जनरेशन जेड का भारत

India-got-latent

लेखक – आर्य सागर
तिलपता ग्रेटर नोएडा

वर्ष 1997 से लेकर वर्ष 2016 की अवधि के बीच पैदा होने वाले बच्चों को जनरेशन जेड ( जेन जी) या नेटजेनरेशन भी कहा जाता है इस जनरेशन के और अन्य भी नाम है। 7 से 19 आयु वर्ग के बच्चे किशोर युवा इसमें आते हैं। अलग-अलग मानकों के अनुसार इस आयु मान में कुछ वर्षों की घटत बढ़त हो सकती है। यह जेनरेशन स्मार्टफोन, युट्यूब, मोबाइल गेमिंग के साथ पली बढ़ी है। आज दुनिया में सर्वाधिक मनोवैज्ञानिक व अन्य शारीरिक, शोध इसी जेनरेशन पर हो रहे हैं। भारत के विषय में कहा जाता है भारत के युवाओं की एक चौथाई आबादी इसी जेनरेशन से आती है। इस जनरेशन के रोल मॉडल क्रांतिकारी ,समाज सुधारक, संत ,गणितज्ञ ,साहित्यकार, वैज्ञानिक या दार्शनिक, राजनेता ,खिलाड़ी आदि नहीं होते इस जेनरेशन के आदर्श यूट्यूबर ,पॉडकास्टर, वीडियो कंटेंटर या क्रिएटर होते हैं।

यह जेनरेशन टीवी नहीं देखती, अखबार नहीं पढती, मनोरंजन के परंपरागत साधन मेला, सर्कस, मैजिक शो में इनकी दिलचस्पी नहीं होती। इनकी अपनी एक वर्चुअल दुनिया होती है। पश्चिम में जितने भी शोध इस जेनरेशन पर हो रहे हैं उनमें सर्वाधिक चिंताजनक स्थिति इस जनरेशन को लेकर यह आई है यह जेनरेशन अपनी पूर्व की जनरेशन Y की अपेक्षा कम उम्र में ही यौन रूप से सक्रिय, हिंसक व भविष्य के प्रति निराशावादी है।

दैनिक व्यवहार में यह जेनरेशन पूर्व की X,Y जेनरेशन की अपेक्षा अपने हमउम्रो के साथ खुलकर अधिक गाली-गलौज अश्लील शब्दों का व्यापार करती है। एक विरोधाभास इस जेनरेशन का यह भी है यह पढ़ाई व करियर के प्रति यह जेनरेशन अपनी पूर्व की जनरेशन की अपेक्षा अधिक चिंतित व उग्र दिखाई देती है।

भारत में यह जेनरेशन स्कूल से छुट्टी लेने के लिए स्कूल में बम की झूठी अफवाह फैलाती है । कहीं 12 या 14 वर्ष का बच्चा व्यस्क महिला के साथ छेड़खानी कर रहा है, वहीं सातवीं आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले लड़के लड़कियां अश्लील शब्दों से अपने शब्दकोष को विकसित कर रहे हैं। मोबाइल फोन पर गेम खेलने से रोकने डाटने पर यही जेनरेशन मां-बाप की हत्या भी कर रही है।

यह जेनरेशन आपस में कम्युनिकेट करने के लिए एल्फाबेटिक टेक्स्ट व इमोजी का प्रयोग नहीं पोर्न कंटेंट का प्रयोग कर रही है ।जिसे ‘सेक्सटिग’ कहा जाता है। 2012 में ही इस शब्द को मरियम वेबस्टर डिक्शनरी में शामिल किया गया है।

आज भारत में यूट्यूब आदि प्लेटफार्म पर कॉमेडी के नाम पर जो अश्लीलता डार्क ह्यूमर नाम से परोसा जा रहा है उस अश्लीलता की उपासक भी यही जनरेशन है ।समय रैना जैसे अश्लील यूट्यूबर के जो लाखों करोड़ों फॉलोअर है उसका बड़ा वर्ग इसी जेनरेशन से आता हैं। इस जनरेशन को किसी भी तरह सुनकर ही सही यौन उत्तेजना संतुष्टि चाहिए ऐसे में यूट्यूब प्लेटफार्म पर लाइव पैड सब्सक्रिप्शन के साथ प्रसारित होने वाला समय रैना जैसे कामी कीड़े जिसने प्रबुद्ध कश्मीरी पंडित समुदाय की साख को भी कलंकित किया है का शो ‘इडियाज गोट लेटेंट’ काफी पॉप्युलर है।

जिसके हालिया एपिसोड के कारण भारतीय समाज में वाजिब विरोध उठ खड़ा हुआ है। उक्त आपत्तिजनक एपिसोड को यूट्यूब इंडिया ने हटा दिया है लेकिन उल्लेखनीय होगा इंटरनेट एक अथाह समुद्र है यदि यहां एक कंटेंट को डिलीट भी कर दिया जाता है तो वह कंटेंट किसी न किसी कोने में तैरता रहता है ।उस एपिसोड में एक निर्लज्ज यूट्यूबर पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादीया जिसका दूर-दूर तक इलाहाबाद से कोई नाता नहीं है दरअसल उसका शुद्ध नाम रणवीर अरोड़ा है इसके माता-पिता डॉक्टर हैं ।उसने शौ में पति-पत्नी व उनकी संतान के पावन त्रिकोण के संबंध में जो अश्लील वाक्य कहा है उसे मैं यहां शब्दशः अंकित नहीं कर सकता लेकिन शब्द योजना को बताते हुए आपको अवगत जरूर करना चाहूंगा रणबीर अरोड़ा उर्फ रणवीर इलाहाबादीया ने कहा है जज के रुप में समय रैना के शो में शामिल होते हुए एक प्रतिभागी से उन्होंने पूछा-” आप क्या पसंद करेंगे -अपने मां-बाप को रोज-रोज अतरंग संबंध बनाते हुए देखना या एक दिन खुद इस अतरंग संबंध में शामिल होकर इस सिलसिले को सदा सदा के लिए खत्म करना”।

यह कहते हुए रणबीर इलाहाबादी हंस रहा था साथ‌ ही शो में बतौर जज एक लड़की अपूर्वा मखीजा जिसका नाम बताया जाता है वह भी दांत फाड़ फाड़ कर हंसने लगी एक पगड़ीधारी सिख युट्यूबर भी जज बनकर बैठा हुआ था यही तो है असली इंडिया विविधता में एकता। रणबीर से पुर्व उस लड़की ने भी बेहद अश्लील कमेंट एक प्रतिभागी पर किया था। यहां उल्लेखनीय होगा ऐसे अश्लील यूट्यूब शो में शामिल होने वाले प्रतिभागी भी कोई दूध के धुले नहीं होते यह भी उतना ही बड़े लफंगे होते हैं।

रणबीर इलाहाबादीया हो या समय रैना या अन्य अश्लील स्टैंड अप कॉमेडी करने वाले यह कॉमेडियन बहुत शातिर दिमाग के धनी होते हैं। यह अश्लीलता को मुंह मांगे दामों पर बेच रहे हैं ।कमजोर भारतीय आईटी एक्ट, अश्लीलता व पोर्नोग्राफी से जुड़े प्रभावहीन कानूनो , लकवा ग्रस्त सूचना प्रसारण मंत्रालय के कारण ऐसा हो पा रहा है। मूल विचारणीय बिंदु तो यही है कोई चीज तभी बिकती है जब उसका खरीददार होता है भारत में अश्लीलता का खरीदार बहुत बड़ा वर्ग है डार्क हुमर के नाम से पड़ोसी जाने वाली इस पोर्न या सेमी पोर्न कॉमेडी का प्रचलन दिल्ली गुरुग्राम बेंगलुरु मुंबई आदि महानगरों में पिछले चार-पांच वर्षों से तेजी से हुआ है वहां जो इन शो की ऑडियंस होती है उसमें आपको हैरत होगी अधेड़ उम्र की महिलाएं कभी-कभी सास बहू तो कभी-कभी ससुर बहू भाई -बहन बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड उसमें शामिल होते हैं। इनमें अधिकांश आईटी पेशेवर ,डॉक्टर ,इंजीनियर ,पायलट होते हैं। कह सकते हैं कथित हाईली क्वालिफाइड तबका इसमें शामिल होता है।

न्यू नॉर्मल के नाम से वासना के इस नंगेपन को सामाजिक स्वीकार्यता दिलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।

हैरत का विषय यह है रणबीर इलाहाबादीया जैसे अश्लील विकृत कामी मानसिकता से ग्रसित व्यक्ति को देश के प्रधानमंत्री 2024 में ‘नेशनल क्रिएटर’ का अवार्ड देकर सम्मानित करते हैं ।और यह बेशर्म यूट्यूबर देश के प्रधानमंत्री के समक्ष यह प्रस्ताव रखता है कि वह अपने पॉडकास्ट में आपका इंटरव्यू करेंगे यह उसकी इच्छा है। प्रधानमंत्री मुस्कुरा कर टाल देते हैं यहां विचारणीय यह है प्रधानमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम की भूमिका प्रधानमंत्री कार्यालय भी तय करता है क्या प्रधानमंत्री कार्यालय केवल किसी युट्यूबर की लोकप्रियता को ही प्राथमिकता देता है या उसके व्यक्तिगत जीवन उसके विचार चरित्र का भी आकलन किया जाता है। वही कुछ दिन पहले समय रैना जैसे अश्लीलता के व्यापारी को देश के घोषित सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने केबीसी शॉप में हॉट सीट पर बिठाकर उनकी कॉमेडी हाजिर जवाबी की सरहाना करते हैं ।

ऐसा ही चला रहा तो यह देश कैसे विज्ञान में नोबेल पुरस्कार हासिल करेगा कैसे यह ओलंपिक में पदक लेकर आएगा अश्लीलता का कोई शीर्ष पुरस्कार बनता है तो भारत की यह Y व Z जेनरेशन उसकी वाजिब हकदार है। अश्लील भारत तो क्रिएट किया ही जा रहा है विश्व गुरु जब बनेंगे तब बनते रहेंगे।

भारतीय संस्कृति में काम को एक पवित्र आवेग माना गया है ।संतान उत्पन्न करने के लिए लेकिन यही काम आज भारत की संतति को संतप्त कर रहा है ,क्योंकि यह धर्म पूर्वक नहीं है । गृहस्थ आश्रम में काम का नियमन किया गया है संतान को प्रजा कहा जाता है अर्थात जिसकी उत्पत्ति एक महान उद्देश्य के लिए की जाती है अर्थात ‘प्रकृष्ट रूपेण जायते इति प्रजा’ संयमित रूप से अच्छी प्रकार उत्पन्न होने के कारण संतान को प्रजा कहा जाता है ।संतान शब्द भी ‘तनु विस्तारे’ धातु से बना है जो माता-पिता के पवित्र वैचारिक दर्शन का विस्तार करती है उनकी कीर्ति का विस्तार करती है उनके जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी, वही संतान होती। भारतीय संस्कृति में ऋषियों ने असंयमी चरित्रहीन व्यक्ति को गृहस्थ आश्रम में जाने की अनुमति नहीं दी है कठोर राज नियम इसमें लागू था।वह जानते थे अपात्र व्यक्ति यदि गृहस्थ आश्रम में जाएगा तो निर्लज व्यभिचारी पशुवत समय रैना, रणबीर इलाहाबादीया जैसी संतान ही उत्पन्न करेगा। जब बीज ही खराब होगा तो फल उत्तम कैसे आएगा?

वेदों उपनिषदों में संतति विज्ञान की शिक्षा कूट-कूट कर भरी पड़ी है वहां पूर्व पीढ़ी को पितर माना गया है वर्तमान उनकी सन्तति को उनका अनुकरण उनके उत्तम चाल चरित्र से प्रेरणा लेने की शिक्षा पग-पग पर मिलती है।

यह जेनरेशन Z जेनरेशन X की संतति है एक जनरेशन में खामी रही तभी तो दुसरी जेनरेशन आज विकृत हो रही है जनरेशन Y की संतति जेनरेशन अल्फा यह कोई अन्य नाम उसे दे सकते हैं उसकी क्या स्थिति होगी इसकी भी सहज कल्पना की जा सकती है।

कोई भी काल हो कोई भी युग हो इंसान मुंह से ही खायेगा नाक से ही सांस लेगा इसी सूरज से ही ऊर्जा लेगा इसी जल से प्यास बुझाएगा प्रकृति के साथ हमारा संबंध नहीं बदलने वाला । चरित्र की उज्जवलता विचारों की पवित्रता हमेशा प्रासंगिक बनी रहेगी क्योंकि यह स्वाभाविक मानव धर्म है।मनुष्य का सारा ज्ञान नैम्तिक होता है वह उसे बाहरी परिवेश निमितों से मिलता है उसका स्वभाविक ज्ञान बहुत थोड़ा होता है यदि बाहरी परिवेश निमित्त ही भ्रष्ट है तो मनुष्य का चाल चरित्र भी भ्रष्ट हो जाएगा यदि परिवेश परिवार समाज उत्कृष्ट है उत्कृष्ट संतान से उत्कृष्ट संस्कृति का निर्माण होगा। युगो युगो से भारतीय विचारक यही संदेश दे रहे हैं अर्थववेद के एक मंत्र में परिवार को संसार की प्रथम पाठशाला व माता-पिता को इसका अध्यापक बताया गया है। फिलहाल बिना देर किए आवश्यकता है ऐसे अश्लील यूट्यूबरो को इंटरनेट आदि प्लेटफॉर्म से बैन किये जाने की आवश्यकता है ।कठोर कार्रवाई इनके विरुद्ध होनी चाहिए इन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी की भी हत्या की है।

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
nesinecasino giriş
bahislion giriş
betebet giriş
rekorbet giriş
romabet giriş
betlike giriş
ikimisli giriş
betpas giriş
betpas giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betgaranti yeni adres
betgaranti giriş güncel
betgaranti giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
pumabet giriş
romabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
pumabet giriş
pumabet giriş
romabet giriş
romabet giriş
milanobet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
jojobet giriş
jojobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
milanobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
ikimisli giriş
nesinecasino giriş
nesinecasino giriş
vegabet giriş
vegabet giriş
pumabet giriş
betnano giriş
pumabet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betpipo giriş
matbet giriş
matbet giriş
rekorbet giriş
betpipo giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betyap giriş