राजन तुम हो साँच खरे, खुब लढे तुम जंग

Chhatrapati-Shambhu-Raje

राजन तुम हो साँच खरे, खुब लढे तुम जंग ।
देखत तव चंड प्रताप जही, तखत त्यजत औरंग ।।
‘कवि कलश’

ऐतिहासिक विषय या क्रांतिकारीयो पर कोई फिल्म आती है तो में उसे जरूर देखता हूं मल्टीप्लेक्स में जाकर। अभी 2 दिन पहले ‘छावा’ फिल्म देखी जो हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी के पुत्र संभाजी राजे के ऊपर बनी है। संभाजी राजे एक महान मराठा योद्धा कुशल सैन्य रणनीतिकार थे । वह छत्रपति शिवाजी की 53 वर्ष की आयु में अकाल मृत्यु के पश्चात 1680 में मराठा साम्राज्य के छत्रपति बने। जिन्होंने 9 साल औरंगजेब को उत्तर भारत से दूर रखा दक्षिण पश्चिम भारत में ही उलझाए रखा।मराठा शैली के छापा मार गोरिल्ला युद्ध से औरंगजेब के दांत खट्टे किए अपने जीवन में लड़ी 120 लड़ाईया में वह किसी में भी पराजित नहीं हुए 11 मार्च 1689 में उनका बलिदान हुआ।अंत में कुछ कोंकण देश के सरदारों की गद्दारी से संभाजी गिरफ्तार हुए औरंगजेब ने उन्हें 40 दिन तक यातना दी इस्लाम कबूल करने का प्रस्ताव रखा लेकिन उससे पूर्व संभाजी की जिव्हा भी काट ली गई थी दोनों आंखें फोड़ दी गई थी। संभाजी ने लिखकर इशारा किया यदि औरंगजेब तू मुझे अपनी शहजादी भी देगा मैं तब भी इस्लाम कबूल नहीं करूंगा। अंत में संभाजी के सर को काटकर उसे दक्षिण के प्रमुख शहरों में घुमाया गया संभाजी को यातना देने से पहले एक कमजोर से ऊंट पर बिठाकर उन्हें विदूषक (जोकर) के कपड़े व लकड़ी की टोपी पहनाकर महाराष्ट्र के शहरों में घुमाया गया।

एक महावीर के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार औरंगजेब ने किया और हैरत इस बात की होती है उस औरंगजेब के नाम पर अभी कुछ महीने पहले तक महाराष्ट्र में औरंगाबाद नाम का जिला अस्तित्व में रहा उस नगर का नाम अब ‘संभाजी नगर ‘हो गया है एकनाथ शिंदे सरकार ने यह किया लेकिन क्रूर जिहादी भेड़िये औरंगजेब की कब्र आज भी यथावत कायम है। संभाजी जितने पराक्रमी थे उतने ही बड़े विद्वान भी थे संस्कृत भाषा के जानकार थे दरअसल संभाजी से पूर्व उनके पिता शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की राजभाषा का दर्जा संस्कृत को दिया था मराठों का सारा राजकाज संस्कृत में ही होता था संभाजी ने भी इस परंपरा को कायम रखा उन्होंने शिवाजी के ऊपर संस्कृत भाषा में एक ग्रंथ भी लिखा था विशेष बात यह है संभाजी की मित्रता मथुरा के कवि कलश से हुई जिन्हें चंद्रामत्य वह कहते थे वह भी संभाजी के साथ गिरफ्तार हुए थे भारत की अनोखी परंपरा रही है यहां कवि भी वीर रस की कविताई ही नहीं करते थे अपने राजाओं के साथ युद्ध में वीरगति को भी प्राप्त होते थे चाहे पृथ्वीराज चौहान चंद्रवरदाई हो या संभाजी कवि कलश रोचक तथ्य यह है कवि कलश हिंदी भाषी थे वह मराठी भाषा नहीं जानते थे लेकिन संभाजी के दरबार में विशेष सम्मान दर्ज उन्हें हासिल था। फिल्म के दौरान मेरी सीट के आसपास कुछ युवक थे उनके इतिहास के विषय में उदासीन अज्ञ मनोवृति को लेकर बहुत ही खेद हुआ ।अधिकांश युवक जो थिएटर में मूवी देख रहे थे वह इस फिल्म को कोई ड्रामा मूवी समझ रहे थे अर्थात यह किसी ऐतिहासिक घटना पर आधारित नहीं है उन्हें पता ही नेता संभाजी कौन थे बीच-बीच में वह मराठा योद्धाओं पात्रों का भी मजाक उड़ा रहे थे यह सुनकर देखकर बहुत गिलानी हुई। नेहरू जैसे मुगल प्रेमी जिसने डिस्कवरी ऑफ इंडिया लिखी जिसमें वह लिखते हैं मुगलों के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती हिंदुस्तान को खूबसूरत बनाने वाले मुगल ही थे। नेहरू की सरकार द्वारा पोषित वामपंथी सेकुलर इतिहासकारों ने भारतीय राजाओं के पराक्रम को छुपा कर हिंदुस्तानियत के नाम पर एक पूरी पीढ़ी को ही अपने गौरवशाली इतिहास से वंचित कर दिया है यह उसी का नतीजा है।

700 साल के यवनो के राज में संभाजी जैसे अनेक पराक्रमियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया म्लेच्छ राज को खत्म करने के लिए और अंत में 1757 में मुगल राज को मराठों ने खत्म कर दिया दिल्ली मराठो के अधीन आ गई लेकिन यह भ्रामक इतिहास हमें पढ़ाया जाता है कि मुगलों का राज अंग्रेजों ने खत्म किया यह सत्य नहीं है मुगलों का राज मराठो ने खत्म किया अंग्रेजो ने दिल्ली मराठो से ली थी। इस विषय पर इतिहासकार डॉक्टर राकेश कुमार आर्य जी जो हमारी जिला आर्य प्रतिनिधि सभा गौतम बुद्ध नगर के प्रधान है उन्होंने काफी विस्तार से लिखा है भारतीय इतिहास पर वह 80 से अधिक पुस्तक लिख चुके हैं अपनी सत्य व तथ्य अन्वेषी लेखनी से उन्होंने इतिहास के अनेक गुमनाम नायकों को स्थापित किया है।उन्होंने हाल ही में ‘भारतीय इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू’ पुस्तक भी लिखी है जिसमें नेहरू की किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी उन्होंने तथ्यों के साथ की है। इस पुस्तक की शुरुआती प्रतियो में एक प्रति उन्होंने मुझे भेंट की है अमेजॉन पर भी यह पुस्तक उपलब्ध है। अक्षय पब्लिकेशन नई दिल्ली ने उसे प्रकाशित किया है यह पब्लिकेशन वामपंथियों व नेहरूवादी इतिहासकारों की पोल खोलने का काम करता है। समय अभाव के कारण में डॉक्टर राकेश जी की पुस्तक को नहीं पढ़ पाया इस पुस्तक को पढ़कर उसकी समीक्षा अवश्य आपके साथ साझा करूंगा। उल्लेखनीय होगा संभाजी ने संस्कृत भाषा में राजपूताने के राजपूत राजाओं को पत्र लिखा था उन्होंने कहा था इस म्लेच्छ औरंगजेब के विरुद्ध मेरा साथ दीजिए यदि भगवान राम के आदर्शों को जीवित रखना है लेकिन विडंबना यही रही अधिकांश राजाओं ने मराठो की सहायता नहीं की । वीर दुर्गादास राठौड़ इसका अपवाद है वह पुरी वीरता से औरंगजेब से भिड़े उसको अनेक घाव दिए। फिर भी एक ऐसी शक्ति रही मुगल भारत पर राजनीतिक आधिपत्य कर पाए इसके भूगोल पर अधिकार कर पाए लेकिन भारत की आत्मा इसकी संस्कृति को वह कभी नष्ट नहीं कर पाए वह शक्ति वैदिक धर्म के मूर्त अमूर्त संस्कारी ही थे जो भारत की हिन्दू प्रजा के अंतःकरण पर पड़े हुए थे।

लेखक – आर्य सागर
ग्रेटर नोएडा

Comment:

norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
Betgaranti Giriş
betgaranti girş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
imajbet giriş
betasus giriş
jojobet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
meritking giriş
meritking giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hiltonbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
meritking giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
meritking giriş
meritking giriş
betorder giriş
betorder giriş
betorder giriş
betorder giriş
imajbet giriş
hiltonbet giriş
roketbet giriş
hiltonbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano
betnano giriş
holiganbet giriş
kulisbet giriş
bets10 giriş
romabet giriş
romabet giriş