– ललित गर्ग भारतीय संस्कृति में विविध मांगलिक प्रतीकों का विशिष्ट महत्व है। विशेषतः हिन्दू धर्म में इन मांगलिक प्रतीकों का बहुत प्रचलन है। हर मांगलिक कार्य चाहे नया व्यापार, नववर्ष का आरंभ, गृह प्रवेश, दिवाली पूजन, यज्ञ, अनुष्ठान, विवाह, जन्म संस्कार आदि सभी में इन मांगलिक प्रतीकों का उपयोग होता है, इनके बिना कोई […]
Month: June 2015
न सूट-बूट, न सूटकेस चाहिए सूझ-बूझ!
नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी तू, तू-मैं-मैं करने की बजाय उपमाओं से काम ले रहे हैं। यदि एक कह रहा है कि यह सूट-बूट की सरकार है तो दूसरा कह रहा है यह आपकी सूटकेस की सरकार से तो अच्छी है। यानि सूट-बूट की सरकार और सूटकेस की सरकार आपस में चोंचे लड़ा रही है। […]
खौफ या आतंक के उत्सव से दिल्ली को बचाओ
नई दिल्ली जून 2. 2015 मुस्लिम त्योहारों ख़ास कर शब ए बारात के मौके पर मुस्लिम युवकों द्वारा दिल्ली की कानून व्यवस्था को ताक पर रख कर दिल्ली वासियों का जीना दूभर किए जाने की गत कुछ वर्षों की घटनाओं को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने इस बार एतिहातन कदम उठाए हैं. विहिप […]
-डा.सौरभ मालवीय “राष्ट्र सर्वोपरि” यह कहते नहीं बल्कि उसे जीते है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। पिछले कुछ दशकों में भारतीय जनमानस का मनोबल जिस प्रकार से टूटा था और अब मानों उसमें उड़ान का एक नया पंख लग गया है और अपने देश ही नहीं दुनिया भर में […]
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ मोहनदास कर्मचन्द गांधी द्वारा देश के सभी वंचित वर्गों को हमेशा के लिये पंगू बनाये रखने के लिये जबरन थोपे गये पूना पैक्ट को लागू करने के लिये भारत के संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक न्याय का उल्लेख किया गया है। जिसके क्रियान्वयन के लिये संविधान के अनुच्छेद 16 (4) में […]
विकास के मनमोहन-मोदी मॉडल से तौबा !
पुण्य प्रसून बाजपेयी साल भर पहले मनमोहन सिंह अछूत अर्थशास्त्री थे । साल भर पहले पहले जातीय राजनीति करने वाले बीजेपी के लिये अछूत थे । साल भर पहले कश्मीरी पंडितों की घरवापसी बीजेपी के लिये सबसे अहम थी । साल भर पहले किसानों के दर्द पर बीजेपी जान छिड़कने को तैयार थी । साल […]
मोदी-ममता का ढाका जाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 जून को बांग्लादेश जा रहे हैं। उनके साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जा रही हैं। यह अपने आप में इस खबर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बांग्लादेश से केंद्र सरकार अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करे, उसमें कोलकाता की सहमति न हो तो उसका हश्र क्या होगा, इसका अंदाज़ […]
गोमांस और सूअर का मांस
गृह राज्य मंत्री किरन रिजीजू ने गोमांस—भक्षण पर जो विवाद छेड़ा है, उसमें से अनेक गहरे और रोचक पहलू उभरे हैं। रिजीजू ने अपनी ही सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के विचार का खंडन किया है।यह एक ही सरकार के दो मंत्रियों की सीधी मुठभेड़ है। इस मुठभेड़ पर भाजपा […]