इंसान की फितरत होती है कि वह जिस माहौल में पला-बढ़ा और रचा-बसा होता है उसी के आभामण्डल के साथ जीता हुआ हर क्षण उसी में इतना रमा होता है कि उसे दूसरे सारे लोग भी अपनी ही तरह नज़र आते हैं। उसके भीतर गहरे तक इन भावों का जमावड़ा बना रहता है कि वह […]
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आयुर्वेदिक दोहे
१दही मथें माखन मिले,केसर संग मिलाय,होठों पर लेपित करें,रंग गुलाबी आय..२बहती यदि जो नाक हो,बहुत बुरा हो हाल,यूकेलिप्टिस तेल लें,सूंघें डाल रुमाल.. ३अजवाइन को पीसिये ,गाढ़ा लेप लगाय,चर्म रोग सब दूर हो,तन कंचन बन जाय.. ४अजवाइन को पीस लें ,नीबू संग मिलाय,फोड़ा-फुंसी दूर हों,सभी बला टल जाय.. ५अजवाइन-गुड़ खाइए,तभी बने कुछ काम,पित्त रोग में लाभ […]
तनवीर जाफरी प्राय: धरती के तराई वाले क्षेत्रों में अथवा मैदानी इलाकों में बाढ़ आने के समाचार सुनाई देते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यदा-कदा बादल फटने अथवा भूस्खलन की खबरें ज़रूर आती हैं। परंतु जब कभी कुदरत का कहर बाढ़ के रूप में पहाड़ पर गिरता है तो कभी उत्तराखंड के केदारनाथ जैसी अभूतपूर्व त्रासदी […]
हम सभी सामाजिक प्राणी हैं इसलिए समाज के लिए जीने और कुछ करने का माद्दा हमारे भीतर होना ही चाहिए। हम तभी तक सामाजिक हैं जब तक हमारे भीतर समाज के लिए कुछ करने की भावनाएं बरकरार रहा करती हैं। ऎसा नहीं होने पर हम असामाजिक की श्रेणी प्राप्त कर लेते हैं। यह अलग बात […]
गांधी जी का चौथा बंदर !
Jassi Marwah एक बार कुछ पत्रकार और फोटोग्राफर गांधी जी के आश्रम में पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि गांधी जी के तीन बंदर हैं। एक आंख बंद किए है, दूसरा कान बंद किए है, तीसरा मुह बंद किए है। एक बुराई नहीं देखता, दूसरा बुराई नहीं सुनता और तीसरा बुराई नहीं बोलता। पत्रकारों को स्टोरी […]
जगत में ऐसा कोई नहीं जिसे शांति पसंद नहीं हो। प्रत्येक सजीव खुबसूरत जिंदगी को शांति से व्यतीत करने की चाहत रखता है लेकिन हकीकत यही है कि इस आधुनिक दुनिया में हर कोई बेचैन और अशांत है और शांति की जुगत करता रहता है जिसके लिए मानव जीवन का अपना अधिकांश समय न्यौछावर कर […]
राय वही है जो वक्त जरूरत अत्यन्त आवश्यक समझकर दी जाए और मार्गदर्शन करते हुए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बने। असल में यही ज्ञान का सदुपयोग है। आमतौर पर बिना मांगे जो दी जाती है वह राय न होकर बकवास ही है और इसका कोई उपयोग नहीं है। यही कारण है कि सदियों से […]
पूर्वजन्म के संस्कारों का इंसान पर खूब प्रभाव रहता ही है। चित्त के संस्कारों में से काफी कुछ संस्कार अपने पिछले जन्मों से जुड़े हुए होते हैं और इनका प्रभाव अपने वर्तमान जन्म पर भी पड़ता है। कुछ लोगों का स्वभाव, व्यवहार और सोच आदि पूर्वजन्मों से न्यूनाधिक रूप से मेल खाती है चाहे वे […]
हममें से हर कोई ऎसा है जो जीवन की ढेरों राहों पर चलते हुए किसी न किसी इंसान के बारे में ऎसा सोचता ही है कि कितना अच्छा होता यदि ये लोग नहीं होते। आम तौर पर इंसानियत का व्यवहार करने वाले, लोगों की भलाई और सेवा-परोपकार करने वाले लोगों के बारे में कोई ऎसा […]
समूचा संसार दो तरह के लोगों से भरा पड़ा है- कृतज्ञ और कृतघ्न। जो लोग अपने पर किए हुए अहसान का बदला चुकाने को सदैव तैयार रहते हैं,उपकारी के प्रति आदर-सम्मान और दिली भावना रखते हैं तथा अवसर आने पर उन लोगों का धन्यवाद अदा करना नहीं भूलते जिनसे उन्हें किसी न किसी रूप में […]