खतना कराना शैतान की चाल है !

भांडाफोडू वैसे तो सभी मुसलमान मानते हैंकि इंसान को अल्लाह ने बनाया है.और उसका अकार,रूप संतुलित और ठीकठाक बनाया है .उसे किसी तरह की कमी नहीं रखी.और यह भी दावा करते हैं कि अल्लाह ने कुरआन में सारी बातें खोल खोल कर साफ़ बता दी हैं.लेकिन जब उनसे खतना के बारे में पूछा जाता है ,तो वे बेकार के बहाने करने लगते हैं.एक व्यक्ति ने जब इसके बारे में सवाल किया तो इम्पेक्ट उर्फ़ सलीम ने कहा कि अप फल को छीलकर क्यों खाते हैं.हमने कहा अगर अल्लाह को छिला हुआ फल पसंद है तो फल का नाम भी बता देते ?लेकिन मेरा मुसलमानों से सवाल है कि वे एक भी आयत बताएं जिसमे खतना का हुक्म हो .या वे बता दें कि मुहम्मद ने कब खतना कराई थी ?.,इसकी कोई हदीस बता दें? अब हम मुख्य विषय पर आते हैं कि यह अल्लाह का हुक्म नहीं !!  1 -अल्लाह ने इंसान को ...

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आतंकवाद विरोधी फतवे का क्‍यों नही होता असर ?

तनवीर जाफरी चाहे इसे कुछ पश्चिमी देशों की साजि़श का नाम दिया जाए अथवा विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या या होने के नाते इस्लाम धर्म से संबंधित लोगों की  आतंकवादी घटनाओं में अधिकांशत: दिखाई देने वाली भागीदारी या फिर रूढ़ीवादी व कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा को परवान चढ़ाने का जेहादी मिशन या फिर क्षेत्रीय समस्याओं के रूप में मिलने वाले बहाने अथवा इस्लाम के भीतर जातीय व वर्गीय संघर्ष, कुल मिलाकर दुनिया में कहीं भी कोई भी आतंकवादी घटना घटित होते ही सर्वप्रथम लोगों के ज़ेहन में एक ही बात आती है कि हो न हो, यह इस्लामी जेहादी आतंकी संगठनों में से ही किसी ने यह काम अंजाम दिया है। और इन्हीं कारणों के चलते इन दिनों इस्लाम व आतंकवाद के मध्य गहरे रिश्ते होने की बात भी बड़े ही प्रभावी तरीके से कहने की कोशिश की जा रही है। निश्चित रूप से आतंकवादी तथा इनके द्वारा अंजाम दी जाने ...

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महिलाओं के प्रति समाज की घिनौनी सोच

 -निर्मल रानी-  भारतवर्ष में नवरात्रि की समाप्ति पर कन्या पूजन किए जाने की परंपरा है। ज़ाहिर है ऐसा कर हमारा समाज यही संदेश देना चाहता है कि हमारे देश में कन्याओं को बेहद सम्मान दिया जाता है। कोई इन्हें देवी के नाम से पुकारता है तो कभी इन्हें जगतजननी का नाम दिया जाता है। परंतु क्या हमारे देश में हमारा समाज वास्तव में जैसा सार्वजनिक रूप से करता व कहता दिखाई देता है वैसा ही है या फिर ‘हाथी के दांत खाने के और दिखाने के कोई और हैं’?  हमारे देश में बलात्कार तथा महिला यौन उत्पीडऩ की अमानवीय कही जाने वाली विभिन्न प्रकार की इतनी घटनाएं होती रहती हैं कि अब भारतवर्ष इस विषय को लेकर पूरे विश्व में बदनामी का सबब बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में भी भारत में होने वाली बलात्कार की घटनाओं की खबरें प्रसारित होने लगी हैं। और हों भी क्यों ना? जब हमारे देश में ...

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गौमाता: क्या केवल हिंदुओं की ही आराध्य ?

-निर्मल रानी-  आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार गाय में हज़ारों प्रकार के गुण प्राकृतिक रूप से विद्यमान हैं। हिंदू धर्म में चूंकि धरती, मानवता तथा सृष्टि को लाभ पहुंचाने वाली प्रत्येक प्राकृतिक उत्पत्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उसे देवता अथवा भगवान का दर्जा दिया जाता रहा है। लिहाज़ा गाय जैसे लाभकारी पशु को भी उसकी अनेक विशेषताओं के चलते गऊमाता का स्थान दिया गया है। परंतु ऐसा नहीं कि हिंदू धर्म द्वारा देवी-देवता का दर्जा प्राप्त करने वाले सूर्य, चांद, पीपल, तुलसी अथवा गाय जैसी 33 करोड़ प्राकृतिक रचनाएं केवल हिंदू धर्म के लोगों को ही लाभ पहुंचाती हैं। बल्कि प्रकृति की यह सभी उत्पत्तियां पूरी मानवता के लिए समान रूप से लाभकारी हैं। इसीलिए अन्य धर्मों में भी भले ही इन्हें भगवान,देवी-देवता अथवा माता कहकर न संबोधित किया जाता हो परंतु उनकी उपयोगिता तथा उनके मान-सम्मान अथवा उनकी रक्षा के लिए लगभग सभी धर्मों में किसी न किसी रूप में ...

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मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है

राजीव शर्मा "राज" मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है कुछ जिद्दी, कुछ नक् चढ़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अब अपनी हर बात मनवाने लगी है हमको ही अब वो समझाने लगी है हर दिन नई नई फरमाइशें होती है लगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अगर डाटता हूँ तो आखें दिखाती है खुद ही गुस्सा करके रूठ जाती है उसको मनाना बहुत मुश्किल होता है गुस्से में कभी पटाखा कभी फूलझड़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है जब वो हस्ती है तो मन को मोह लेती है घर के कोने कोने मे उसकी महक होती है कई बार उसके अजीब से सवाल भी होते हैं बस अब तो वो जादू की छड़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है घर आते ही दिल उसी को पुकारता है "राज" सपने सारे अब उसी के संवारता है दुनियाँ में उसको अलग पहचान दिलानी है मेरे ...

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खतना कराना शैतान की चाल है !

भांडाफोडू वैसे तो सभी मुसलमान मानते हैंकि इंसान को अल्लाह ने बनाया है.और उसका अकार,रूप संतुलित और ठीकठाक बनाया है .उसे किसी तरह की कमी नहीं रखी.और यह भी दावा करते हैं कि अल्लाह ने कुरआन में सारी बातें खोल खोल कर साफ़ बता दी हैं.लेकिन जब उनसे खतना के बारे में पूछा जाता है ,तो वे बेकार के बहाने

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आतंकवाद विरोधी फतवे का क्‍यों नही होता असर ?

तनवीर जाफरी चाहे इसे कुछ पश्चिमी देशों की साजि़श का नाम दिया जाए अथवा विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या या होने के नाते इस्लाम धर्म से संबंधित लोगों की  आतंकवादी घटनाओं में अधिकांशत: दिखाई देने वाली भागीदारी या फिर रूढ़ीवादी व कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा को परवान चढ़ाने का जेहादी मिशन या फिर क्षेत्रीय समस्याओं के रूप में मिलने वाले

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महिलाओं के प्रति समाज की घिनौनी सोच

 -निर्मल रानी-  भारतवर्ष में नवरात्रि की समाप्ति पर कन्या पूजन किए जाने की परंपरा है। ज़ाहिर है ऐसा कर हमारा समाज यही संदेश देना चाहता है कि हमारे देश में कन्याओं को बेहद सम्मान दिया जाता है। कोई इन्हें देवी के नाम से पुकारता है तो कभी इन्हें जगतजननी का नाम दिया जाता है। परंतु क्या हमारे देश में हमारा

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गौमाता: क्या केवल हिंदुओं की ही आराध्य ?

-निर्मल रानी-  आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार गाय में हज़ारों प्रकार के गुण प्राकृतिक रूप से विद्यमान हैं। हिंदू धर्म में चूंकि धरती, मानवता तथा सृष्टि को लाभ पहुंचाने वाली प्रत्येक प्राकृतिक उत्पत्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उसे देवता अथवा भगवान का दर्जा दिया जाता रहा है। लिहाज़ा गाय जैसे लाभकारी पशु को भी उसकी अनेक विशेषताओं के चलते गऊमाता

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मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है

राजीव शर्मा “राज” मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है कुछ जिद्दी, कुछ नक् चढ़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अब अपनी हर बात मनवाने लगी है हमको ही अब वो समझाने लगी है हर दिन नई नई फरमाइशें होती है लगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी

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गांधीजी की हत्या और संघ के प्रति षडयंत्र 

एक ओर जहां दुनिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ६७वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है, वहीं इतने वर्षों बाद भी राष्ट्र को देवी रूप में पूजने वाले विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठन संघ को उनकी हत्या के षड़यंत्र से जोड़ने की कृसित मानसिकता राजनीतिक लाभ-हानि की दृष्टि

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