा था कि “पाकिस्तान को इसके अकल्पनीय परिणाम भुगतने होंगे।” तब उन्होंने यह भी कहा था कि “पाकिस्तान को मिट्टी में मिला दिया जाएगा”।… और अब हमारी सेना ने अपने पराक्रम से वही कर दिखाया है जो देश के प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया था। इस प्रकार ‘ ऑपरेशन सिंदूर’ को सफल कर देना ही इस समय हमारा लक्ष्य था, इससे आगे सरकार या सेना का कोई अन्य लक्ष्य नहीं था। पाकिस्तान के आतंकवादियों के अनेक अड्डे समाप्त करने के साथ-साथ पाकिस्तान की सेना को भी भारत की पराक्रमी सेना ने इतने अच्छे ढंग से ठोका है कि वह दीर्घकाल तक अपनी ठुकाई को याद रखेगी। पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर भारत ने एक प्रकार से पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान की जमकर हुई धुनाई की पुष्टि पाकिस्तान के पत्रकार और वहां के टीवी चैनल भी कर रहे हैं। उन सब पर यह चर्चा सुनने को मिल रही है कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जो कुछ कहा था वह सच साबित करके दिखा दिया। उनके भीतर भारत के प्रधानमंत्री का भय व्याप्त हो गया है। कई पत्रकार कह रहे हैं कि 2034 तक मोदी को भारत की राजनीति या प्रधानमंत्री के पद से कोई नहीं हटाने वाला। उन्होंने मजबूती से अपनी सेना को खड़ा किया है और पूरी तैयारी करके पाकिस्तान की ठुकाई की है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उभरते भारत को विश्व शक्ति के रूप में भी स्वीकृति प्रदान की जा रही है। जब शत्रु देश में इस प्रकार की चर्चा चल रही हो, तब अपने ही देश में अपने ही लोगों के द्वारा अपने ही प्रधानमंत्री को कम करके आंकना क्या माना जाएगा ?

पाकिस्तान के टीवी चैनलों और वहां के समाचार पत्रों में यह चर्चा भी आम है कि यदि इस समय अमेरिका जैसे देश मध्यस्थता के लिए नहीं आते तो पाकिस्तान का बचना असंभव था। पाकिस्तान के लोग यहां तक कि पाकिस्तान की सेना भी इस बात के लिए खुदा का शुक्रिया अदा कर रही है कि मोदी की भारतीय सेना को शीघ्र ही समझा लिया गया अन्यथा खंडहरों पर बैठकर रोने के अतिरिक्त पाकिस्तान और पाकिस्तान की सेना के पास कोई और विकल्प नहीं होता।
अब आते हैं देश की अंदरूनी राजनीति पर। कांग्रेस इस बात को मुद्दा बनाती जा रही है कि युद्ध विराम की सूचना देश को अमेरिका के राष्ट्रपति से प्राप्त हुई । जबकि यह कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी को करना चाहिए था। इसके लिए कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र आहूत करने की मांग भी की है। यदि इस प्रकार की राजनीति पर विचार किया जाए तो यह कांग्रेस ही थी जिसने पाकिस्तान को भारत से अधिक शक्तिशाली देश बनाने की दिशा में उसे छूट प्रदान की। देश की सेना की सैन्य आवश्यकताओं की पूर्ति कांग्रेस ने जानबूझकर नहीं की। आज जिस एस – 400 ने देश की रक्षा की है, इसकी मांग भारतीय सेना के द्वारा 2012 में कांग्रेस की मनमोहन सरकार से भी की गई थी। परन्तु पैसा आवंटित नहीं किया गया था। इस प्रकार देश की सीमाओं को असुरक्षित छोड़ें रखना कांग्रेस की सरकारों की कार्य प्रणाली का एक अंग रहा। यही कारण था कि पाकिस्तान जैसा देश भी भारत को आंख दिखाने की स्थिति में आ गया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की सुरक्षा को प्राथमिकता पर लिया और पिछले 11 वर्षों में उन्होंने देश की सीमाओं की किलेबंदी कर उसे मजबूती प्रदान की। उसी का परिणाम है कि आज भारत पाकिस्तान में भारी विध्वंस मचाने के उपरांत भी अपने विध्वंस से बच गया।

भारत के मुसलमानों की वोट पाने के लिए पाकिस्तान के प्रति उदारता दिखाना कांग्रेस की सरकारों की कार्य प्रणाली का एक आवश्यक अंग रहा। जिसके चलते यह देश आगे बढ़ता गया। इतना ही नहीं वह भारतीय मुसलमानों का नेता भी बनने लगा। कई मुस्लिम कट्टरपंथी शक्तियां और संगठन भारत में ऐसे भी रहे, जिन्होंने पाकिस्तान को भारतीय मुसलमानों का नेता मानना आरंभ कर दिया। पाकिस्तान की ठुकाई के पश्चात ऐसे मुस्लिम संगठनों को झटका लगा है।
जहां तक पाक अधिकृत कश्मीर को लेने की बात है तो उस पर भी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कड़े शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ अब बात होगी तो केवल पाक अधिकृत कश्मीर को लेने के बारे में ही होगी । इसके अतिरिक्त उससे कोई बात नहीं होगी। इतना ही नहीं , उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हम किसी तीसरी शक्ति को इस विषय में मध्यस्थता के लिए अवसर नहीं देंगे। कुल मिलाकर देश की शक्ति का परिचय श्री मोदी ने दिया है और सारे विश्व को यह आभास करा दिया है कि आज का भारत शक्ति संपन्न और आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है। जिसे अपने संकल्प से कोई डिगा नहीं सकता।

डॉ राकेश कुमार आर्य
(लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता हैं)

Comment:

betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
celtabet giriş
celtabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betwild giriş
betwild giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpipo giriş
betpipo giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş