भारत धर्मप्राण व अहिंसा प्रधान देश होने के कारण विश्व में ‘जगदगुरु की तरह आदर पाता है। भगवान श्री राम, कृष्ण, बुद्ध व भगवान महावीर आदि सभी अवतारों व विभूतियों ने जीव मात्र में भगवान के दर्शन करने, किसी भी प्राणी की हिंसा न करने, भोजन शुद्ध – सात्विक करने की प्रेरणा दी । यह […]
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अमर्त्य सेन! गरीबी के विषय में बहुत-सी बातें तो स्पष्ट ही होती हैं । इसके नग्नतम स्वरूप को जानने एवं इसके उदगम स्रोत को पहचानने के लिए न तो किसी सुविकसित कसौटी की आवश्यकता है, न किसी चातुर्यपूर्ण मापन कला की और न ही गहरी छानबीन की। किंग लियर की तर्ज पर बेचारे फटेहाल दरिद्रों जिनके […]
नई दिल्ली । पाकिस्तान में 1947 से ही सेना की स्थिति सत्ता के लिए खतरनाक रही है । सेना तंत्र से लोकतन्त्र यहाँ सदा ही हारता रहा है । इसकी वजह पाकिस्तान का अपना इतिहास रहा है । इतिहास बीते हुए कल की दास्तान का नाम है, और पाकिस्तान का इस दृष्टि से कोई इतिहास […]
कु. मायावती का निर्णय राजनीति से प्रेरित? लखनऊ। कु. मायावती ने आखिर प्रदेश को चार राज्यो में विभाजित करने से सम्बनिधत अपनी सरकार का प्रस्ताव भारत सरकार की सेवा में भेज दिया है। देश के अधिकांश राजनीतिक दलों ने इस प्रकार प्रदेश के विभाजन को राजनीति से प्रेरित बताया है। इसका अभिप्राय है कि या […]
दक्षिण भारतीय राज्य केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक किले के भीतर पद्मनाथ भगवान का मंदिर है, इन्हें अनन्तशयन भी कहते हैं। यहां भगवान पद्मनाभ की शेषशय्या पर शयन किये हुए विशाल मूर्ति है। मूर्ति की लम्बाई 18 मीटर है। इतनी बड़ी शेषशायी मूर्ति देश विदेश के किसी और मंदिर में नहीं है। यहां भगवान […]
नौकरी ढूंढने के लिए अखबारों की खाक छानने और रिक्रूटमेंट एजेंसी के चक्कर लगाने के दिन अब नहीं रहे। नौकरियां तो बस एक क्लिक दूर हैं, अगर आप सही समय पर, सही वेबसाइट के जरिए सही एम्प्लायर की नजर में आ जाएँ। जॉब वेबसाइटों ने सारी प्रोसेस को बहुत आसान बना दिया है लेकिन साथ […]
सुबह सवेरे नाश्ते में गर्मागर्म परांठे खाने को मिल जाएं तो खाने वाले की बल्ले बल्ले हो जाती है। शायद परांठा दुनिया का एकमात्र ऐसा आहार है, जिसके नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया है। 1650 में मुगल बादशाह शाहजहां ने जब चांदनी चौक बसाया था तब से अब तक करीब तीन सदियां […]
पैसे की पैदावार
यज्ञ शर्मा व्यंग-विनोद आदमी पैसा पैदा करना चाहता है। जितना हो सके, उतना पैदा करना चाहता है। अनाप-शनाप पैदा कर सके तो और भी अच्छा। कुछ लोग इसे आर्थिक विकास कहते हैं। और, कुछ लोग बाज़ारवाद। कोई क्या कहेगा, यह इस बात पर निर्भर है कि पैसे के बारे में उसका रुख क्या है। जितना […]
बॉलीवुड फिल्मों में पिता के रोल में वैसे तो आजकल अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर और अनुपम खेर ज्यादा दिखाई दे रहे हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से पिता के रोलों पर एक तरह से काबिज हैं अभिनेता आलोक नाथ। उनके किरदारों में विविधता भले न देखने को मिलती हो लेकिन इतनी गारंटी रहती है कि […]
शिक्षा व्यवस्था में हैं खामियां डा. ब्रह्मदेव गतांक से आगे।…अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह रूप पांच यम और शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय, ईश्वरप्र्रणिधान रूप पांच नियम ये दोनों मनुष्यों के इंद्रियघोड़ों में लगाम का कार्य करते हैं। आधुनिक शिक्षा पद्धति में इनका कोई नाम लेने वाला भी नहीं है। अतः मानव बेलगाम घोड़ों के […]