शिक्षकों की समाज निर्माण में भूमिका

images (56)

विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर 2024 पर विशेष:

ललित गर्ग-

विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है। इस दिन आध्यापकों को सामान्य रूप से और कतिपय कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की, उस संयुक्त बैठक को याद करने के लिये मनाया जाता है, जिसमें अध्यापकों की स्थिति पर चर्चा हुई थी और इसके लिये सुझाव प्रस्तुत किये गये थे। अतः इसे 1994 के बाद से प्रतिवर्ष लगभग 100 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है और इस प्रकार वर्ष 2024 में यह 30वाँ विश्व शिक्षक दिवस होगा। 2024 में इस दिवस की थीम है ‘शिक्षकों को सशक्त बनाना, लचीलापन मजबूत करना, स्थिरता का निर्माण करना।’ यह थीम इस बात पर जोर देती है कि शिक्षकों को सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण जागरूकता विकसित करने में छात्रों का समर्थन करने के लिए आवश्यक संसाधन और जानकारी देना कितना महत्वपूर्ण है।
शिक्षक उस माली के समान है, जो एक बगीचे को अलग अलग रूप-रंग के फूलों से सजाता है। जो छात्रों को कांटों पर भी मुस्कुराकर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण एवं शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए तमाम सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी सफलता के सशक्त माध्यम शिक्षक ही है और शिक्षकों को वह सम्मान मिलना चाहिए जिसके वे हकदार हैं। विभिन्न देशों में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीखों को मनाया जाता है। भारत के राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, चिन्तक, शिक्षाशास्त्री डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को 5 सितम्बर को पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में प्राचीन काल में शिक्षा का उद्देश्य ‘सा विद्या या विमुक्तये’ रहा अर्थात् विद्या वही है, जो मुक्ति दिलाए। आज शिक्षा का उद्देश्य ‘सा विद्या या नियुक्तये’ हो गया है अर्थात् विद्या वही जो नियुक्ति दिलाए। इस दृष्टि से शिक्षा के बदलते अर्थ ने समाज की मानसिकता को बदल दिया है। यही कारण है कि आज समाज में लोग केवल शिक्षित होना चाहते हैं, सुशिक्षित नहीं बनना चाहते। वे चाहते हैं कि ज्ञान का सीधा संबंध उनके अर्थोपार्जन से ही है। जिस ज्ञान से अधिक से अधिक धन और उच्च पद को ग्रहण किया जाए वही शिक्षा कारगर है। पर चिंता का विषय है कि भारत के शिक्षक ही आज इसकी उपेक्षा कर रहे हैं। ऐसा लगता है, मानो उनका लक्ष्य केवल बौद्धिक विकास ही है। अब शिक्षक के लिये शिक्षा एक मिशन न होकर व्यवसाय हो गयी है। इन स्थितियों से शिक्षकों को बाहर निकलने में नई शिक्षा नीति से बहुत अपेक्षाएं है।
विश्व शिक्षक दिवस उन समर्पित शिक्षकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है जो अगली पीढ़ी के दिमाग को आकार देते हैं और ज्ञान देते हैं। यह विश्वव्यापी उत्सव शिक्षकों को उनके अमूल्य प्रयासों और भावी पीढ़ियों को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित करता है। इस दिन, हम रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करके बच्चों के दिमाग और भविष्य को विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को याद करते हैं। यह उन कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित करता है जिनका वे सामना करते हैं और अपनी विशेषज्ञता को साझा करने और खुद को विकसित करने के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाते हैं। अपनी प्रतिबद्धता और जुनून के माध्यम से, शिक्षक न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि मूल्यों को भी स्थापित करते हैं, जिससे पूरे समाज पर एक स्थायी प्रभाव पड़ता है।
आज की शिक्षा मिशन न होकर, व्यवसाय बन गयी है। तमाम शिक्षक एवं शिक्षालय अपने ज्ञान की बोली लगाने लगे हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखें तो गुरु-शिष्य की परंपरा कहीं न कहीं कलंकित हो रही है। आए दिन शिक्षकों द्वारा छात्रों एवं छात्रों द्वारा शिक्षकों के साथ दुव्यर्वहार, मारपीट एवं अनुशासनहीनता की खबरें सुनने को मिलती हैं। इसे देखकर हमारी संस्कृति की इस अमूल्य गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रश्नचिह्न लगने लगे है। विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों का ही दायित्व है कि वे इस महान परंपरा को बेहतर ढंग से समझें और एक अच्छे समाज के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें। विश्व शिक्षक दिवस एक अवसर है जब हम धुंधली होती शिक्षक की आदर्श परम्परा एवं शिक्षा को परिष्कृत करनेे और जिम्मेदार व्यक्तियों का निर्माण करने की दिशा में नयी शिक्षा नीति के अन्तर्गत ठोस कार्य करें। ‘गुरु‘ का हर किसी के जीवन में बहुत महत्व होता है। समाज में भी उनका अपना एक विशिष्ट स्थान होता है।
वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका भले ही बदली हो, लेकिन उनका महत्व एवं व्यक्तित्व-निर्माण की जिम्मेदारी अधिक प्रासंगिक हुई है। क्योंकि सर्वतोमुखी योग्यता की अभिवृद्धि के बिना युग के साथ चलना और अपने आपको टिकाए रखना अत्यंत कठिन होता है। फौलाद-सा संकल्प और सब कुछ करने का सामर्थ्य ही व्यक्तित्व में निखार ला सकता है। शिक्षक ही ऐसे व्यक्तित्वों का निर्माण करते हैं। महात्मा गांधी के अनुसार सर्वांगीण विकास का तात्पर्य है- आत्मा, मस्तिष्क, वाणी और कर्म-इन सबके विकास में संतुलन बना रहे। स्वामी विवेकानंद के अनुसार सर्वांगीण विकास का अर्थ है- हृदय से विशाल, मन से उच्च और कर्म से महान। सर्वांगीण व्यक्तित्व के विकास हेतु शिक्षक आचार, संस्कार, व्यवहार और विचार- इन सबका परिमार्जन करने का प्रयत्न करते रहते थे। शिक्षकों पर इस दुनिया में सबसे प्रेरक काम और एक बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक ज्ञान का भंडार हैं जो अपने शिष्यों को अपना ज्ञान देने में विश्वास करते हैं जिससे उनके शिष्य भविष्य में दुनिया को बेहतर बनाने में सहायता कर सकेंगे। इससे ऐसी पीढ़ी निर्मित होगी जो उज्ज्वल और बुद्धिमान हो तथा वह जो दुनिया को उसी तरीके से समझे जैसी यह है और जो भावनाओं से नहीं बल्कि तर्क और तथ्यों से प्रेरित हो।
आदर्श अध्यापक के कर्तव्य है कि उनके व्यवहार में नम्रता एवं विनम्रता का भाव हो, उनमें सहजता गंभीरता एवं विद्वता झलकता हो ,उनकी वाणी ऐसी हो कि बच्चे के मन को जीत ले। वैसे तो शिक्षक का पद अत्यंत गरिमा पूर्ण होता है, क्योकिं ‘‘जिस प्रकार खेती के लिए बीज, खाद एवं उपकरण के रहते हुए, अगर किसान नहीं हैं, तो सब बेकार है। उसी प्रकार विद्यालय के भवन, शिक्षण सामग्री एवं छात्रों के होते हुए, शिक्षक नहीं हैं तो सब बेकार है।‘‘ एक शिल्पकार प्रतिमा बनाने के लिए जैसे पत्थर को कहीं काटता है, कहीं छांटता है, कहीं तल को चिकना करता है, कहीं तराशता है तथा कहीं आवृत को अनावृत करता है, वैसे ही हर शिक्षक अपने विद्यार्थी के व्यक्तित्व को तराशकर उसे महनीय और सुघड़ रूप प्रदान करतेे हैं। हर पल उनकी शिक्षाएं प्रेरणा के रूप में, शक्ति के रूप में, संस्कार के रूप में जीवंत रहती हैं। महान् दार्शनिक आचार्य महाप्रज्ञ के शब्दों में -‘व्यक्तित्व-निर्माण का कार्य अत्यन्त कठिन है। निःस्वार्थी और जागरूक शिक्षक ही किसी दूसरे व्यक्तित्व का निर्माण कर सकता है।’ हमने सुपर-30 फिल्म में एक शिक्षक के जुनून को देखा। इस फिल्म में प्रो. आनन्द के शिक्षा-आन्दोलन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुति दी गयी है, जो विश्व परिप्रेक्ष्य में उपयोगी है।
विश्व शिक्षक दिवस का उद्देश्य मानवता को बढ़ावा देने, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने और भविष्य के नेताओं को तैयार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानना है। यह शिक्षकों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर विचार करने और दुनिया भर में शिक्षकों के लिए अधिक धन, तैयारी और सम्मान के लिए दबाव बनाने का अवसर है। आज शिक्षक एवं शिक्षा का महत्व ज्यादा है। जैसाकि महात्मा गांधी ने कहा था-एक स्कूल खुलेगी तो सौ जेलें बंद होंगी। पर आज उल्टा हो रहा है। स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ जेलों के स्थान छोटे पड़ रहे हैं। जेलों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ रही है। स्पष्ट है- हिंसा और अपराधों की वृद्धि में वर्तमान शिक्षा प्रणाली एवं शिक्षक भी एक सीमा तक जिम्मेदार है। अशिक्षित और मूर्ख की अपेक्षा शिक्षित और बुद्धिमान अधिक अपराध कर रहे हैं। वह अपने पापों और दोषों पर आवरण डालने हेतु अधिक युक्तियां सोच सकते हैं। इस स्थिति के लिये शिक्षक ही जिम्मेदार है।

Comment:

betbox giriş
betnano giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
sekabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
romabet giriş
romabet giriş
betnano giriş
sekabet giriş
sekabet giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
winxbet giriş
yakabet giriş
jojobet giriş
jojobet giriş
batumslot giriş
batumslot
batumslot giriş
galabet giriş
galabet giriş
betplay giriş
betplay giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
galabet giriş
betamiral giriş
betamiral giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
galabet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
Betgar güncel
Betgar giriş
Betgar giriş adresi
betnano giriş
galabet giriş
betnano giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betnano giriş
betasus giriş
norabahis giriş
nitrobahis giriş
noktabet giriş
betvole giriş
betvole giriş
betkolik güncel giriş
betkolik güncel
betkolik giriş
yakabet giriş
betasus giriş
betnano giriş
romabet giriş
yakabet giriş
queenbet giriş
queenbet giriş
betnano giriş
winxbet giriş
betamiral giriş
livebahis giriş
grandpashabet giriş
wojobet giriş
wojobet giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betbox giriş
betkare giriş
kareasbet giriş
noktabet giriş
extrabet giriş
extrabet giriş
nisanbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betsat giriş
betsat giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betorder giriş
wojobet giriş
wojobet giriş
livebahis giriş
livebahis giriş
nisanbet giriş
nisanbet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betorder giriş
betsat giriş
betsat giriş