हम्मीर देव चौहान ने झुका दिया था जलालुद्दीन का मस्तक

कायर कौन होता है इस आलेख का शुभारंभ हम इसी प्रश्न से करेंगे कि कायर होता कौन है? यह दोषारोपण सामान्यत: हिंदुओं पर किया जाता है कि वे विगत 1200-1300 वर्षों के इतिहासकाल में कायर रहे हैं। हमने भी यहां कायर के विषय में ही प्रश्न कर दिया है कि ये होता कौन है? अब इस प्रश्न के उत्तर पर विचार करें। सहज रूप से देखें -अपने चारों ओर के परिवेश को और उन परिस्थितियों को जिनमें हम डाकू को या किसी क्रूर व्यक्ति को या किसी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को वीर के रूप में प्रसिद्घि पाते देखते हैं, ख्याति प्राप्त करते देखते हैं। संसार के लोग सामान्यत: ऐसे व्यक्ति को साहसी मानते हैं, और ऐसे व्यक्ति का साहसी के रूप में ही महिमामंडन भी करते हैं, पर वैसे उससे और उसके नाम तक से डरते हैं। डरने का या आतंकित करने वाला उसका आवरण ही उसके विषय में यह भ्रांत धारण बनाते हैं कि वह व्यक्ति साहसी है या वीर है। हमारी मान्यता इस धारणा के सर्वथा विपरीत है। हमारी मान्यता है किसाहसी या वीर व्यक्ति वह होता है जिससे दूसरे लोगों के भय का हरण होता है। इसका अभिप्राय है कि दूसरे के प्राणों को लेने वाला साहसी या वीर नही होता, अपितु दूसरों के प्राणों की दुष्टों से रक्षा कराने में समर्थ व्यक्ति साहसी या वीर होता है। हमारा ...

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आई एस : मानवता के हत्‍यारे

तनवीर जाफरी सीरिया व इराक में सक्रिय आतंकवादी जो स्वयं को इस्लामिक स्टेट्स के सिपाही बताते हैं उनका मानवता के विरुद्ध कहर जारी है। यह संगठन अपनी शक्ति तथा क्रूरता के बल पर सीरिया व इराक के अतिरिक्त तुर्की व अन्य कई अरब देशों में अपना विस्तार करना चाह रहा है। इनकी कल्पनाओं के मानचित्र में अफगानिस्तान,पाकिस्तान और आगे चलकर भारत भी शामिल है। इन्होंने अपनी शुरुआती पहचान तो सुन्नी लड़ाकों के रूप में ज़ाहिर की थी और सर्वप्रथम इराक व सीरिया के शिया समुदाय के लोगों को ही निशाना बनाना शुरु किया था। परंतु इसने बाद में अपने निशाने पर इराकी कुर्द तथा ईसाई समुदाय के लोगों को भी ले लिया। इतना ही नहीं इन्होंने अपने ज़ुल्म और आतंक का निशाना उन सैकड़ों मस्जिदों व दरगाहों तथा उन तमाम ऐतिहासिक धर्म स्थलों को भी बनाया जो सुन्नी समुदाय के विश्वास तथा आस्था का केंद्र रही हैं। इनमें कई रौज़े व मज़ारें तो पैगंबरों व सहाबियों (हज़रत मोहम्मद के साथियों)की भी थीं। और तो और इन्होंने अपने दूरगामी लक्ष्य में सऊदी अरब में हज़रत मोहम्मद के रौज़े को भी शामिल कर रखा है। चूंकि सऊदी अरब की वहाबी हुकूमत भी दरगाहों,मज़ारों आदि पर जाने,वहां सजदा करने या उन स्थानों पर प्रार्थना आदि करने की सख्त विरोधी है और आईएसआईएस भी वैसे ही विचार रखती है। इसलिए वैचारिक दृष्टि से यही माना ...

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ऐसा दोहरा मापदण्‍ड क्‍यों ?

रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड ! निर्मल रानी कहने को तो हमारे देश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून बनाए गए हैं। परंतु यदि इस बात की धरातलीय पड़ताल की जाए तो कई ऐसे विषय हैं जिन्हें देखकरयह कहा जा सकता है कि या तो वर्ग विशेष  कानून की धज्जियां उड़ाने पर तुला हुआ है और कानून की नज़रें कानून का उल्लंघन करने वाले ऐसे लोगों पर पड़ ही नहीं रही हैं। या फिर जानबूझ कर इनकी अनदेखी की जाती है। हालांकि इस प्रकार की कई बातें हैं जो हमें यह सोचने के लिए मजबूर करती हैं कि हमारे देश में नियम व कानून को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जाता है। यदि हम रेल यात्रा करने की बात करें तो हम यह देखते हैं कि मंहगाई के इस दौर में किसी साधारण व्यक्ति के लिए रेल यात्रा करना किसी ‘परियोजना’ से कम नहीं है। यानी यात्रा की दूरी के लिहाज़ से पहले तो उसे आरक्षण कराना होता है। इस बात की कोई गारंटी नहीं कि उसे उसकी मनचाही तिथि तथा उपयुक्त रेलगाड़ी में आरक्षण उपलब्ध होगा भी अथवा नहीं? उसके पश्चात यदि आरक्षण न मिले तो सामान्य डिब्बे में उसे यात्रा करनी पड़ सकती है। एक आम भारतीय नागरिक के लिए रेल के सामान्य डिब्बे में बैठने की सीट मिलना भी आसान नहीं है। अब यदि यही आम आदमी ...

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सभी धर्मस्थानों से लाऊडस्पीकर हटा दिए जाने चाहिए

निर्मल रानी जनता दल युनाईटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने पिछले दिनों अपने एक बयान में कहा कि सभी धर्मस्थानों से लाऊडस्पीकर हटा दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु लोग स्वेच्छा से धर्म स्थलों को जा सकते हैं उन्हें बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। यादव ने कहा कि धर्मस्थलों पर लाऊडस्पीकर के इस्तेमाल से ध्वनि प्रदूषण तो होता ही है साथ-साथ पास-पड़ोस के लोगों को भी इस शोर-शराबे से तकलीफ होती है। शरद यादव देश के कोई पहले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने धर्मस्थानों पर लाऊडस्पीकर के होने वाले प्रयोग का विरोध किया हो। इससे पूर्व भी देश के तमाम प्रतिष्ठित लोग तथा बुद्धिजीवी यही बातें कह चुके हैं। देश की अनेक अदालतों में इस संबंध में याचिकाएं भी दायर की जा चुकी हैं। इतना ही नहीं बल्कि न्यायालय द्वारा इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश भी जारी किए जा चुके हें। परंतु आज़ाद देश के आज़ाद नागरिक धर्म के नाम पर किसी भी क़ायदे-क़ानून,नियम तथा नैतिकता का उल्लंघन करने के लिए मानो हर समय तैयार बैठे हों। राजनैतिक दलों द्वारा लाऊडस्पीकर को धर्मस्थानों से हटाने की उम्मीद क्या करनी यह तो स्वयं इस व्यवस्था को बढ़ावा देने पर ही तुले हुए हैं। इसका प्रमाण यह है कि कुछ समय पूर्व उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले के कांठ क्षेत्र में एक धर्मस्थान पर लाऊडस्पीकर बजाने को लेकर हुए सांप्रदायिक ...

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जीत से बढ़ती जिम्मेदारी

                                                                    डा. शशि तिवारी                 विश्वास आदमी को बांधता है लेकिन विश्वास से उपजा विश्वास जब टूटता है तो आदमी न केवल नास्तिक हो जाता है बल्कि अराजक भी बन जाता है। सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ दृढ़ विश्वास का होना भी परम आवश्यक हैं। जनता की भलाई एवं विकास के लिए जनता द्वारा जनता के लिए जनता के प्रतिनिधियों के कन्धे पर उनके विश्वास को कायम रखने की अहम जिम्मेदारी होती है। इतिहास गवाह है कि जब-जब जिम्मेदारों ने गैर जिम्मेदाराना कार्य किया है, तब-तब उस व्यक्ति एवं शासक का पतन हुआ है फिर बात चाहे धर्म की हो या राजनीति की हो।                 हाल ही में हुए दो राज्यों महाराष्ट्र एवं हरियाणा के विधानसभा चुनाव ने तमाम अटकलों एवं धुंध के कोहरे को साफ करते हुए मोदी को विजयपथ को न केवल आगे बढाया बल्कि जीत की माला पहना अपना जनता पर अटूट विश्वास को भी व्यक्त किया। इस चुनाव में तमाम उन राजनीतिक पण्डों को धक्का लगा जो मोदी के जादू को उतरता हुआ बता रहे थे। इस चुनाव ने कई राजनीतिक पार्टियों को न केवल आइना दिखाया बल्कि एक साफ संदेश भी दे ...

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हम्मीर देव चौहान ने झुका दिया था जलालुद्दीन का मस्तक

कायर कौन होता है इस आलेख का शुभारंभ हम इसी प्रश्न से करेंगे कि कायर होता कौन है? यह दोषारोपण सामान्यत: हिंदुओं पर किया जाता है कि वे विगत 1200-1300 वर्षों के इतिहासकाल में कायर रहे हैं। हमने भी यहां कायर के विषय में ही प्रश्न कर दिया है कि ये होता कौन है? अब इस प्रश्न के उत्तर पर

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आई एस : मानवता के हत्‍यारे

तनवीर जाफरी सीरिया व इराक में सक्रिय आतंकवादी जो स्वयं को इस्लामिक स्टेट्स के सिपाही बताते हैं उनका मानवता के विरुद्ध कहर जारी है। यह संगठन अपनी शक्ति तथा क्रूरता के बल पर सीरिया व इराक के अतिरिक्त तुर्की व अन्य कई अरब देशों में अपना विस्तार करना चाह रहा है। इनकी कल्पनाओं के मानचित्र में अफगानिस्तान,पाकिस्तान और आगे चलकर

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ऐसा दोहरा मापदण्‍ड क्‍यों ?

रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड ! निर्मल रानी कहने को तो हमारे देश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून बनाए गए हैं। परंतु यदि इस बात की धरातलीय पड़ताल की जाए तो कई ऐसे विषय हैं जिन्हें देखकरयह कहा जा सकता है कि या तो वर्ग विशेष  कानून की धज्जियां उड़ाने पर तुला हुआ है और

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सभी धर्मस्थानों से लाऊडस्पीकर हटा दिए जाने चाहिए

निर्मल रानी जनता दल युनाईटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने पिछले दिनों अपने एक बयान में कहा कि सभी धर्मस्थानों से लाऊडस्पीकर हटा दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु लोग स्वेच्छा से धर्म स्थलों को जा सकते हैं उन्हें बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। यादव ने कहा कि धर्मस्थलों पर लाऊडस्पीकर के इस्तेमाल से ध्वनि प्रदूषण तो होता

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जीत से बढ़ती जिम्मेदारी

                                                                    डा. शशि तिवारी                 विश्वास आदमी को बांधता है लेकिन विश्वास से उपजा विश्वास जब टूटता है तो आदमी न केवल नास्तिक हो जाता है बल्कि

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आपदा निवारण के लिए आओ करें सामूहिक प्रार्थना

प्राकृतिक आपदाओं से हमारा रिश्ता ज्यादा से ज्यादा गहरा होता जा रहा है। ज्यों-ज्यों हम प्रकृति को उत्तेजित करते हैं, शोषण के मनोभावों से नैसर्गिक संपदा का अंधाधुंध दोहन करते हैं, त्यों-त्यों प्रकृति हमसे कुपित होती है। कई सारी आपदाएं प्राकृतिक हैं और ढेरों ऎसी हैं जो मानव निर्मित हैं। मानव में जब से स्वार्थ बुद्धि का उदय हुआ है

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पथरी

शरीर में अम्लता बढने से लवण जमा होने लगते है और जम कर पथरी बन जाते है . शुरुवात में कई दिनों तक मूत्र में जलन आदि होती है , जिस पर ध्यान ना देने से स्थिति बिगड़जाती है . धूप में व तेज गर्मी में काम करने से व घूमने से उष्ण प्रकृति के पदार्थों के अति सेवन से

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